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आठ सौ छह परीक्षार्थियों ने छोड़ी टीईटी
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टीईटी परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस बल
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर/ तालबेहट। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) शांतिपूर्ण ढंग से हो गई। आठ सौ छह परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग नहीं लिया। दो दर्जन से अधिक ऐसे भी परीक्षार्थी रहे, जो इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी एवं एनआईओएस से उत्तीर्ण थे, जिन्हें परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया। विभागीय अफसरों का तर्क है कि शासन की गाइडलाइन में इन दोनों ही संस्थानों का जिक्र नहीं किया गया है, जिससे उन्हें रोका गया है।
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा दो पालियों में रखी गई। प्रथम पाली सुबह 10 से 12.30 बजे तक एवं द्वितीय पाली 02.30 से 05 बजे तक आयोजित हुई। प्रथम पाली में 11 केंद्रों पर 6031 नामांकित थे, जिसके सापेक्ष 5467 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे। इसी प्रकार द्वितीय पाली में छह केंद्रों पर नामांकित 2877 के मुकाबले 2635 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। प्रथम पाली में 04 जोनल मजिस्ट्रेट, 05 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 11 स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं 11 पर्यवेक्षक परीक्षा पर नजर रखे रहे। नामित अधिकारी परीक्षा केंद्रों का लगातार भ्रमण करते रहे। द्वितीय पाली में 02 जोनल मजिस्ट्रेट, 02 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 05 स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं 05 पर्यवेक्षक परीक्षा को सुचितापूर्ण तरीके से संपन्न कराने में डटे रहे। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, वॉयस रिकॉर्डर की व्यवस्था की, जिससे परीक्षार्थी नकल करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। रिपोर्टिंग समय केंद्रों पर पुरुष एवं महिलाओं की तलाशी के लिए महिला एवं पुरुष कर्मचारी अलग-अलग तैनात किए गए थे।
प्रथम पाली में एनआईओएस से उत्तीर्ण परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने से वंचित होना पड़ा। जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर ने सेक्टर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में परीक्षार्थियों को शासन की गाइड लाइन बताई। इसमें बताया गया कि एनआईओएस को परीक्षा में शामिल होने के लिए कुछ नहीं कहा गया है। द्वितीय पाली में भी इसी तरह की समस्या आई, जब इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से संबंधित परीक्षार्थी केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंचे तो उन्हें भी रोक दिया गया। इस तरह दोनों संस्थानों के दो दर्जन से ज्यादा परीक्षार्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं दे पाए।उधर, तालबेहट में बुधवार को दो केंद्रों पर आयोजित टीईटी की परीक्षा में कुछ अभ्यर्थी प्रमाण पत्रों की कमी के कारण परीक्षा से बाहर कर दिए गए। श्री मर्दन सिंह इंटर कालेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को पहली बार टीईटी की परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इसमें क्रमश: 500 और 231 परीक्षाथियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। अपर जिलाधिकारी न्यायिक लवकुश त्रिपाठी को श्री मर्दन सिंह इंटर कॉलेज तथा एसडीएम मोहम्मद कमर को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज तालबेहट का परीक्षा का प्रभारी बनाया गया था। कुछ अभ्यर्थी अपने साथ प्रवेश पत्र की प्रमाणित प्रतियां नहीं लाए थे, कुछ प्रवेश पत्र घर पर भूल आए थे। प्रपत्र पूर्ण न होने वाले अभ्यर्थियों को अंदर नहीं जाने दिया गया। मर्दन सिंह इंटर कालेज में 500 के सापेक्ष 439 और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 231 के सापेक्ष 200 ने परीक्षा दी। इस प्रकार लगभग साढे बाहर फीसदी से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
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शिक्षक पात्रता परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। कुछ परीक्षार्थियों ने परीक्षा में शामिल नहीं होने पर आपत्ति जताई थी लेकिन उन्हें गाइडलाइन दिखाकर संतुष्ट किया गया। बाकी अन्य कोई समस्या कहीं से प्राप्त नहीं हुई।
- रामशंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा दो पालियों में रखी गई। प्रथम पाली सुबह 10 से 12.30 बजे तक एवं द्वितीय पाली 02.30 से 05 बजे तक आयोजित हुई। प्रथम पाली में 11 केंद्रों पर 6031 नामांकित थे, जिसके सापेक्ष 5467 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे। इसी प्रकार द्वितीय पाली में छह केंद्रों पर नामांकित 2877 के मुकाबले 2635 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। प्रथम पाली में 04 जोनल मजिस्ट्रेट, 05 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 11 स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं 11 पर्यवेक्षक परीक्षा पर नजर रखे रहे। नामित अधिकारी परीक्षा केंद्रों का लगातार भ्रमण करते रहे। द्वितीय पाली में 02 जोनल मजिस्ट्रेट, 02 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 05 स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं 05 पर्यवेक्षक परीक्षा को सुचितापूर्ण तरीके से संपन्न कराने में डटे रहे। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, वॉयस रिकॉर्डर की व्यवस्था की, जिससे परीक्षार्थी नकल करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। रिपोर्टिंग समय केंद्रों पर पुरुष एवं महिलाओं की तलाशी के लिए महिला एवं पुरुष कर्मचारी अलग-अलग तैनात किए गए थे।
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प्रथम पाली में एनआईओएस से उत्तीर्ण परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने से वंचित होना पड़ा। जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर ने सेक्टर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में परीक्षार्थियों को शासन की गाइड लाइन बताई। इसमें बताया गया कि एनआईओएस को परीक्षा में शामिल होने के लिए कुछ नहीं कहा गया है। द्वितीय पाली में भी इसी तरह की समस्या आई, जब इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से संबंधित परीक्षार्थी केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंचे तो उन्हें भी रोक दिया गया। इस तरह दोनों संस्थानों के दो दर्जन से ज्यादा परीक्षार्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं दे पाए।उधर, तालबेहट में बुधवार को दो केंद्रों पर आयोजित टीईटी की परीक्षा में कुछ अभ्यर्थी प्रमाण पत्रों की कमी के कारण परीक्षा से बाहर कर दिए गए। श्री मर्दन सिंह इंटर कालेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को पहली बार टीईटी की परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इसमें क्रमश: 500 और 231 परीक्षाथियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। अपर जिलाधिकारी न्यायिक लवकुश त्रिपाठी को श्री मर्दन सिंह इंटर कॉलेज तथा एसडीएम मोहम्मद कमर को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज तालबेहट का परीक्षा का प्रभारी बनाया गया था। कुछ अभ्यर्थी अपने साथ प्रवेश पत्र की प्रमाणित प्रतियां नहीं लाए थे, कुछ प्रवेश पत्र घर पर भूल आए थे। प्रपत्र पूर्ण न होने वाले अभ्यर्थियों को अंदर नहीं जाने दिया गया। मर्दन सिंह इंटर कालेज में 500 के सापेक्ष 439 और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 231 के सापेक्ष 200 ने परीक्षा दी। इस प्रकार लगभग साढे बाहर फीसदी से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
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शिक्षक पात्रता परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। कुछ परीक्षार्थियों ने परीक्षा में शामिल नहीं होने पर आपत्ति जताई थी लेकिन उन्हें गाइडलाइन दिखाकर संतुष्ट किया गया। बाकी अन्य कोई समस्या कहीं से प्राप्त नहीं हुई।
- रामशंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक