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गली में जल भराव होने से बढ़ी दुश्वारियां
Updated Fri, 17 Aug 2018 04:56 AM IST
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गली में जल भराव होने से बढ़ी दुश्वारियां
ललितपुर। सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका परिषद का नया वार्ड बना जुगपुरा आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही सफाई के इंतजाम हैं। वर्तमान में बारिश से हो रहे जल भराव ने स्थानीय लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। इसके बाद भी पालिका इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
बीते माहों में नगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार हुआ है। इसमें ग्राम पंचायत जुगपुरा को नया वार्ड बनाया गया लेकिन इसका अभी तक विकास नहीं हो सका है। ग्राम पंचायत ने जिस स्थिति में छोड़ा था, लगभग वैसे ही हालत अभी भी बने हुए हैं। वार्ड की तमाम गलियां कच्ची हैं जिनमें गंदे पानी की निकासी के उचित इंतजाम नहीं हैं। बारिश में तो इस समस्या ने गंभीर बना दिया है। वार्ड में जगह-जगह जल भराव एवं कीचड़ की समस्या बनी हुई है। पटौरा रोड पर रहने वाले करीब दस परिवार नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां की नालियां महीनों से साफ नहीं हुई हैं, जिससे वह बजबजा रही हैं। इसके अलावा गलियों में बारिश का पानी जमा हो रहा है।
बीते दिनों मुहल्ले की निवासिनी निर्जला पत्नि रितेंद्र ने इसकी शिकायत आईजीआरएस पर की। नगर पालिका के ईओ अवनींद्र कुमार ने इसका निरीक्षण कराया। मौके पर पाया कि सक्कू नाई के मकान से लेकर गब्बर लोधी के मकान तक पेबर ब्रिक्स रोड व नाली निर्माण के लिए 953700 रुपये की जरूरत है। इस पर उन्होंने डीएम को लिखे पत्र में बताया कि इस रोड की स्वीकृति के लिए आगामी बोर्ड बैठक में इसे प्रस्तुत किया जाएगा। बोर्ड की स्वीकृति एंव धनोपलब्धता के आधार पर नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस तरह अभी समस्या जस की तस बनी हुई है।
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नहीं आते सफाई के लिए कर्मी
ग्राम सभा से मुहल्ला वार्ड में तब्दील हो गया है लेकिन सफाई व्यवस्था दुरूस्त नहीं हो सकी है। आज भी यहां की नालियां सफाई के अभाव में बजबजा रही हैं। अब इन नालियों से आए दिन सांप निकलते हैं। जिससे जहरीले कीड़ों के घर में घुसने का अंदेशा हर समय बना रहता है।
सतेंद्र
जल भराव से कीचड़ में बदले रास्ते
वार्ड की तमाम गलियों को अब तक पक्का नहीं किया गया है। वर्तमान में हो रही बारिश ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी हैं। बारिश के पानी का जमाव होने से रास्ते कीचड़ में बदल गए हैं। जिनसे निकलना मुश्किल हो रहा है। आए दिन महिला-पुरूष व बच्चे इनमें गिरकर चुटहिल हो जाते हैं।
शिवम झां
बच्चों को कंधा पर बैठाकर निकालते
स्कूल जाते समय बच्चों को कंधा पर बैठाकर रास्ता पार कराते हैं। यह दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। यदि ऐसा नहीं करें तो उनकी यूनिफार्म खराब होने का भय बना रहता है। नगर पालिका इस ओर ध्यान ही नहीं दे रही है। जिससे स्थानीय लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
लाड़कुंवर
घर में घुस जाता बारिश का पानी
गली का जल भराव उस समय भयानक रूप ले लेता है जब झमाझम बारिश होती है। घर के अंदर बारिश का पानी चला जाता है। जब बारिश होती है तो रात में नींद नहीं लगती है। हर समय घर में पानी घुसने का भय बना रहता है। कई बार जल भराव वाले स्थान में गिर चुके हैं। एक दो दिन दुपहिया वाहन भी गिर चुका है।
