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शासन से की गई जनपद में 24 राजकीय हाईस्कूलों के निर्माण की मांग

Sat, 26 May 2018 02:04 AM IST
Updated Sat, 26 May 2018 02:04 AM IST
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शासन से की गई जनपद में 24 राजकीय हाईस्कूलों के निर्माण की मांग
शासन से जनपद में 24 राजकीय हाईस्कूलों के निर्माण की मांग
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जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने शासन को पत्र भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट तक की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार की राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान योजना के तहत विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी योजना के तहत जनपद के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में 24 नवीन राजकीय हाईस्कूलों के निर्माण के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने शासन को पत्र भेजा है। प्रत्येक विद्यालय के लिए करीब 75.61 लाख रुपये की लागत शासन से ही प्रस्तावित हैं।
जनपद के जिन ग्रामीण इलाकों में बालक-बालिकाओं को कक्षा 08वीं के बाद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने लिए स्कूलों की सुविधा नहीं है, तो ऐसे ग्रामीण इलाकों में केंद्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत राजकीय हाईस्कूलों और इंटरमीडिएट स्कूलों को निर्माण कराया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष 2018-19 की वार्षिक कार्ययोजना के तहत जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने शासन से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 24 राजकीय हाईस्कूलों के निर्माण कराने की मांग की है। विकासखंड बार क्षेत्र के ग्राम गड़याना, पारौन, जरावली, पुराधानकुवां व कुआगांव में। विकासखंड बिरधा क्षेत्र के ग्राम धौर्रा, चिगलौआ, मैलवारा कलां, पिपरिअन व बालाबेहट में। विकासखंड जखौरार क्षेत्र के ग्राम अदवाहा, विघाखेत, छीपई, जिजयावन, लागौन, भुंनता, चौकी, मुड़िया गांव में। विकासखंड मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम अर्जुन खिरिया, भीकमपुर व इकाऊना में और विकासखंड तालबेहट के ग्राम पूराकलां, बिजरौठा व पवा में राजकीय हाईस्कूलों के निर्माण की मांग को लेकर प्रस्ताव भेजा है। इसमें विकासखंड महरौनी का कोई भी गांव शामिल नहीं किया गया है। गौरतलब है कि इस योजना के तहत एक राजकीय हाईस्कूल के निर्माण के लिए 75.61 लाख रुपये स्वीकृत हैं। इसमें बच्चों की सुविधा के लिए कक्षों के साथ-साथ बालक-बालिकाओं के लिए शौचालय, पेयजल की सुविधा आदि बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगीं। बीते तीन वित्तीय वर्षों से नियमित रूप से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में राजकीय हाईस्कूलों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा जा रहा है, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली है। वर्ष 2014-15 में जनपद के लिए 14 राजकीय हाईस्कूल के निर्माण की सौगात मिली थी।
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प्रधानाध्यपकों से ज्यादा है स्कूलों की संख्या, शिक्षकों की भारी कमी
जनपद में कुल राजकीय इंटर कॉलेज हैं, इनमें पढ़ाने के लिए कुल 62 प्रवक्ताओं और 103 सहायक अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से वर्तमान में मात्र 10 प्रवक्ता और सिर्फ 46 सहायक अध्यापक ही तैनात हैं, जबकि कुल छात्रांकन 16 हजार के करीब है। इस तरह कुल 52 प्रवक्ताओं और 57 सहायक अध्यापकों की जगह अब भी खाली पड़ी है। वहीं जनपद में बने समस्त 31 राजकीय हाईस्कूल की बात करें जो इनमें से मात्र 13 में ही प्रधानाध्यापक की तैनाती है, बकाया 18 विद्यालयों की जिम्मेदारी प्रभारिीयों के भरोसे चल रही हैि। इसके साथ ही इन राजकीय हाईस्कूलों में कुल स्वीकृत 189 सहायक अध्यापकों के पदों में से केवल 31 ही सहायक अध्यापक हैं। इन राजकीय हाईस्कूलों को 18 प्रधानाध्यापकों और 158 सहायक अध्यापकों की आवश्यकता है। वहीं अशासकीय सहायता प्राप्त से संचालित 11 विद्यालयों में मात्र चार विद्यालयों में प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक तैनात हैं बकाया 7 विद्यालयों में प्रभारियों से काम चलाया जा रहा है। इसी तरह इन विद्यालयों में 42 पदों 32 प्रवक्ता तैनात हैं और 10 पद रिक्त हैं। वहीं सहायक अध्यापकों के कुल स्वीकृत 154 पदों परमात्र 87 सहायक शिक्षक ही तैनात है, जबकि 67 पद रिक्त चल रहे हैं।
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इनका कहना है
जनपद में नवीन राजकीय हाईस्कूलों के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें 24 राजकीय हाईस्कूलों की मांग की गई है। वहीं जनपद में चल रही प्रवक्ता, प्रधानाचार्यों व अध्यापकों की कमी से शासन का पूर्व में ही अवगत कराया जा चुका है।
- वीरेंद्र कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर।
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