{"_id":"5b6c9eea4f1c1bf5498b5fe2","slug":"41533845226-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तंबाकू नियंत्रण कार्यशाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तंबाकू नियंत्रण कार्यशाला
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैंप लगाकर बताएं तंबाकू के दुष्प्रभाव
सार्वजनिक स्थानों पर न हो धूम्रपान इसके लिए बसूलें जुर्माना
तंबाकू नियंत्रण के लिए हुई कार्यशाला, दिया प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। डीएलसीसी लॉ इंफोर्समेंट की बैठक और जिला स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुआ। इसमें तंबाकू नियंत्रण के उपाय और सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उत्पादों का प्रयोग न करने के लिए बने कानूनों की जानकारी दी गई। साथ ही कोटपा एक्ट की जानकारी भी दी गई।
इससे पूर्व जिलाधिकारी और एसपी डा. ओपी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रताप सिंह ने द्वीप प्रज्ज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में अधिकारियों ने कोटपा एक्ट को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ पावर प्वाइंट के माध्यम से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बताया कि कोटपा एक्ट में धारा-चार के अनुसार स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, विद्यालय, कॉलेज या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना प्रतिबंधित है साथ ही धारा छह के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों को धूम्रपान संबंधी सामग्री बेचना व उनसे बिकवाना दोनों ही अपराध है। इसके साथ ही विद्यालय से सौ मीटर की दूरी में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है और विद्यालयों में तंबाकू मुक्त का बोर्ड लगा होना चाहिए। इस दौरान कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों को जुर्माने की रसीद की बुकलेट और चालान बुक की एक-एक बुकलेट, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की दिगदर्शिका, हैंडविल्स तथा लर्निंग सामग्री पेड, पेन, फोल्डर दी गई। इसके उपरांत कार्यशाला में जूविनायल एक्ट, खाद्य एक्ट, पोईजन एक्ट एवं अन्य एक्ट के बारे में पावर प्वाइंट पर एक प्रजेंटेशन के माध्यम से फीजियोथेरेपिस्ट डा. रिजु दुबे ने बताया। शालिनी दीक्षित क्यूआई मेंटर ने पावर प्वाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिला तंबाकू प्रकोष्ठ द्वारा अभी तक की गयी कार्यवाहियों, स्वास्थ्य कैंपों, प्रदर्शनियों, मेलों में जो स्टॉल लगाये गये उनके बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में जिलाधिकारी ने सचिव के कार्यवृत्त में दिये गये निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करने के लिए सभी को निर्देश दिये गये। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों, सभी होटलों, सभी सार्वजनिक स्थानों को धूम्रपान मुक्त किया जाये। साथ ही कार्यशालायें ब्लॉक स्तर पर ग्राम पंचायत स्तर पर की जायें। लोगों को तम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में सरल भाषा में समझाया जाये। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सभी विभागों को सम्मलित होना पडे़गा तभी हम लक्ष्यों को पूर्ण कर सकते है। यलो लाईन केम्पेन को प्रभावी ढंग से चलाये जाने हेतु निर्देश दिये गये। सभी विभागों को 15 अगस्त को झण्डा रोहण के समय शपथ ग्रहण कराये जाने हेतु निर्देश दिये। अधिकारियों ने बताया कि डीएलसीसी की बैठक कराने का मुख्य उद्देश्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की अध्यक्षता में पांच अगस्त को हुई बैठक में दिये गये निर्देशों का पालन करवाने के लिए था। पुलिस अधीक्षक ने कार्यशाला में आश्वासन दिया कि कोटपा एक्ट 2003 की विभिन्न धाराओं एवं अधिनियम की मंशानुसार शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन जागरूकता पैदा करने हेतु और अधिक प्रचार-प्रसार कि आवश्यकता है। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, सीडीओ शिवनारायण समस्त उपजिलाधिकारी समेत सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
सार्वजनिक स्थानों पर न हो धूम्रपान इसके लिए बसूलें जुर्माना
तंबाकू नियंत्रण के लिए हुई कार्यशाला, दिया प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। डीएलसीसी लॉ इंफोर्समेंट की बैठक और जिला स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुआ। इसमें तंबाकू नियंत्रण के उपाय और सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उत्पादों का प्रयोग न करने के लिए बने कानूनों की जानकारी दी गई। साथ ही कोटपा एक्ट की जानकारी भी दी गई।
इससे पूर्व जिलाधिकारी और एसपी डा. ओपी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रताप सिंह ने द्वीप प्रज्ज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में अधिकारियों ने कोटपा एक्ट को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ पावर प्वाइंट के माध्यम से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बताया कि कोटपा एक्ट में धारा-चार के अनुसार स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, विद्यालय, कॉलेज या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना प्रतिबंधित है साथ ही धारा छह के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों को धूम्रपान संबंधी सामग्री बेचना व उनसे बिकवाना दोनों ही अपराध है। इसके साथ ही विद्यालय से सौ मीटर की दूरी में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है और विद्यालयों में तंबाकू मुक्त का बोर्ड लगा होना चाहिए। इस दौरान कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों को जुर्माने की रसीद की बुकलेट और चालान बुक की एक-एक बुकलेट, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की दिगदर्शिका, हैंडविल्स तथा लर्निंग सामग्री पेड, पेन, फोल्डर दी गई। इसके उपरांत कार्यशाला में जूविनायल एक्ट, खाद्य एक्ट, पोईजन एक्ट एवं अन्य एक्ट के बारे में पावर प्वाइंट पर एक प्रजेंटेशन के माध्यम से फीजियोथेरेपिस्ट डा. रिजु दुबे ने बताया। शालिनी दीक्षित क्यूआई मेंटर ने पावर प्वाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिला तंबाकू प्रकोष्ठ द्वारा अभी तक की गयी कार्यवाहियों, स्वास्थ्य कैंपों, प्रदर्शनियों, मेलों में जो स्टॉल लगाये गये उनके बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में जिलाधिकारी ने सचिव के कार्यवृत्त में दिये गये निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करने के लिए सभी को निर्देश दिये गये। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों, सभी होटलों, सभी सार्वजनिक स्थानों को धूम्रपान मुक्त किया जाये। साथ ही कार्यशालायें ब्लॉक स्तर पर ग्राम पंचायत स्तर पर की जायें। लोगों को तम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में सरल भाषा में समझाया जाये। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सभी विभागों को सम्मलित होना पडे़गा तभी हम लक्ष्यों को पूर्ण कर सकते है। यलो लाईन केम्पेन को प्रभावी ढंग से चलाये जाने हेतु निर्देश दिये गये। सभी विभागों को 15 अगस्त को झण्डा रोहण के समय शपथ ग्रहण कराये जाने हेतु निर्देश दिये। अधिकारियों ने बताया कि डीएलसीसी की बैठक कराने का मुख्य उद्देश्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की अध्यक्षता में पांच अगस्त को हुई बैठक में दिये गये निर्देशों का पालन करवाने के लिए था। पुलिस अधीक्षक ने कार्यशाला में आश्वासन दिया कि कोटपा एक्ट 2003 की विभिन्न धाराओं एवं अधिनियम की मंशानुसार शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन जागरूकता पैदा करने हेतु और अधिक प्रचार-प्रसार कि आवश्यकता है। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, सीडीओ शिवनारायण समस्त उपजिलाधिकारी समेत सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन