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प्रधानमंत्री पुरस्कार सघन मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण कार्यक्रम में ललितपुर का चयन
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सघन मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण कार्यक्रम में ललितपुर का चयन
ललितपुर। जनपद ललितपुर को प्रधानमंत्री पुरस्कार सघन मिशन इंद्रधुनष टीकाकरण कार्यक्रम हेतु नामित किया गया है। इस अभियान हेतु पूरे भारतवर्ष को तीन श्रेणी में बांटा गया था। प्रथम श्रेणी में ऐसे प्रदेशों को शामिल किया गया था जो पूर्वोत्तर के राज्यों में स्थित हैं। दूसरी श्रेणी में केंद्र शासित प्रदेशों को रखा गया था। तीसरी और सबसे बड़ी श्रेणी में उपरोक्त दोनों के अतिरिक्त भारत के शेष राज्यों के थे। इस प्रकार तीनों श्रेणियों में पूरे भारत से मात्र 10 जिले चयनित किये गए थे, जिसमें से उत्तर प्रदेश राज्य से ललितपुर एकमात्र जनपद था। इस प्रकार
मिशन इंद्रधनुष के तहत प्रधानमंत्री पुरस्कारों के लिए ललितपुर के जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। इसके लिए जिलाधिकारी को बीस फरवरी को प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करने के लिए दिल्ली आमंत्रित किया गया था। यह प्रेजेंटेशन भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के एडीशनल सेक्रेट्री मनोज जिलानी, वंदना गुरवानी, ज्वाइंट सेक्रेट्री नीति आयोग से योगेश सूरी और ज्वाइंट सेक्रेट्री शशांक शेखर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सघन मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण अभियान जनपद ललितपुर में अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर 2017 एवं जनवरी 2018 में कुल चार चरण चलाए गए थे, जिसमें ललितपुर जनपद 91 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण कराकर प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य छूटे हुए बच्चों का पूर्ण टीकाकरण करना था। इसके लिए ललितपुर में अक्टूबर 2017 से जनवरी 2018 तक चार चक्रों में जनपद के सभी ग्रामों में सघन मिशन इंद्रधनुष का अभियान चलाया गया था। इसके अतिरिक्त ग्राम स्वराज्य अभियान के तहत विशेष मिशन इंद्रधनुष का अभियान भी अप्रैल 2018 से जून 2018 तक तीन चक्रों में चयनित पांच ग्रामों में चलाया गया था। इसके लिए प्रत्येक चक्रों के लिए विशेष रणनीति बनाई गई थी। सत्र के पहले आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सहायता से घर-घर जाकर टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों की ड्यू लिस्ट तैयार की गई। इसके उपरांत बुलावा पर्चियां बांटकर प्रत्येक चिन्हित घर से छूटे हुए बच्चों को सत्र तक लाने की व्यवस्था की गई। टीकाकरण सत्र के दिन जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा अन्य उप जिलाधिकारियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर सत्रों का उद्घाटन किया गया। सत्र में भाग न लेने वाले बच्चों के अभिभावकों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्राम प्रधानों एवं लेखपालों की सहायता ली गई। टीकाकरण सत्र के उपरांत अगले दिन आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा घर-घर जाकर बच्चों का फॉलोअप किया गया। पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देशानुसार कुछ इनोवेटिव तरीकों का भी उपयोग किया गया, जिसमें ब्लॉक लेवल कंट्रोल रुम की स्थापना की गई, जहां पर प्रत्येक दिन ग्राम प्रधानों से फीडबैक लिया जाता था। इसके उपरांत प्रत्येक दिन के उपलब्ध डाटा के आधार पर शाम को डीएम कार्यालय में समीक्षा बैठक की जाती थी। ग्राम प्रधानों की सहभागिता बढ़ाने के लिए जनपद स्तर पर ग्राम प्रधानों का अभिमुखिकरण कैंप जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी द्वारा व्यवस्थित रुप से मॉनीटरिंग सिस्टम विकसित किया गया था। जिसके लिए पूरे जनपद को 02 सुपरजोनों, 06 जोन तथा 92 सेक्टर्स में विभाजित किया गया था, जिसके सापेक्ष 02 सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, 06 जोनल मजिस्ट्रेट तथा 92 सेक्टर मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की गई थी। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देशानुसार व्यापक प्रचार-प्रसार एवं सूचना प्रसारण तंत्र भी विकसित किया गया था। इसमें सभी ग्राम प्रधानों को एक व्हाट्सएप गु्रप से जोड़ा गया था, जिसमें समय-समय पर जिलाधिकारी स्वयं ग्राम प्रधानों से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील करते थे। जिला सूचना अधिकारी द्वारा ललित लोकवाणी रेडियो स्टेशन के माध्यम से समुदाय को इस कार्यक्रम के संदर्भ में समय पर जानकारी प्रचारित की जाती थी। इसके अतिरिक्त जिला सूचना कार्यालय के फेसबुक पेज के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाता है। इस टीकाकरण अभियान का सबसे अच्छा बिंदु यह रहा कि इसमें ऑटो डिसेबल सिरींज का प्रयोग किया जाता था, जो एक बार प्रयोग के उपरांत अपने आप बेकार हो जाती थी।
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ललितपुर। जनपद ललितपुर को प्रधानमंत्री पुरस्कार सघन मिशन इंद्रधुनष टीकाकरण कार्यक्रम हेतु नामित किया गया है। इस अभियान हेतु पूरे भारतवर्ष को तीन श्रेणी में बांटा गया था। प्रथम श्रेणी में ऐसे प्रदेशों को शामिल किया गया था जो पूर्वोत्तर के राज्यों में स्थित हैं। दूसरी श्रेणी में केंद्र शासित प्रदेशों को रखा गया था। तीसरी और सबसे बड़ी श्रेणी में उपरोक्त दोनों के अतिरिक्त भारत के शेष राज्यों के थे। इस प्रकार तीनों श्रेणियों में पूरे भारत से मात्र 10 जिले चयनित किये गए थे, जिसमें से उत्तर प्रदेश राज्य से ललितपुर एकमात्र जनपद था। इस प्रकार
मिशन इंद्रधनुष के तहत प्रधानमंत्री पुरस्कारों के लिए ललितपुर के जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। इसके लिए जिलाधिकारी को बीस फरवरी को प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करने के लिए दिल्ली आमंत्रित किया गया था। यह प्रेजेंटेशन भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के एडीशनल सेक्रेट्री मनोज जिलानी, वंदना गुरवानी, ज्वाइंट सेक्रेट्री नीति आयोग से योगेश सूरी और ज्वाइंट सेक्रेट्री शशांक शेखर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सघन मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण अभियान जनपद ललितपुर में अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर 2017 एवं जनवरी 2018 में कुल चार चरण चलाए गए थे, जिसमें ललितपुर जनपद 91 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण कराकर प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य छूटे हुए बच्चों का पूर्ण टीकाकरण करना था। इसके लिए ललितपुर में अक्टूबर 2017 से जनवरी 2018 तक चार चक्रों में जनपद के सभी ग्रामों में सघन मिशन इंद्रधनुष का अभियान चलाया गया था। इसके अतिरिक्त ग्राम स्वराज्य अभियान के तहत विशेष मिशन इंद्रधनुष का अभियान भी अप्रैल 2018 से जून 2018 तक तीन चक्रों में चयनित पांच ग्रामों में चलाया गया था। इसके लिए प्रत्येक चक्रों के लिए विशेष रणनीति बनाई गई थी। सत्र के पहले आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सहायता से घर-घर जाकर टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों की ड्यू लिस्ट तैयार की गई। इसके उपरांत बुलावा पर्चियां बांटकर प्रत्येक चिन्हित घर से छूटे हुए बच्चों को सत्र तक लाने की व्यवस्था की गई। टीकाकरण सत्र के दिन जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा अन्य उप जिलाधिकारियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर सत्रों का उद्घाटन किया गया। सत्र में भाग न लेने वाले बच्चों के अभिभावकों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्राम प्रधानों एवं लेखपालों की सहायता ली गई। टीकाकरण सत्र के उपरांत अगले दिन आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा घर-घर जाकर बच्चों का फॉलोअप किया गया। पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देशानुसार कुछ इनोवेटिव तरीकों का भी उपयोग किया गया, जिसमें ब्लॉक लेवल कंट्रोल रुम की स्थापना की गई, जहां पर प्रत्येक दिन ग्राम प्रधानों से फीडबैक लिया जाता था। इसके उपरांत प्रत्येक दिन के उपलब्ध डाटा के आधार पर शाम को डीएम कार्यालय में समीक्षा बैठक की जाती थी। ग्राम प्रधानों की सहभागिता बढ़ाने के लिए जनपद स्तर पर ग्राम प्रधानों का अभिमुखिकरण कैंप जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी द्वारा व्यवस्थित रुप से मॉनीटरिंग सिस्टम विकसित किया गया था। जिसके लिए पूरे जनपद को 02 सुपरजोनों, 06 जोन तथा 92 सेक्टर्स में विभाजित किया गया था, जिसके सापेक्ष 02 सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, 06 जोनल मजिस्ट्रेट तथा 92 सेक्टर मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की गई थी। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देशानुसार व्यापक प्रचार-प्रसार एवं सूचना प्रसारण तंत्र भी विकसित किया गया था। इसमें सभी ग्राम प्रधानों को एक व्हाट्सएप गु्रप से जोड़ा गया था, जिसमें समय-समय पर जिलाधिकारी स्वयं ग्राम प्रधानों से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील करते थे। जिला सूचना अधिकारी द्वारा ललित लोकवाणी रेडियो स्टेशन के माध्यम से समुदाय को इस कार्यक्रम के संदर्भ में समय पर जानकारी प्रचारित की जाती थी। इसके अतिरिक्त जिला सूचना कार्यालय के फेसबुक पेज के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाता है। इस टीकाकरण अभियान का सबसे अच्छा बिंदु यह रहा कि इसमें ऑटो डिसेबल सिरींज का प्रयोग किया जाता था, जो एक बार प्रयोग के उपरांत अपने आप बेकार हो जाती थी।
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