निर्बल
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ललितपुर। सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका परिषद का नया वार्ड बना जुगपुरा आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही सफाई के इंतजाम हैं। वर्तमान में बारिश से हो रहे जल भराव ने स्थानीय लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। इसके बाद भी पालिका इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
बीते माहों में नगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार हुआ है। इसमें ग्राम पंचायत जुगपुरा को नया वार्ड बनाया गया लेकिन इसका अभी तक विकास नहीं हो सका है। ग्राम पंचायत ने जिस स्थिति में छोड़ा था, लगभग वैसे ही हालत अभी भी बने हुए हैं। वार्ड की तमाम गलियां कच्ची हैं जिनमें गंदे पानी की निकासी के उचित इंतजाम नहीं हैं। बारिश में तो इस समस्या ने गंभीर बना दिया है। वार्ड में जगह-जगह जल भराव एवं कीचड़ की समस्या बनी हुई है। पटौरा रोड पर रहने वाले करीब दस परिवार नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां की नालियां महीनों से साफ नहीं हुई हैं, जिससे वह बजबजा रही हैं। इसके अलावा गलियों में बारिश का पानी जमा हो रहा है।
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बीते दिनों मुहल्ले की निवासिनी निर्जला पत्नि रितेंद्र ने इसकी शिकायत आईजीआरएस पर की। नगर पालिका के ईओ अवनींद्र कुमार ने इसका निरीक्षण कराया। मौके पर पाया कि सक्कू नाई के मकान से लेकर गब्बर लोधी के मकान तक पेबर ब्रिक्स रोड व नाली निर्माण के लिए 953700 रुपये की जरूरत है। इस पर उन्होंने डीएम को लिखे पत्र में बताया कि इस रोड की स्वीकृति के लिए आगामी बोर्ड बैठक में इसे प्रस्तुत किया जाएगा। बोर्ड की स्वीकृति एंव धनोपलब्धता के आधार पर नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस तरह अभी समस्या जस की तस बनी हुई है।
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नहीं आते सफाई के लिए कर्मी
ग्राम सभा से मुहल्ला वार्ड में तब्दील हो गया है लेकिन सफाई व्यवस्था दुरूस्त नहीं हो सकी है। आज भी यहां की नालियां सफाई के अभाव में बजबजा रही हैं। अब इन नालियों से आए दिन सांप निकलते हैं। जिससे जहरीले कीड़ों के घर में घुसने का अंदेशा हर समय बना रहता है।
सतेंद्र
जल भराव से कीचड़ में बदले रास्ते
वार्ड की तमाम गलियों को अब तक पक्का नहीं किया गया है। वर्तमान में हो रही बारिश ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी हैं। बारिश के पानी का जमाव होने से रास्ते कीचड़ में बदल गए हैं। जिनसे निकलना मुश्किल हो रहा है। आए दिन महिला-पुरूष व बच्चे इनमें गिरकर चुटहिल हो जाते हैं।
शिवम झां
बच्चों को कंधा पर बैठाकर निकालते
स्कूल जाते समय बच्चों को कंधा पर बैठाकर रास्ता पार कराते हैं। यह दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। यदि ऐसा नहीं करें तो उनकी यूनिफार्म खराब होने का भय बना रहता है। नगर पालिका इस ओर ध्यान ही नहीं दे रही है। जिससे स्थानीय लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
लाड़कुंवर
घर में घुस जाता बारिश का पानी
गली का जल भराव उस समय भयानक रूप ले लेता है जब झमाझम बारिश होती है। घर के अंदर बारिश का पानी चला जाता है। जब बारिश होती है तो रात में नींद नहीं लगती है। हर समय घर में पानी घुसने का भय बना रहता है। कई बार जल भराव वाले स्थान में गिर चुके हैं। एक दो दिन दुपहिया वाहन भी गिर चुका है।
निर्बल