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डूडा के आवासों में नहीं बुनियादी सुविधाओं का आसरा
Updated Wed, 25 Jul 2018 01:52 AM IST
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डूडा के आवासों में नहीं बुनियादी सुविधाएं
छतों से टपक रहा पानी, शौचालय के पाइप भी बंद
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहरी गरीबों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई आसरा योजना उनके लिए दुखदायी साबित हो रही है। योजनांतर्गत बनाई गई कालोनी में अब तक बिजली, पानी के पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाए हैं। इसके अलावा छतों से बारिश का पानी टपकने और शौचालय के पाइप अवरुद्ध होने जैसी समस्याएं भी बनी हुई हैं। इससे कालोनी में निवास कर रहे परिवारों में असंतोष पनप रहा है।
शहर के निर्बल परिवारों का सामाजिक परिवेश बदलने के लिए आसरा योजना चलाई गई। इसके अंतर्गत बुढ़वार रोड पर केंद्रीय विद्यालय के पास आसरा कालोनी का निर्माण किया गया। इसमें 300 आवास बनाए गए हैं। यूपी दिवस पर इस कालोनी का लोकार्पण किया गया था। इसमें मलिन बस्तियों के अल्प आय, मेहनतकश परिवार जिनके पास आवास न हो और उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो, ऐसे आवासहीन व्यक्तियों को योजना में पात्र बनाया गया। कालोनी में अनुसूचित जाति के लिए 168 और सामान्य वर्ग के लिए 132 आवास स्वीकृत किए गए हैं। लेकिन बीते माहों में अपनाई गई आवेदन की प्रक्रिया में कम ही लोगों ने दिलचस्पी दिखाई। नतीजा यह हुआ कि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए गए 118 आवास आवंटित नहीं हो सके। वहीं, सामान्य वर्ग के करीब आधा सैकड़ा आवास रिक्त हैं। पच्चीस मई 18 को जो 118 आवासों की चाबी चयनित लाभार्थियों को दी गई हैं, उनमें से केवल 45 परिवार कालोनी में अपना सामान लेकर पहुंचे हैं, बाकि के आवासों में ताला पड़ा है। ऐसे व्यक्ति यहां कभी-कभार ही आवास की सफाई करने के लिए पहुंचते हैं। इसकी वजह कालोनी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव होना है। जिन निर्बल परिवारों ने हंसी खुशी नवनिर्मित आवासों मेें रहना स्वीकार किया हैं, उन्हें अब बिजली, पानी सहित विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी पेयजल की है। यहां लाखों रुपये की लागत से पानी के लिए टंकी बनाई गई है लेकिन इसे अभी तक भरा नहीं जा सका है। बताते हैं कि बिजली का ट्रांसफार्मर रखा जाना है तब जाकर टंकी को भरने का सिलसिला आरंभ हो पाएगा। वर्तमान में ठेकेदार कालोनी में रह रहे लोगों की प्यास बुझा रहा है। वर्तमान में ठेकेदार का बोर भी पानी के लिए परेशान करने लगा है। कालोनी में कहीं भी विकल्प के रूप में एक हैंडपंप नहीं लगाया गया है। जिससे कालोनी वासियों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। इस कालोनी में ग्रामीण क्षेत्र की बिजली दी जा रही है, जिससे बार-बार बिजली चली जाती है। जब तक बिजली नहीं आती तब तक पानी भी नहीं मिल पाता है। कालोनीवासियों का आरोप है कि कालोनी की छतों पर घटिया सामग्री लगाई गई है, जिससे छत पर बारिश का पानी नहीं रुकता है। जब तेज बारिश होती है तो छतों से कमरों के अंदर पानी टपकने लगता है। कई ब्लाकों में शौचालय के पाइप चोक होने की भी समस्या देखी जा रही है। इस संबंध में कालोनी वासियों ने डीएम को एक शिकायती पत्र दिया है।
दो बार करा चुके बोर की मरम्मत
कालोनी के लोग ठेकेदार के बोर से पेयजल का इंतजाम कर रहे हैं। उसमें में दिक्कत आने लगी है। इसकी दो बार मरम्मत हम लोगों ने खुद कराई है। लेकिन अब तक पेयजल की व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो सकी है। जो टंकी बनाई गई है, उसे अभी तक चालू नहीं कराया गया है।
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लाखन सिंह
कालोनी के आसपास नहीं कोई सुविधा
