चेयरमैन रामदास के कार्यकाल में हुआ था तालाब का जीर्णोद्घार

Jhansi Bureau Updated Sat, 11 Nov 2017 02:31 AM IST
चेयरमैन रामदास ने कराया था सुम्मेरा का जीर्णोद्घार
हवाई पट्टी के लिए भी किया था प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। 19 64 में नगर पालिका परिषद के चेयरमैन बने रामदास राय नेसुम्मेरा तालाब का जीर्णोद्घार कराया तथा भैरव बाबा मंदिर के रास्ते को सुगम बनाते हुए प्रकाश की व्यवस्था की थी।
नगर पालिका परिषद में अधिकांश अध्यक्षों का चुनाव निर्वाचित सदस्यों के माध्यम से हुआ। वर्ष 1964 में नगर पालिका के अंतर्गत 17 सदस्य चुने गए। इस दौरान डा. शादीलाल दुबे और रामदास राय अध्यक्ष पद के उम्मीदवार बने। इसमें डा. शादीलाल दुबे को आठ एवं रामदास राय को नौ मत प्राप्त हुए। लेकिन उस समय के रिटर्निंग आफीसर ने रामदास राय के पक्ष में आए नौ में से एक मत को अवैध घोषित कर दिया। इस तरह डा. दुबे और रामदास राय के मत बराबर हो गए। इस पर जीत का निर्णय टॉस से किया गया। इसमें डा. शादीलाल दुबे को अध्यक्ष पद संभालने का अवसर मिल गया। यह बात रामदास राय को नागवार गुजरी और उन्होंने ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटा दिया, जिसमें उन्हें जीत मिली और उन्होंने अध्यक्ष पद संभाल लिया। लेकिन, वह सात दिन ही अध्यक्ष रह पाए। डा. शादीलाल दुबे ने ट्रिब्यूनल के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी, जिसकी सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल के फैसले पर स्टे दे दिया। जिससे डा. शादीलाल दुबे को एक बार फिर अध्यक्ष पद संभालने का अवसर मिल गया। आखिर में हाईकोर्ट का फैसला रामदास राय के पक्ष में हुआ। इस तरह उन्हें न्याय पाने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। 26 मई वर्ष 1966 में उन्होंने पुन: अध्यक्ष पद संभाला और 24 नवंबर वर्ष 1967 तक बिना किसी विवाद के कार्यकाल चला। एक वक्त ऐसा आया कि उन्हें एक नये संकट से गुजरना पड़ा। सदस्यों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दे दिया, जिसमें उनकी कुर्सी चली गई। इसके उपरांत उपाध्यक्ष गोकुल प्रसाद को अध्यक्ष बनने का मौका मिल गया। इस संबंध में एडवोकेट रमेश चंद्र राठौर ने बताया कि उनके पिता को फील्ड मार्शल वेविल ने एक जनवरी 1946 को राय सहाब का टाइटिल दिया तो उन्हें आनरेरी मजिस्ट्रेट का भी टाइटिल मिला था। उन्होंने आस्था के प्रतीक सुम्मेरा तालाब का जीर्णोद्घार कराया। वर्ष 1939 से 1945 के मध्य नगर में हवाई पट्टी का निर्माण कराया गया था। इस दौरान उन्हें राइस कांट्रेक्टर का भी टाइटिल मिला। उन्होंने महावीरपुरा में हनुमान मंदिर का निर्माण कराया तो भैरव बाबा मंदिर के रास्ते में दांसे (पत्थर) लगवाए। इसके अलावा पुलिया निर्माण कराने के साथ प्रकाश व्यवस्था भी कराई। 26 मार्च वर्ष 1945 में मंडलायुक्त झांसी एस खुर्शीद ने ललितपुर में जनता दरबार लगाया था, उस दौरान राय सहाब मौजूद रहे। एक बार सिवनीखुर्द में नंदकिशोर किलेदार के यहां क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद आए थे तब स्वतंत्रता सेनानी नंदकिशोर ने पिता से एक हजार रुपये देने की बात कही। इस पर उन्होंने भाई देवकी नंदन को पैसे देने के भेजा। इस दौरान वह आजाद से परिचित हुए। उन्होंने भाई को आंदोलन में कूद जाने के लिए प्रेरित किया, जिसका असर यह हुआ कि उनके भाई अगले दिन से क्रांतिकारियों के साथ दिखाई देने लगे। इस पर अंग्रेज अफसरों ने पिता से आपत्ति दर्ज कराई। पिता ने भाई को समझाया लेकिन वह मानने के लिए तैयार नहीं हुआ।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी पुलिस भर्ती को लेकर युवाओं में जोश, पहले ही दिन रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन

यूपी पुलिस में 22 जनवरी से शुरू हुआ फॉर्म भरने का सिलसिला पहले दिन रिकॉर्ड नंबरों तक पहुंच गया।

23 जनवरी 2018

Related Videos

झांसी में हारे हुए प्रत्याशी ने नवनिर्वाचित पार्षद को मारी गोली

झांसी में नवनिर्वाचित निर्दलीय प्रत्याशी अनिल सोनी को गोली मार दी गई। गोली हारने वाले निर्दलिय प्रत्याशी मोहित चौहान ने मारी है। बता दें गोली जीते हुए प्रत्याशी अनिल सोनी के सिर से छूते हुए निकली। फिलहाल अनिल सोनी की हालत स्थिर बनी हुई है।

2 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper