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आदिवासी बच्चों के लिए बनेगा 13.35 करोड़ का आवासीय विद्यालय
Updated Tue, 13 Jun 2017 09:32 PM IST
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बानपुर में बनेगा एकलव्य आवासीय विद्यालय
ललितपुर।
सहारिया आदिवासी समुदाय के बच्चों के लिए कस्बा बानुपर में 13.35 करोड़ रुपये की लागत से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है, इसमें कक्षा छठवीं से 12वीं तक की पढ़ाई होगी। हाल ही में शासन ने प्रथम किस्त के रूप में पांच करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दे दी गई है। इस आवासीय विद्यालय में मात्र अनुसूचित जनजाति के बालक-बालिकाओं को ही प्रवेश दिया जाएगा और इसमें केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों की भांति बच्चों को समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय योजना वर्ष 1998 से संचालित की जा रही है और इस योजना के तहत प्रथम विद्यालय का निर्माण वर्ष 2000 में महाराष्ट्र में किया गया था। अब जनपद के कस्बा बानपुर में लगभग 13.35 करोड़ रुपये की लागत से आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जाना है, जिसके लिए हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से प्रथम किश्त के रूप में पांच करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी दे दी गई है। इस संबंध में प्रदेश शासन के अनुसचिव कामता प्रसाद ने विगत एक जून को प्रदेश के जनजाति विकास निदेशक को पत्र जारी भी जारी कर दिया है। इस पत्र में बताया गया है कि बानपुर में बनाए जाने वाले इस विद्यालय के भवन निर्माण कार्य के लिए जनजाति विकास निदेशक के द्वारा यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड को नामित किया गया है। विद्यालय भवन के निर्माण का कार्य डीएम व जिला समाज कल्याण विभाग की निगरानी में किया जाएगी, जिसके लिए जनपद के दोनों अधिकारियों के लिए भी शासन से पत्र जारी कर दिया गया है।
केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर होगा संचालित
यह विद्यालय केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों की दर्ज पर ही संचालित किया जाएगा। इस विद्यालय में कक्षा 06वीं से 12वीं तक की शिक्षा दी जाएगी, इसमें कॉमर्स, कला और विज्ञान वर्ग की परीक्षा उपलब्ध होगी। इस विद्यालय को सीबीएससी बोर्ड से संचालित किया जाना है या फिर प्रदेश बोर्ड से यह निर्णय लेने का अधिकारी केंद्र ने प्रदेश सरकार को दिया है। प्रत्येक कक्षा में अधिकतम 30 बच्चों का प्रवेश लिया जाएगा। विद्यालय में अधिकतम 480 बच्चों को प्रवेश लेना सुनिश्चित किया गया है और सरकार पहली साल हर एक बच्चे की शिक्षा पर 42 हजार रुपए व्यय करेगी। इसके अलावा व्यय की उक्त धनराशि में हर वर्ष 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। शासनादेश के अनुसार लगभग 20 एकड़ जमीन पर विद्यालय बनाया जाएगी, जिसमें दो एकड़ जमीन का उपयोग भवन निर्माण के लिए किया जाएगा।
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जनपद के अधिकारी अभी हैं अंजान
जनपद स्तर पर इस विद्यालय के निर्माण पर निगरानी की जिम्मेदारी जिलाधिकारी व जिला समाज कल्याण अधिकारी को सौंपी गई है। लेकिन अभी तक जिम्मेदार अधिकारियों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को यह भी नहीं पता कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय आखिर है क्या। बानपुर क्षेत्र में किस जमीन पर विद्यालय का निर्माण होना है, अभी यह भी तय नहीं है। इस संबंध में प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता का कहना है कि उन्हें अभी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और अभी शासन से भी कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। यदि इस संबंध में कोई जानकारी प्राप्त होती है तो सूचित किया जाएगा।
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ललितपुर।
सहारिया आदिवासी समुदाय के बच्चों के लिए कस्बा बानुपर में 13.35 करोड़ रुपये की लागत से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है, इसमें कक्षा छठवीं से 12वीं तक की पढ़ाई होगी। हाल ही में शासन ने प्रथम किस्त के रूप में पांच करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दे दी गई है। इस आवासीय विद्यालय में मात्र अनुसूचित जनजाति के बालक-बालिकाओं को ही प्रवेश दिया जाएगा और इसमें केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों की भांति बच्चों को समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय योजना वर्ष 1998 से संचालित की जा रही है और इस योजना के तहत प्रथम विद्यालय का निर्माण वर्ष 2000 में महाराष्ट्र में किया गया था। अब जनपद के कस्बा बानपुर में लगभग 13.35 करोड़ रुपये की लागत से आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जाना है, जिसके लिए हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से प्रथम किश्त के रूप में पांच करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी दे दी गई है। इस संबंध में प्रदेश शासन के अनुसचिव कामता प्रसाद ने विगत एक जून को प्रदेश के जनजाति विकास निदेशक को पत्र जारी भी जारी कर दिया है। इस पत्र में बताया गया है कि बानपुर में बनाए जाने वाले इस विद्यालय के भवन निर्माण कार्य के लिए जनजाति विकास निदेशक के द्वारा यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड को नामित किया गया है। विद्यालय भवन के निर्माण का कार्य डीएम व जिला समाज कल्याण विभाग की निगरानी में किया जाएगी, जिसके लिए जनपद के दोनों अधिकारियों के लिए भी शासन से पत्र जारी कर दिया गया है।
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केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर होगा संचालित
यह विद्यालय केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों की दर्ज पर ही संचालित किया जाएगा। इस विद्यालय में कक्षा 06वीं से 12वीं तक की शिक्षा दी जाएगी, इसमें कॉमर्स, कला और विज्ञान वर्ग की परीक्षा उपलब्ध होगी। इस विद्यालय को सीबीएससी बोर्ड से संचालित किया जाना है या फिर प्रदेश बोर्ड से यह निर्णय लेने का अधिकारी केंद्र ने प्रदेश सरकार को दिया है। प्रत्येक कक्षा में अधिकतम 30 बच्चों का प्रवेश लिया जाएगा। विद्यालय में अधिकतम 480 बच्चों को प्रवेश लेना सुनिश्चित किया गया है और सरकार पहली साल हर एक बच्चे की शिक्षा पर 42 हजार रुपए व्यय करेगी। इसके अलावा व्यय की उक्त धनराशि में हर वर्ष 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। शासनादेश के अनुसार लगभग 20 एकड़ जमीन पर विद्यालय बनाया जाएगी, जिसमें दो एकड़ जमीन का उपयोग भवन निर्माण के लिए किया जाएगा।
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जनपद के अधिकारी अभी हैं अंजान
जनपद स्तर पर इस विद्यालय के निर्माण पर निगरानी की जिम्मेदारी जिलाधिकारी व जिला समाज कल्याण अधिकारी को सौंपी गई है। लेकिन अभी तक जिम्मेदार अधिकारियों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को यह भी नहीं पता कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय आखिर है क्या। बानपुर क्षेत्र में किस जमीन पर विद्यालय का निर्माण होना है, अभी यह भी तय नहीं है। इस संबंध में प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता का कहना है कि उन्हें अभी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और अभी शासन से भी कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। यदि इस संबंध में कोई जानकारी प्राप्त होती है तो सूचित किया जाएगा।