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अतिक्रमण की चपेट में विवेकानंद पार्क
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अतिक्रमण की चपेट में विवेकानंद पार्क
ललितपुर। शनिवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती होने के बाद भी पार्क के आसपास से अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका। इस पार्क के मुख्य गेट के बगल में ही सब्जी की दुकान लगाई जाती हैं। इसके कारण पार्क दूर से नजर नहीं आता है। यही वजह है कि पार्क में विवेकानंद के जन्म दिवस पर रौनक नजर आती है।
स्वामी विवेकानंद ने देश की संस्कृति से समूचे विश्व को परिचित कराया है लेकिन आज उनके नाम से बना पार्क बदहाली के आंसू बहा रहा है। इसके मुख्य गेट पर सब्जी की दुकानें लगती हैं। यही नहीं, आसपास के दुकानदार अन्य सामान भी गेट के समक्ष रख देते हैं। अतिक्रमण का यह हाल है कि पार्क दूर से नजर नहीं आता है। गत दिवस नगर पालिका परिषद के ईओ मधुसूदन जायसवाल दलबल के साथ पॉलिथीन जब्त करने का अभियान चला रहे थे। इस दौरान वह नझाई बाजार में गुमनामी में छिपे स्वामी विवेकानंद पार्क को देखकर हैरत में पड़ गए। उन्होंने आसपास के दुकानदारों को दुकानें हटाने के निर्देश दिए। सब्जी के दुकानदारों को ईओ के निर्देशों को हवा में उड़ा दिया। आज जब अमर उजाला की टीम इसकी वास्तविकता जानने पहुंची तो पार्क का गेट खुला था। पार्क के एक कोने में हैंडपंप का पानी फैल रहा था। प्रतिमा पर फूल मालाएं लदी थी। मुख्य गेट पर रोजाना की तरह सब्जी की दुकानें लगी थी। किसी ने उन्हें आज रोकाटोका भी नहीं। महत्वपूर्ण बात यह रही कि विवेकानंद को मानने वाले पार्क में आए और फूल माला चढ़ाकर निकल गए, यह चर्चा का विषय बन गया।
पार्क के आसपास का अतिक्रमण हटवाते हुए उसके आसपास सफाई पर ध्यान दिया जाएगा।
मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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ललितपुर। शनिवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती होने के बाद भी पार्क के आसपास से अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका। इस पार्क के मुख्य गेट के बगल में ही सब्जी की दुकान लगाई जाती हैं। इसके कारण पार्क दूर से नजर नहीं आता है। यही वजह है कि पार्क में विवेकानंद के जन्म दिवस पर रौनक नजर आती है।
स्वामी विवेकानंद ने देश की संस्कृति से समूचे विश्व को परिचित कराया है लेकिन आज उनके नाम से बना पार्क बदहाली के आंसू बहा रहा है। इसके मुख्य गेट पर सब्जी की दुकानें लगती हैं। यही नहीं, आसपास के दुकानदार अन्य सामान भी गेट के समक्ष रख देते हैं। अतिक्रमण का यह हाल है कि पार्क दूर से नजर नहीं आता है। गत दिवस नगर पालिका परिषद के ईओ मधुसूदन जायसवाल दलबल के साथ पॉलिथीन जब्त करने का अभियान चला रहे थे। इस दौरान वह नझाई बाजार में गुमनामी में छिपे स्वामी विवेकानंद पार्क को देखकर हैरत में पड़ गए। उन्होंने आसपास के दुकानदारों को दुकानें हटाने के निर्देश दिए। सब्जी के दुकानदारों को ईओ के निर्देशों को हवा में उड़ा दिया। आज जब अमर उजाला की टीम इसकी वास्तविकता जानने पहुंची तो पार्क का गेट खुला था। पार्क के एक कोने में हैंडपंप का पानी फैल रहा था। प्रतिमा पर फूल मालाएं लदी थी। मुख्य गेट पर रोजाना की तरह सब्जी की दुकानें लगी थी। किसी ने उन्हें आज रोकाटोका भी नहीं। महत्वपूर्ण बात यह रही कि विवेकानंद को मानने वाले पार्क में आए और फूल माला चढ़ाकर निकल गए, यह चर्चा का विषय बन गया।
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पार्क के आसपास का अतिक्रमण हटवाते हुए उसके आसपास सफाई पर ध्यान दिया जाएगा।
मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद