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Lalitpur News: पीएम विश्वकर्मा योजना में 800 लोगों को मिला प्रशिक्षण, किट वितरण सिर्फ एक
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- तीन सौ लोगों को मिल चुकी है ऋण की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पीएम विश्वकर्मा योजना के जनपद में कुल 6800 आवेदन आए, जिसमें 2189 आवेदकों को सत्यापित किया गया। इनमें से 800 को प्रशिक्षण दिया गया, लेकिन किट वितरण अभी एक आवेदक को ही हो सकी है।
शासन ने कुशल कारीगरों को उचित प्लेटफार्म व अपना कार्य आगे बढ़ाने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना चलाई है। इस योजना के तहत कारीगरों को एक लाख रुपये तक ऋण दिया जाता है। इस योजना में 6800 आवेदन आए हुए हैं, जिसमें अभी तक 2189 लोगों को तृतीय सत्यापन कर उन्हें प्रशिक्षण के पात्र पाया गया है, आठ सौ लोगों को इस योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिसमें से तीन सौ लोगों को ऋण वितरण किया जा चुका है। लेकिन प्रशिक्षण के बाद जो शासन से किट प्राप्त होती है, वह सिर्फ एक लाभार्थी को वितरित की गई है। अन्य किसी लाभार्थी को किट का आवंटन नहीं हुआ है। इस योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण पांच प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से लाभार्थी को 18 महीने तक दिया जाता है। समय से ऋण अदा करने वाले को आगे दो लाख तक ऋण स्वीकृत किया जाता है।
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इन ट्रेडों में कर सकते हैं, आवेदन
इन ट्रेडों में राजमिस्त्री, दर्जी, लोहार, नाई, टोकरी बनाने वाला, कुंहार, धोबी, सुनार, हथौड़ा और औजार बनाने वाला, माली, मूर्तिकार, मोची, गुड़िया और खिलौना, बढ़ई, मछली पकड़ने का जाल बनाने के लिए, ताला बनाने वाला, नाव बनाने वाला, शस्त्रागार बनाने वाला शामिल हैं। हालांकि हाल में शासन राजमिस्त्री व दर्जी के ट्रेड में आवेदन स्वीकार करने पर रोक लगा दी है। अन्य ट्रेडों पर आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।
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पीएम विश्वकर्मा योजना से कुशल कारीगरों को अपना रोजगार बढ़ाने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। उन्हें प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक मशीनों के प्रयोग की जानकारी दी जाती है। अभी तक इस योजना से 800 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
अत्तहर जमाल, उपायुक्त उद्योग।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पीएम विश्वकर्मा योजना के जनपद में कुल 6800 आवेदन आए, जिसमें 2189 आवेदकों को सत्यापित किया गया। इनमें से 800 को प्रशिक्षण दिया गया, लेकिन किट वितरण अभी एक आवेदक को ही हो सकी है।
शासन ने कुशल कारीगरों को उचित प्लेटफार्म व अपना कार्य आगे बढ़ाने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना चलाई है। इस योजना के तहत कारीगरों को एक लाख रुपये तक ऋण दिया जाता है। इस योजना में 6800 आवेदन आए हुए हैं, जिसमें अभी तक 2189 लोगों को तृतीय सत्यापन कर उन्हें प्रशिक्षण के पात्र पाया गया है, आठ सौ लोगों को इस योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिसमें से तीन सौ लोगों को ऋण वितरण किया जा चुका है। लेकिन प्रशिक्षण के बाद जो शासन से किट प्राप्त होती है, वह सिर्फ एक लाभार्थी को वितरित की गई है। अन्य किसी लाभार्थी को किट का आवंटन नहीं हुआ है। इस योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण पांच प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से लाभार्थी को 18 महीने तक दिया जाता है। समय से ऋण अदा करने वाले को आगे दो लाख तक ऋण स्वीकृत किया जाता है।
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इन ट्रेडों में कर सकते हैं, आवेदन
इन ट्रेडों में राजमिस्त्री, दर्जी, लोहार, नाई, टोकरी बनाने वाला, कुंहार, धोबी, सुनार, हथौड़ा और औजार बनाने वाला, माली, मूर्तिकार, मोची, गुड़िया और खिलौना, बढ़ई, मछली पकड़ने का जाल बनाने के लिए, ताला बनाने वाला, नाव बनाने वाला, शस्त्रागार बनाने वाला शामिल हैं। हालांकि हाल में शासन राजमिस्त्री व दर्जी के ट्रेड में आवेदन स्वीकार करने पर रोक लगा दी है। अन्य ट्रेडों पर आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।
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पीएम विश्वकर्मा योजना से कुशल कारीगरों को अपना रोजगार बढ़ाने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। उन्हें प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक मशीनों के प्रयोग की जानकारी दी जाती है। अभी तक इस योजना से 800 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
अत्तहर जमाल, उपायुक्त उद्योग।