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खंड विकास कार्यालय के निरीक्षण् में कई अधिकारी कर्मचारी मिले नदारद
Updated Tue, 16 Oct 2018 03:32 AM IST
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खंड विकास कार्यालय में अधिकारी और कर्मचारी नदारद
जिलाधिकारी को निरीक्षण में मिली अनियमितताएं
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। खंड विकास अधिकारी कार्यालय बार में जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में जहां तमाम खामियां मिलीं, वहीं स्वयं खंड विकास अधिकारी, अवर अभियंता, समेत कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए प्रणाली में सुधार के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह द्वारा कार्यालय, खंड विकास अधिकारी, बार का सोमवार को दोपहर बारह बजे औचक आकस्मिक निरीक्षण किया जिसमें खंड विकास अधिकारी एमपी सिंह भदौरिया अनुपस्थित पाये गये। निरीक्षण में उपस्थिति पंजिका देखी गई, इसमें अवर अभियंता महेंद्र कुमार दुबे, वलि अभिषेक द्विवेदी, सविअ गिरिजाशंकर निरंजन, भोलासिंह पाल अनुपस्थित पाये गये। अनुपस्थित कर्मचारियों का न तो कोई अवकाश प्रार्थना पत्र पाया गया और न ही फील्ड स्तरीय कर्मचारियों का मूवमेंट रजिस्टर उपलब्ध पाया गया। लगभग 20 मिनट पश्चात खंड विकास अधिकारी उपस्थित हुएं, जिस पर उन्होंने बताया कि वह मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आहूत बैठक में प्रतिभाग करने ललितपुर मुख्यालय गये थे। जिस पर मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सुबह 9 बजे से 11 बजे के मध्य कोई भी बैठक आहूत न की जाए। सभी अधिकारी उक्त समयावधि में जनसुनवाई हेतु अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। कार्यालय के निरीक्षण में पाया कि प्रवेश द्वार पर किनारे वाटर कूलर रखा हुआ पाया गया, जिसके आसपास गंदगी पायी गई एवं इसके ऊपर बिजली का चेंज ओवर लगा हुआ है जो खुला पाया गया, इससे निकले हुए तार अस्त-व्यस्त और ढीले मिले। जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इसे तत्काल पाईप फिटिंग कर व्यवस्थित कराना सुनिश्चित करें और वाटर कूलर की बाहरी पर्तें निकल रही है, इसकी पेंटिंग कराकर साफ-सफाई रखी जाए व शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्थापित वार रुम देखा। यहां रजिस्टर में अंकित सूचनानुसार 14 अक्टूबर को 45 व 13 अक्टूबर को 129 जियो टेगिंग की गई है। निर्देशित किया गया कि जियो टेगिंग प्राथमिकता के आधार पर अविलंब पूर्ण कराएं। खंड विकास अधिकारी के कक्ष में अभी तक तैनात खंड विकास अधिकारियों के नाम व कार्यकाल संबंधी बोर्ड अत्यंत गंदा पाया गया। जिस पर निर्देशित किया कि बोर्ड पर नये सिरे से स्वच्छतापूर्वक नाम लिखाये जाएं। उन्होंने कहा कि खंड विकास अधिकारी का अपने अधीनस्थों पर शिथिल नियंत्रण है। निरीक्षण दौरान चाही गई सूचनाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा सकीं। खंड विकास अधिकारी द्वारा किए निरीक्षण की पत्रावली देखी गई। इसमें ग्राम फड़ारी व दरौनी 02 ग्राम की निरीक्षण टिप्पणी उपलब्ध पाई गई, जबकि खंड विकास अधिकारी द्वारा 8-10 ग्रामों के निरीक्षण की बात कही गई। निर्देशित किया गया कि निरीक्षणोपरांत लिखित रूप से निरीक्षण टिप्पणी जारी की जाए। इसके बाद उन्होंने ब्लॉक परिसर में ही स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय, बार का भी निरीक्षण किया गया। दवाईयों का रजिस्टर देखा गया। दवाओं व चिकित्सालय में रखे उपकरण देखे गए।
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जिलाधिकारी को निरीक्षण में मिली अनियमितताएं
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। खंड विकास अधिकारी कार्यालय बार में जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में जहां तमाम खामियां मिलीं, वहीं स्वयं खंड विकास अधिकारी, अवर अभियंता, समेत कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए प्रणाली में सुधार के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह द्वारा कार्यालय, खंड विकास अधिकारी, बार का सोमवार को दोपहर बारह बजे औचक आकस्मिक निरीक्षण किया जिसमें खंड विकास अधिकारी एमपी सिंह भदौरिया अनुपस्थित पाये गये। निरीक्षण में उपस्थिति पंजिका देखी गई, इसमें अवर अभियंता महेंद्र कुमार दुबे, वलि अभिषेक द्विवेदी, सविअ गिरिजाशंकर निरंजन, भोलासिंह पाल अनुपस्थित पाये गये। अनुपस्थित कर्मचारियों का न तो कोई अवकाश प्रार्थना पत्र पाया गया और न ही फील्ड स्तरीय कर्मचारियों का मूवमेंट रजिस्टर उपलब्ध पाया गया। लगभग 20 मिनट पश्चात खंड विकास अधिकारी उपस्थित हुएं, जिस पर उन्होंने बताया कि वह मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आहूत बैठक में प्रतिभाग करने ललितपुर मुख्यालय गये थे। जिस पर मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सुबह 9 बजे से 11 बजे के मध्य कोई भी बैठक आहूत न की जाए। सभी अधिकारी उक्त समयावधि में जनसुनवाई हेतु अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। कार्यालय के निरीक्षण में पाया कि प्रवेश द्वार पर किनारे वाटर कूलर रखा हुआ पाया गया, जिसके आसपास गंदगी पायी गई एवं इसके ऊपर बिजली का चेंज ओवर लगा हुआ है जो खुला पाया गया, इससे निकले हुए तार अस्त-व्यस्त और ढीले मिले। जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इसे तत्काल पाईप फिटिंग कर व्यवस्थित कराना सुनिश्चित करें और वाटर कूलर की बाहरी पर्तें निकल रही है, इसकी पेंटिंग कराकर साफ-सफाई रखी जाए व शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्थापित वार रुम देखा। यहां रजिस्टर में अंकित सूचनानुसार 14 अक्टूबर को 45 व 13 अक्टूबर को 129 जियो टेगिंग की गई है। निर्देशित किया गया कि जियो टेगिंग प्राथमिकता के आधार पर अविलंब पूर्ण कराएं। खंड विकास अधिकारी के कक्ष में अभी तक तैनात खंड विकास अधिकारियों के नाम व कार्यकाल संबंधी बोर्ड अत्यंत गंदा पाया गया। जिस पर निर्देशित किया कि बोर्ड पर नये सिरे से स्वच्छतापूर्वक नाम लिखाये जाएं। उन्होंने कहा कि खंड विकास अधिकारी का अपने अधीनस्थों पर शिथिल नियंत्रण है। निरीक्षण दौरान चाही गई सूचनाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा सकीं। खंड विकास अधिकारी द्वारा किए निरीक्षण की पत्रावली देखी गई। इसमें ग्राम फड़ारी व दरौनी 02 ग्राम की निरीक्षण टिप्पणी उपलब्ध पाई गई, जबकि खंड विकास अधिकारी द्वारा 8-10 ग्रामों के निरीक्षण की बात कही गई। निर्देशित किया गया कि निरीक्षणोपरांत लिखित रूप से निरीक्षण टिप्पणी जारी की जाए। इसके बाद उन्होंने ब्लॉक परिसर में ही स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय, बार का भी निरीक्षण किया गया। दवाईयों का रजिस्टर देखा गया। दवाओं व चिकित्सालय में रखे उपकरण देखे गए।
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