शहर से काफी दूर एकांत इलाके में कालोनी का निर्माण कराया गया है। जहां यातायात की समस्या बनी रहती है। रात्रि में यदि शहर या अस्पताल जाना पड़े तो यहां से कोई टैक्सी भी नहीं मिलती है। कालोनी में लोग कैद होकर रह गए हैं। रात्रि में बगैर निजी वाहन के कोई शहर नहीं पहुंच सकता है।
प्रभा देवी
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कालोनी छोड़ने का कर रहे मन
कालोनी में बिजली, पानी की समस्या ने उसे परेशान कर दिया है। टैक्सी चलाकर घर का भरण पोषण कर रहे हैं। यदि हम टैक्सी चलाने के लिए शहर चले जाते हैं तो घर में दिव्यांग पत्नी के लिए पीने के पानी का इंतजाम करना मुश्किल हो जाता है। उस समय स्थिति बिगड़ जाती है जब बिजली सुबह गुल हो जाती है। ऐसे में बिजली के इंतजार में टैक्सी चलाने भी नहीं जा पाते हैं।
सोनू
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कालोनी में नहीं कोई आंगनबाड़ी केंद्र
कालोनी में अब तक कोई आंगनबाड़ी केंद्र तक नहीं खोला गया है। जिससे छोटे-छोटे बच्चे बाल विकास परियोजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। वहीं, स्कूल में दाखिले की भी समस्या खड़ी हो गई है। केंद्रीय विद्यालय में आसानी से प्रवेश होते नहीं हैं और अन्य कोई स्कूल आसपास नहीं है।
आरती
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शहर के फीडर से जोड़ी जाए बिजली
कालोनी वासियों के लिए बिजली की व्यवस्था की जाए। ग्रामीण क्षेत्र की बिजली अक्सर गायब रहती है। उसी बिजली पर पेयजल की व्यवस्था है इसलिए सबसे पहले बिजली को शहरी फीडर से जोड़ा जाए, जिससे बिजली के साथ पेयजल की समस्या का भी हल हो जाएगा।
प्रतिभा सिंह
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ट्रांसफार्मर के लिए जमा हो चुकी धनराशि
कालोनी में बिजली के इंतजाम के लिए दो ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की जानी है। एक से घर से रोशन होंगे तो दूसरे से पानी की टंकी भरी जाएगी। ट्रांसफार्मर के लिए विद्युत विभाग में धनराशि जमा की जा चुकी है। यदि अन्य कोई समस्या है तो कालोनी में मौके का निरीक्षण कर लिया जाएगा।
पीयूष चंद्र राय
परियोजना अधिकारी
जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा
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छतों से टपक रहा पानी, शौचालय के पाइप भी बंद
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहरी गरीबों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई आसरा योजना उनके लिए दुखदायी साबित हो रही है। योजनांतर्गत बनाई गई कालोनी में अब तक बिजली, पानी के पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाए हैं। इसके अलावा छतों से बारिश का पानी टपकने और शौचालय के पाइप अवरुद्ध होने जैसी समस्याएं भी बनी हुई हैं। इससे कालोनी में निवास कर रहे परिवारों में असंतोष पनप रहा है।
शहर के निर्बल परिवारों का सामाजिक परिवेश बदलने के लिए आसरा योजना चलाई गई। इसके अंतर्गत बुढ़वार रोड पर केंद्रीय विद्यालय के पास आसरा कालोनी का निर्माण किया गया। इसमें 300 आवास बनाए गए हैं। यूपी दिवस पर इस कालोनी का लोकार्पण किया गया था। इसमें मलिन बस्तियों के अल्प आय, मेहनतकश परिवार जिनके पास आवास न हो और उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो, ऐसे आवासहीन व्यक्तियों को योजना में पात्र बनाया गया। कालोनी में अनुसूचित जाति के लिए 168 और सामान्य वर्ग के लिए 132 आवास स्वीकृत किए गए हैं। लेकिन बीते माहों में अपनाई गई आवेदन की प्रक्रिया में कम ही लोगों ने दिलचस्पी दिखाई। नतीजा यह हुआ कि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए गए 118 आवास आवंटित नहीं हो सके। वहीं, सामान्य वर्ग के करीब आधा सैकड़ा आवास रिक्त हैं। पच्चीस मई 18 को जो 118 आवासों की चाबी चयनित लाभार्थियों को दी गई हैं, उनमें से केवल 45 परिवार कालोनी में अपना सामान लेकर पहुंचे हैं, बाकि के आवासों में ताला पड़ा है। ऐसे व्यक्ति यहां कभी-कभार ही आवास की सफाई करने के लिए पहुंचते