{"_id":"5a95c8494f1c1bc65c8b4d8c","slug":"61519765577-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अन्य: बुंदेलखंड में गिरते भूगर्भ जल स्तर को रोकने होगा भूजल सेना का गठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अन्य: बुंदेलखंड में गिरते भूगर्भ जल स्तर को रोकने होगा भूजल सेना का गठन
Updated Wed, 28 Feb 2018 02:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गिरते भूगर्भ जल स्तर को रोकने के लिए भूजल सेना
ललितपुर। बुंदेलखंड में लगातार गिर रहे भूगर्भ जल स्तर को रोकने व जल संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करने का काम भूजल सेना करेगी। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों समेत, स्कूली व महाविद्यालय छात्र-छात्राएं, समाजसेवी व जनप्रतिनिधियों को सैनिक के रूप में शामिल किया जाना है। शासन ने भूजल सेना के गठन के लिए विगत जनवरी माह में जिलाधिकारी को निर्देशित किया था, लेकिन अभी तक विकासखंड स्तरीय भूजल सेना का गठन नहीं हो पाया है।
बुंदेलखंड क्षेत्र का भूगर्भ जलस्तर दिनोंदिन गिरता ही जा रहा है, इसका बुरा असर गर्मियों में देखने को मिला है, जब बुंदेलखंड में जून-जुलाई माह में सूखे जैसे हालत पैदा होने लगते हैं। आगामी गर्मियों के दिनों में इन्हीं सूखे जैसे हालातों से निपटने के लिए शासन ने ललितपुर समेत बुंदेलखंड के सातों जनपदों में लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए विकास खंड स्तर पर भूजल सेना का गठन करने के लिए सातों जनपदों ललितपुर, झांसी, जालौन, महोबा, बांदा, चित्रकूट व हमीरपुर के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
यह निर्देश प्रमुख सचिव मोनिका एस गर्ग ने विगत 16 जनवरी को विकासखंड स्तरीय भूजल सेना का गठन करने के निर्देश दिए थे। इस भूजल सेना में कम से कम 20 सदस्यों का होना जरूरी है। भूजल सेना में सदस्य के रूप में संबंधित विकासखंडों के पंचायत सदस्य, स्कूल, कालेजों के कक्षों 8, 9 व 11 के कम से कम 10 विद्यार्थी, गैर सरकारी व स्वयं सेवा संगठनों के 05 प्रतिनिधि व सदस्य, औद्योगिक व व्यवसायिक संगठनों के 02 प्रतिनिधि, स्थानीय स्तर पर 02 प्रगतिशील नागरिकों को भूजल सेना में सैनिकों के रूप में शामिल किया जाना है।
विज्ञापन
गौरतलब है अभी तक जिला प्रशासन विकासखंड स्तरीय भूजल सेना का गठन नहीं करा पाया है। जिलाधिकारी ने यह जिम्मेदारी भूगर्भ जल विभाग को सौंपी है। जनपद का भूगर्भ जल विभाग झांसी मंडल मुख्यालय पर है। वहां के अधिकारी श्याम वीर सिंह ने बताया कि अभी विकासखंड स्तरीय भूजल सेना का गठन नहीं किया गया है, कार्रवाई जारी है, जल्द ही सेना का गठन कर लिया जाएगा।
सैनिकों की यह रहेगी जिम्मेदारी
विकासखंडों पर गठित भूजल सेना के सैनिकों की जिम्मेदारी होगी कि वह स्थानीय लोगों को दैनिक कार्यों में जल की बचत, क्षेत्रीय भूजल समस्याएं, निराकरण के प्रभवी उपायों, भूजल रिचार्ज की सरल विधियों, ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण की सरल पद्धतियों, भूजल प्रदूषण की समस्या एवं रोकथाम, निराकरण के उपाए आदि के लिए जागरूक करें। आमजन को जागरूक करने के लिए सेना समय-समय पर क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के लिए पद यात्रा व रैलियां निकालेगी। स्कूल-कॉलेजों, पंचायतों, आवासीय कालोनियां, औद्यागिक प्रतिष्ठानों में भूजल चेतना जागृत करने संवाद, लघु गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। स्वंयसेवी संगठनों व सामुदायिक सहभागिता के सहयोग से भूजल मंथन व विचार-विमर्श के लिए जन जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के आयोजन व प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी भूजल सेना विभाग को ही सौंपी गई है।
विगत वर्ष भी आए थे शासन के निर्देश पर नहीं हुआ पालन
ऐसा नहीं है कि शासन ने भूजल सेना का गठन करने के लिए पहली बार निर्देशित किया हो। विगत वर्ष भी शासन ने गर्मियों के मौसम से पहले जनपद में भूजल सेना के गठन करने के निर्देश दिए थे। साल बीत गया, लेकिन शासन के निर्देशों का अनुपालन नहीं हो सका था। देखना होगा कि इस बार शासन के निर्देशन का कितना अनुपालन होता है।
इनका कहना है
अभी विकासखंड स्तरीय भूजल सेना का गठन नहीं किया गया है, कार्रवाई जारी है, जल्द ही सेना का गठन कर लिया जाएगा।
-श्याम वीर सिंह
योजना प्रभारी व प्राविधिक सहायक, भूगर्भ जल विभाग, झांसी।
विज्ञापन
ललितपुर। बुंदेलखंड में लगातार गिर रहे भूगर्भ जल स्तर को रोकने व जल संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करने का काम भूजल सेना करेगी। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों समेत, स्कूली व महाविद्यालय छात्र-छात्राएं, समाजसेवी व जनप्रतिनिधियों को सैनिक के रूप में शामिल किया जाना है। शासन ने भूजल सेना के गठन के लिए विगत जनवरी माह में जिलाधिकारी को निर्देशित किया था, लेकिन अभी तक विकासखंड स्तरीय भूजल सेना का गठन नहीं हो पाया है।
बुंदेलखंड क्षेत्र का भूगर्भ जलस्तर दिनोंदिन गिरता ही जा रहा है, इसका बुरा असर गर्मियों में देखने को मिला है, जब बुंदेलखंड में जून-जुलाई माह में सूखे जैसे हालत पैदा होने लगते हैं। आगामी गर्मियों के दिनों में इन्हीं सूखे जैसे हालातों से निपटने के लिए शासन ने ललितपुर समेत बुंदेलखंड के सातों जनपदों में लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए विकास खंड स्तर पर भूजल सेना का गठन करने के लिए सातों जनपदों ललितपुर, झांसी, जालौन, महोबा, बांदा, चित्रकूट व हमीरपुर के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
यह निर्देश प्रमुख सचिव मोनिका एस गर्ग ने विगत 16 जनवरी को विकासखंड स्तरीय भूजल सेना का गठन करने के निर्देश दिए थे। इस भूजल सेना में कम से कम 20 सदस्यों का होना जरूरी है। भूजल सेना में सदस्य के रूप में संबंधित विकासखंडों के पंचायत सदस्य, स्कूल, कालेजों के कक्षों 8, 9 व 11 के कम से कम 10 विद्यार्थी, गैर सरकारी व स्वयं सेवा संगठनों के 05 प्रतिनिधि व सदस्य, औद्योगिक व व्यवसायिक संगठनों के 02 प्रतिनिधि, स्थानीय स्तर पर 02 प्रगतिशील नागरिकों को भूजल सेना में सैनिकों के रूप में शामिल किया जाना है।
विज्ञापन
गौरतलब है अभी तक जिला प्रशासन विकासखंड स्तरीय भूजल सेना का गठन नहीं करा पाया है। जिलाधिकारी ने यह जिम्मेदारी भूगर्भ जल विभाग को सौंपी है। जनपद का भूगर्भ जल विभाग झांसी मंडल मुख्यालय पर है। वहां के अधिकारी श्याम वीर सिंह ने बताया कि अभी विकासखंड स्तरीय भूजल सेना का गठन नहीं किया गया है, कार्रवाई जारी है, जल्द ही सेना का गठन कर लिया जाएगा।
सैनिकों की यह रहेगी जिम्मेदारी
विकासखंडों पर गठित भूजल सेना के सैनिकों की जिम्मेदारी होगी कि वह स्थानीय लोगों को दैनिक कार्यों में जल की बचत, क्षेत्रीय भूजल समस्याएं, निराकरण के प्रभवी उपायों, भूजल रिचार्ज की सरल विधियों, ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण की सरल पद्धतियों, भूजल प्रदूषण की समस्या एवं रोकथाम, निराकरण के उपाए आदि के लिए जागरूक करें। आमजन को जागरूक करने के लिए सेना समय-समय पर क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के लिए पद यात्रा व रैलियां निकालेगी। स्कूल-कॉलेजों, पंचायतों, आवासीय कालोनियां, औद्यागिक प्रतिष्ठानों में भूजल चेतना जागृत करने संवाद, लघु गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। स्वंयसेवी संगठनों व सामुदायिक सहभागिता के सहयोग से भूजल मंथन व विचार-विमर्श के लिए जन जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के आयोजन व प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी भूजल सेना विभाग को ही सौंपी गई है।
विगत वर्ष भी आए थे शासन के निर्देश पर नहीं हुआ पालन
ऐसा नहीं है कि शासन ने भूजल सेना का गठन करने के लिए पहली बार निर्देशित किया हो। विगत वर्ष भी शासन ने गर्मियों के मौसम से पहले जनपद में भूजल सेना के गठन करने के निर्देश दिए थे। साल बीत गया, लेकिन शासन के निर्देशों का अनुपालन नहीं हो सका था। देखना होगा कि इस बार शासन के निर्देशन का कितना अनुपालन होता है।
इनका कहना है
अभी विकासखंड स्तरीय भूजल सेना का गठन नहीं किया गया है, कार्रवाई जारी है, जल्द ही सेना का गठन कर लिया जाएगा।
-श्याम वीर सिंह
योजना प्रभारी व प्राविधिक सहायक, भूगर्भ जल विभाग, झांसी।