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आज से चलेगा स्कूल चलों अभियान
Updated Sat, 01 Jul 2017 02:27 AM IST
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स्कूल चलो अभियान आज से, तैयारी पूरी
ललितपुर।
जिला कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को जिला शिक्षा समिति की बैठक डीएम मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई है। इसमें एक जुलाई से जनपद, तहसील व ब्लॉक स्तर पर चलाए जाने वाले स्कूल चलो अभियान की रूपरेखा तैयार की गई और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देेश दिए गए। वहीं, जिलाधिकारी ने शासन द्वारा परिषदीय विद्यालयों के निरीक्षण के लिए गठित की गई । जिलास्तरीय टास्ट फोर्स में शामिल अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के लिए कहा गया है।
सर्व शिक्षा अभियान के नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकारी अनियम 2009 का मुख्य उद्देश्य छह वर्ष की आयु से लेकर 14 वर्ष तक आयु वाले ऐसे बच्चे जो विद्यालयों व शिक्षा से दूर हैं, उनको शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना है। इसके लिए हर वर्ष जुलाई माह की शुरुआत से ही बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जनपद के गांव-गांव में शहरी इलाकों में ‘स्कूल चलो अभियान’ चलाया जाता है। इस अभियान की शुरुआत एक जुलाई से की जानी है, इस अभियान को सफल बनाने के लिए डीएम द्वारा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है और आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि यह अभियान वैसे तो पूरे माह तक चलाया जाता है, लेकिन इस बार शासन की मंशा है कि इस अभियान को 15 जुलाई तक शत-प्रतिशत पूर्ण कर नामांकन प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाए। इसके बाद 10 अगस्त तक नामांकन की संपूर्ण रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध करा दी जाए, ऐसे शासन के निर्देश है।
वहीं जनपद में संचालित हो रहे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा और निरीक्षण करके के लिए शासन द्वारा गठित की गई जिला स्तरीय टास्क फोर्स को शुरू कराने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स में सदस्य के रूप में जनपद के डायट प्राचार्य जगदीश प्रसाद राजपूत को जनपद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जिला स्तरीय और जनपद की समस्त पांचों तहसील स्तर पर डास्क फोर्स का गठन शासन से ही तय कर गया है। जिला स्तरीय फोर्स का अध्यक्ष डीएम को नामित किया गया है और तहसील स्तर की फोर्स का अध्यक्ष संबंधित उप जिलाधिकारी नामित किए गए हैं। परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई और सर्व शिक्षा अभियान के कार्यक्रम को सही रूप में अमलीजामा पहनाने के लिए टास्क फोर्स बनाई गई है। टास्क फोर्स के गठन से न सिर्फ शिक्षकों की मनमानी पर लगाम लगेगी बल्कि पढ़ाई के स्तर में भी सुधार की संभावना है। टास्क फोर्स की जिम्मेदारी रहेगी कि जांचे कि स्कूलों में हर दिन प्रार्थना, घंटावार समय सारिणी, माहवार पाठ्यक्रम विभाजन का पालन हो रहा है या नहीं। कक्षावार शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति का अवलोकन करेंगे। बालक और बालकों के अलग-अलग क्रियाशील शौचालय हैं या नहीं और बच्चों को स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की क्या व्यवस्था है। विद्यालय परिसर में खेलकूद की क्या स्थिति है। बच्चों का हिंदी और अंग्रेजी भाषा का वाचन और लेखन कैसा है। विद्यार्थियों के लिखित कार्यों की नियमित जांच हो रही है या नहीं।
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जिला व तहसील स्तरीय टास्क फोर्स
जिलास्तरीय टास्क फोर्स में डीएम को अध्यक्ष नामित किया गया है, जो प्रतिमाह दो स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। सीडीओ सदस्य होंगे वह भी दो स्कूल प्रतिमाह जांचेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी को सदस्य नामित किए गए हैं, जो प्रतिमाह पांच-पांच स्कूलों की जांच करेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सदस्य सचिव नामित किया गया है, वह प्रतिमाह दस स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। वहीं तहसील स्तरीय टास्क फोर्स में संबंधित तहसील क्षेत्र के उपजिलाधिकारी को अध्यक्ष नामित किया गया है, वह तहसील के सभी विकास खंडों के पांच स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। खंड विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार व सहायक विकास अधिकारी को सदस्य नियुक्त किया जाएगा वह भी प्रतिमाह पांच-पांच स्कूलों की जांच करेंगे। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया जा रहा है जो कि प्रतिमाह दस स्कूलों में पहुंचकर प्रतिमाह निरीक्षण करेगें।
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ललितपुर।
जिला कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को जिला शिक्षा समिति की बैठक डीएम मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई है। इसमें एक जुलाई से जनपद, तहसील व ब्लॉक स्तर पर चलाए जाने वाले स्कूल चलो अभियान की रूपरेखा तैयार की गई और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देेश दिए गए। वहीं, जिलाधिकारी ने शासन द्वारा परिषदीय विद्यालयों के निरीक्षण के लिए गठित की गई । जिलास्तरीय टास्ट फोर्स में शामिल अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के लिए कहा गया है।
सर्व शिक्षा अभियान के नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकारी अनियम 2009 का मुख्य उद्देश्य छह वर्ष की आयु से लेकर 14 वर्ष तक आयु वाले ऐसे बच्चे जो विद्यालयों व शिक्षा से दूर हैं, उनको शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना है। इसके लिए हर वर्ष जुलाई माह की शुरुआत से ही बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जनपद के गांव-गांव में शहरी इलाकों में ‘स्कूल चलो अभियान’ चलाया जाता है। इस अभियान की शुरुआत एक जुलाई से की जानी है, इस अभियान को सफल बनाने के लिए डीएम द्वारा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है और आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि यह अभियान वैसे तो पूरे माह तक चलाया जाता है, लेकिन इस बार शासन की मंशा है कि इस अभियान को 15 जुलाई तक शत-प्रतिशत पूर्ण कर नामांकन प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाए। इसके बाद 10 अगस्त तक नामांकन की संपूर्ण रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध करा दी जाए, ऐसे शासन के निर्देश है।
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वहीं जनपद में संचालित हो रहे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा और निरीक्षण करके के लिए शासन द्वारा गठित की गई जिला स्तरीय टास्क फोर्स को शुरू कराने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स में सदस्य के रूप में जनपद के डायट प्राचार्य जगदीश प्रसाद राजपूत को जनपद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जिला स्तरीय और जनपद की समस्त पांचों तहसील स्तर पर डास्क फोर्स का गठन शासन से ही तय कर गया है। जिला स्तरीय फोर्स का अध्यक्ष डीएम को नामित किया गया है और तहसील स्तर की फोर्स का अध्यक्ष संबंधित उप जिलाधिकारी नामित किए गए हैं। परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई और सर्व शिक्षा अभियान के कार्यक्रम को सही रूप में अमलीजामा पहनाने के लिए टास्क फोर्स बनाई गई है। टास्क फोर्स के गठन से न सिर्फ शिक्षकों की मनमानी पर लगाम लगेगी बल्कि पढ़ाई के स्तर में भी सुधार की संभावना है। टास्क फोर्स की जिम्मेदारी रहेगी कि जांचे कि स्कूलों में हर दिन प्रार्थना, घंटावार समय सारिणी, माहवार पाठ्यक्रम विभाजन का पालन हो रहा है या नहीं। कक्षावार शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति का अवलोकन करेंगे। बालक और बालकों के अलग-अलग क्रियाशील शौचालय हैं या नहीं और बच्चों को स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की क्या व्यवस्था है। विद्यालय परिसर में खेलकूद की क्या स्थिति है। बच्चों का हिंदी और अंग्रेजी भाषा का वाचन और लेखन कैसा है। विद्यार्थियों के लिखित कार्यों की नियमित जांच हो रही है या नहीं।
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जिलास्तरीय टास्क फोर्स में डीएम को अध्यक्ष नामित किया गया है, जो प्रतिमाह दो स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। सीडीओ सदस्य होंगे वह भी दो स्कूल प्रतिमाह जांचेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी को सदस्य नामित किए गए हैं, जो प्रतिमाह पांच-पांच स्कूलों की जांच करेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सदस्य सचिव नामित किया गया है, वह प्रतिमाह दस स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। वहीं तहसील स्तरीय टास्क फोर्स में संबंधित तहसील क्षेत्र के उपजिलाधिकारी को अध्यक्ष नामित किया गया है, वह तहसील के सभी विकास खंडों के पांच स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। खंड विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार व सहायक विकास अधिकारी को सदस्य नियुक्त किया जाएगा वह भी प्रतिमाह पांच-पांच स्कूलों की जांच करेंगे। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया जा रहा है जो कि प्रतिमाह दस स्कूलों में पहुंचकर प्रतिमाह निरीक्षण करेगें।