हैं। इसकी वजह कालोनी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव होना है। जिन निर्बल परिवारों ने हंसी खुशी नवनिर्मित आवासों मेें रहना स्वीकार किया हैं, उन्हें अब बिजली, पानी सहित विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी पेयजल की है। यहां लाखों रुपये की लागत से पानी के लिए टंकी बनाई गई है लेकिन इसे अभी तक भरा नहीं जा सका है। बताते हैं कि बिजली का ट्रांसफार्मर रखा जाना है तब जाकर टंकी को भरने का सिलसिला आरंभ हो पाएगा। वर्तमान में ठेकेदार कालोनी में रह रहे लोगों की प्यास बुझा रहा है। वर्तमान में ठेकेदार का बोर भी पानी के लिए परेशान करने लगा है। कालोनी में कहीं भी विकल्प के रूप में एक हैंडपंप नहीं लगाया गया है। जिससे कालोनी वासियों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। इस कालोनी में ग्रामीण क्षेत्र की बिजली दी जा रही है, जिससे बार-बार बिजली चली जाती है। जब तक बिजली नहीं आती तब तक पानी भी नहीं मिल पाता है। कालोनीवासियों का आरोप है कि कालोनी की छतों पर घटिया सामग्री लगाई गई है, जिससे छत पर बारिश का पानी नहीं रुकता है। जब तेज बारिश होती है तो छतों से कमरों के अंदर पानी टपकने लगता है। कई ब्लाकों में शौचालय के पाइप चोक होने की भी समस्या देखी जा रही है। इस संबंध में कालोनी वासियों ने डीएम को एक शिकायती पत्र दिया है।
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दो बार करा चुके बोर की मरम्मत
कालोनी के लोग ठेकेदार के बोर से पेयजल का इंतजाम कर रहे हैं। उसमें में दिक्कत आने लगी है। इसकी दो बार मरम्मत हम लोगों ने खुद कराई है। लेकिन अब तक पेयजल की व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो सकी है। जो टंकी बनाई गई है, उसे अभी तक चालू नहीं कराया गया है।
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लाखन सिंह
कालोनी के आसपास नहीं कोई सुविधा
शहर से काफी दूर एकांत इलाके में कालोनी का निर्माण कराया गया है। जहां यातायात की समस्या बनी रहती है। रात्रि में यदि शहर या अस्पताल जाना पड़े तो यहां से कोई टैक्सी भी नहीं मिलती है। कालोनी में लोग कैद होकर रह गए हैं। रात्रि में बगैर निजी वाहन के कोई शहर नहीं पहुंच सकता है।
प्रभा देवी
.....
कालोनी छोड़ने का कर रहे मन
कालोनी में बिजली, पानी की समस्या ने उसे परेशान कर दिया है। टैक्सी चलाकर घर का भरण पोषण कर रहे हैं। यदि हम टैक्सी चलाने के लिए शहर चले जाते हैं तो घर में दिव्यांग पत्नी के लिए पीने के पानी का इंतजाम करना मुश्किल हो जाता है। उस समय स्थिति बिगड़ जाती है जब बिजली सुबह गुल हो जाती है। ऐसे में बिजली के इंतजार में टैक्सी चलाने भी नहीं जा पाते हैं।
सोनू
....
कालोनी में नहीं कोई आंगनबाड़ी केंद्र
कालोनी में अब तक कोई आंगनबाड़ी केंद्र तक नहीं खोला गया है। जिससे छोटे-छोटे बच्चे बाल विकास परियोजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। वहीं, स्कूल में दाखिले की भी समस्या खड़ी हो गई है। केंद्रीय विद्यालय में आसानी से प्रवेश होते नहीं हैं और अन्य कोई स्कूल आसपास नहीं है।
आरती
.....
शहर के फीडर से जोड़ी जाए बिजली
कालोनी वासियों के लिए बिजली की व्यवस्था की जाए। ग्रामीण क्षेत्र की बिजली अक्सर गायब रहती है। उसी बिजली पर पेयजल की व्यवस्था है इसलिए सबसे पहले बिजली को शहरी फीडर से जोड़ा जाए, जिससे बिजली के साथ पेयजल की समस्या का भी हल हो जाएगा।
प्रतिभा सिंह
.....
ट्रांसफार्मर के लिए जमा हो चुकी धनराशि
कालोनी में बिजली के इंतजाम के लिए दो ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की जानी है। एक से घर से रोशन होंगे तो दूसरे से पानी की टंकी भरी जाएगी। ट्रांसफार्मर के लिए विद्युत विभाग में धनराशि जमा की जा चुकी है। यदि अन्य कोई समस्या है तो कालोनी में मौके का निरीक्षण कर लिया जाएगा।
पीयूष चंद्र राय
परियोजना अधिकारी
जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा