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सपा को गंवाने पड़ सकते हैं बैंक के दोनों पद

Wed, 09 May 2018 01:44 AM IST
Updated Wed, 09 May 2018 01:44 AM IST
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सपा को गंवाने पड़ सकते हैं बैंक के दोनों पद
सपा को गंवाने पड़ सकते हैं बैंक के दोनों पद
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संख्या बल में कमजोर पड़ी समाजवादी पार्टी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला सहकारी बैंक चुनाव में भाजपा की एक चाल चलकर सपा को चारों खाने चित कर दिया है। वर्तमान में सपा इस हैसियत में नहीं रह गई है कि वह सभापति एवं उप सभापति पर अपनी दावेदारी पेश कर सके। ऐसे में ये दोनों ही पद भाजपा की झोली में जाना लगभग तय माना जा रहा है।
जिले में भारतीय जनता पार्टी ने सहकारिता विभाग में मजबूत पकड़ बना ली है। चुनाव के दौरान पार्टी पहले ही विभिन्न समितियों में काबिज हो चुकी है। अब जिला सहकारी बैंक के चुनाव में भी सारे कांटे रास्ते से हट गए हैं, जिससे उनका ही सभापति, उप सभापति बनना तय माना जा रहा है। बीते दिवस डायरेक्टर के चुनाव हुए तो भाजपा को चार वार्ड में चुनाव टेढ़ा नजर आ रहा था, इसकी वजह से सपा ने चार वार्डों में अपने उम्मीदवार बनाने की रणनीति बना ली थी। लेकिन, नामांकन पत्र दाखिल होने तक पार्टी के नेता अपना गणित बनाने में सफल हो गए। सूत्रों की मानें तो भाजपा ने सपा नेताओं के समक्ष एक प्रस्ताव रखा कि जिसमें सपा यदि सभी चारों वार्डों में अपनी दावेदारी छोड़ दे तो पार्टी डायेरक्टर पद के इकलौते उम्मीदवार और निवर्तमान उपसभापति राजेश यादव के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इस प्रस्ताव पर सपा के नेताओं ने खूब मंथन किया। पार्टी के नेताओं को लगा कि बिना किसी जोर आजमाइश के एक डायरेक्टर का पद मिल जाएगा, लेकिन यदि सभी चार वार्डों में चुनाव लड़े और हार हो गई तो यह वार्ड भी हाथ से निकल जाएगा। आखिरकार सपा नेताओं को यह प्रस्ताव रास आ गया। उन्होंने चारों वार्डो की अपनी दावेदारी छोड़ दी। परिणाम यह हुआ कि भाजपा ने राजेश यादव के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारा। इस तरह उन्होंने जीत का सेहरा पहन लिया। इससे एक डायरेक्टर का पद सपा की झोली में चला गया। सात अन्य भाजपा के खाते में गए। अब ग्यारह मई को जिला सहकारी बैंक के सभापति, उप सभापति का चुनाव होना है। इस चुनाव में सपा के लिए प्रस्तावक के लाले पड़ गए। इस स्थिति में भाजपा के दोनों उम्मीदवारों का निर्विरोध होना तय माना जा रहा है।
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विधायक पुत्र बन सकते उप सभापति
विधायक रामरतन कुशवाहा के पुत्र श्रीकांत डायरेक्टर चुने गए हैं, इसके साथ ही उनका नाम उप सभापति के लिए चल रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी अधिकृत रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है। लेकिन, अध्यक्ष उम्मीदवार के लिए हरीराम निरंजन को प्रबल दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।
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डायरेक्टर पद से करना पड़ेगा संतोष
जिला सहकारी बैंक के उप सभापति रहे राजेश यादव को अब डायरेक्टर पद से ही संतोष करना पड़ेगा।
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नेताजी से करेंगे बात
जिला सहकारी बैंक के सभापति, उपसभापति में उम्मीदवार तय करने के लिए राज्यसभा सांसद डा. चंद्रपाल सिंह से बात करेंगे। उन्होंने स्वीकारा कि पार्टी के पास उम्मीदवार जिताने के लिए बहुमत की कमी है।

ज्योति सिंह लोधी
जिलाध्यक्ष, सपा
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नहीं हुआ कोई राजनीतिक समझौता
भाजपा जिला सहकारी बैंक के चुनाव में सभापति, उपसभापति का चुनाव जीतेंगे। सपा के पास तो उम्मीदवार खड़ा करने के लिए प्रस्तावक भी नहीं है। सपा का डायरेक्टर निर्विरोध चुने जाने के मामले में पार्टी ने कोई समझौता नहीं किया है। चुनाव के दौरान जो परिस्थिति बनी, उसके हिसाब से निर्णय लिया गया।
रमेश कुमार सिंह
जिलाध्यक्ष, भाजपा
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