{"_id":"5f9332cc8ebc3e9c064f8bbb","slug":"63-infected-not-declaring-containment-zone-lalitpur-news-jhs1794048132","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैसे थमे कोरोना जब 63 संक्रमित पर भी नहीं बना कंटेनमेंट जोन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैसे थमे कोरोना जब 63 संक्रमित पर भी नहीं बना कंटेनमेंट जोन
विज्ञापन
corona hotspot
- फोटो : corona hotspot
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। ब्लॉक बार के ग्राम बुरागांव स्थित पावर प्लांट में कोरोना वायरस का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां पर पहला संक्रमित 14 अगस्त को पाया गया था। तब से लेकर अब तक संक्रमितों की संख्या 63 पहुंच गई है। लेकिन प्लांट को अब तक कंटेनमेंट जोन घोषित नहीं किया गया है। इस पूरे मामले में जिम्मेदार अफसर मौन हैं। जिले में कोरोना वायरस संक्रमण लगातार अपनी रफ्तार बनाए हुए है। जो तमाम प्रयासों के बाद भी विभागीय अफसर इस पर अंकुश लगाने में अब तक नाकाम रहे हैं। इसमें एक तथ्य यह उभर कर आ रहा है कि जिस पावर प्लांट में दो माह से अधिक समय से कोरोना वायरस संक्रमण फैल रहा है। उस प्लांट को अब तक कंटेनमेंट जोन तक घोषित नहीं किया गया है।
ब्लॉक बार के ग्राम बुुरागांव पावर प्लांट में लगभग 2500 व्यक्ति कार्य करते हैं। यहां पर अधिकांश मजदूर और अन्य लोग बाहर व अन्य प्रदेशों के निवासी हैं। यहां पर लॉकडाउन के दौरान यातायात सेवाएं बद होने से किसी ने आवागमन नहीं किया। इससे प्लांट में एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं पाया गया।
लॉकडाउन अनलॉक होने के बाद जब आवागमन शुरू हुआ। जिस पर प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों ने अपने घर गए और कई घर से प्लांट में आए। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा और 14 अगस्त को पहला कोरोना संक्रमित मरीज पाया गया। इसके बाद कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में ढाई माह में 63 संक्रमित मरीज हैं। यह जिला का पहला सबसे अधिक संक्रमित क्षेत्र हैं। इसके बाद भी अधिकारियों ने संक्रमित क्षेत्र को हॉट स्पॉट तो दूर कंटेनमेंट जोन भी घोषित नहीं किया गया है। इससे कोरोना संक्रमण नियंत्रण के प्रयास का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है
विज्ञापन
यह है नियम
कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए संक्रमित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सील किया जाता है। इस क्षेत्र सर्वे व थर्मल स्क्रीनिंग व संपर्क में आने वालों के सैंपल लेकर जांच की जाती है। संक्रमित क्षेत्र में 14 दिन तक संक्रमण न मिलने पर कंटनेमेंट जोन हटा लिया जाता है। लेकिन जिस क्षेत्र में अलग-अलग परिवार में पांच से अधिक संक्रमित पाए जाते हैं, वहां पर संक्रमण फैलने का अधिक खतरा रहता है। यहां पर संक्रमण को रोकने के लिए हॉटस्पॉट घोषित किया जाता है। इस क्षेत्र में आने वाले सभी व्यक्तियों के सैंपल लेकर जांच की जाती है।
बुरागांव स्थित पावर प्लांट में एक इंटरनल हास्पिटल बनाया गया है। इसमें संक्रमितों के लिए आइसोलेशन वार्ड स्थापित है। यहां पर संक्रमित मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इससे कंटेनमेंट जोन नहीं बनाया गया है।
- मोहम्मद कमर, उपजिलाधिकारी महरौनी
विज्ञापन
ब्लॉक बार के ग्राम बुुरागांव पावर प्लांट में लगभग 2500 व्यक्ति कार्य करते हैं। यहां पर अधिकांश मजदूर और अन्य लोग बाहर व अन्य प्रदेशों के निवासी हैं। यहां पर लॉकडाउन के दौरान यातायात सेवाएं बद होने से किसी ने आवागमन नहीं किया। इससे प्लांट में एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं पाया गया।
विज्ञापन
लॉकडाउन अनलॉक होने के बाद जब आवागमन शुरू हुआ। जिस पर प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों ने अपने घर गए और कई घर से प्लांट में आए। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा और 14 अगस्त को पहला कोरोना संक्रमित मरीज पाया गया। इसके बाद कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में ढाई माह में 63 संक्रमित मरीज हैं। यह जिला का पहला सबसे अधिक संक्रमित क्षेत्र हैं। इसके बाद भी अधिकारियों ने संक्रमित क्षेत्र को हॉट स्पॉट तो दूर कंटेनमेंट जोन भी घोषित नहीं किया गया है। इससे कोरोना संक्रमण नियंत्रण के प्रयास का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है
विज्ञापन
यह है नियम
कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए संक्रमित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सील किया जाता है। इस क्षेत्र सर्वे व थर्मल स्क्रीनिंग व संपर्क में आने वालों के सैंपल लेकर जांच की जाती है। संक्रमित क्षेत्र में 14 दिन तक संक्रमण न मिलने पर कंटनेमेंट जोन हटा लिया जाता है। लेकिन जिस क्षेत्र में अलग-अलग परिवार में पांच से अधिक संक्रमित पाए जाते हैं, वहां पर संक्रमण फैलने का अधिक खतरा रहता है। यहां पर संक्रमण को रोकने के लिए हॉटस्पॉट घोषित किया जाता है। इस क्षेत्र में आने वाले सभी व्यक्तियों के सैंपल लेकर जांच की जाती है।
बुरागांव स्थित पावर प्लांट में एक इंटरनल हास्पिटल बनाया गया है। इसमें संक्रमितों के लिए आइसोलेशन वार्ड स्थापित है। यहां पर संक्रमित मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इससे कंटेनमेंट जोन नहीं बनाया गया है।
- मोहम्मद कमर, उपजिलाधिकारी महरौनी