फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   आइल कलर से कला बनाने हुनरमंद हुए प्रशिक्षणार्थी

आइल कलर से कला बनाने हुनरमंद हुए प्रशिक्षणार्थी

Wed, 04 Jul 2018 01:56 AM IST
Updated Wed, 04 Jul 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
आइल कलर से कला बनाने हुनरमंद हुए प्रशिक्षणार्थी
ऑयल कलर से सीखी पेंटिंग
विज्ञापन

ललितपुर। सिद्धन रोड स्थित कला भवन में आयोजित विशिष्ट कला शिविर पेंटिंग विद ऑयल कलर्स का समापन हो गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि कला के माध्यम से भी अपनी अभिव्यक्ति प्रकट की जा सकती है।
मुख्य अतिथि सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, पूर्व प्रधानाचार्य अजय कुमार जैन, विशिष्ट अतिथि डॉ. अवधेश कुमार अग्रवाल प्राचार्य, डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री विभागाध्यक्ष संस्कृत नेहरू स्नाकोत्तर महाविद्यालय ने सबसे पहले दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके उपरांत शिविर आयोजक ओपी बिरथरे ने प्रतिभागियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग आत्ममुग्धा, प्रकृति एवं स्ट्रीट का प्रदर्शन किया। उन्होंने पेंटिंग में प्रयोग किए गए ब्रश, नाईफ द्वारा स्ट्रोक्स पेचिज फिनिशिंग तकनीक के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देते बताया कि प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी भावनाओं को वाणी देने व कलात्मक अभिव्यक्ति के लिये आयल कलर को प्रमुखता दी है, इस माध्यम से बने चित्र सदियों तक सुरक्षित रहते हैं।
विज्ञापन


इसे ध्यान में रखकर शिविर में इस तकनीक का प्रतिभागियों को अभ्यास कराया गया। मुख्य अतिथि सदर विधायक रामरतन कुुशवाहा ने कहा कि प्रख्यात चित्रकार ओपी बिरथरे आज कला की बदौलत उस ऊंचाई पर पहुंच गये है, जहां उन्हें गुरूत्व मिला है। शिविर में प्रतिभागियों द्वारा बनाये गये चित्रों में कला कुशलता देखकर में हैरत हो रही है कि कम समय में प्रतिभागियों ने कला के हुनर सीख लिए। चित्रकला क्षेत्र में महत्वूपर्ण योगदान देने के लिये चित्रकार श्री बिरथरे को सम्मान दिलाने के लिए शासन स्तर पर प्रयास करेंगे। डा. अवधेश अग्रवाल ने कहा कि इस तरह के शिविरों से कला घर-घर तक पहुंच रही है। कला से जहां अपनी अभिव्यक्ति व्यक्त की जा सकती है। वहीं, व्यक्ति तनाव, कुंठा, पलायन से बच सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा बनाये गये चित्रों की प्रशंसा की।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि कला साधना सबसे बड़ी तपस्या है। बिरथरे जी का योगदान अमूल्य है। उनके चित्रों में जीवन रेखाएं बोलती है और भावाभिव्यक्ति मन को आन्दोलित कर देती है। कला साधकों को रवि चुनगी एवं डा रमेश किलेदार ने भी सम्बोधित किया। अंत में प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। अजय कुमार जैन ने श्रेष्ट कला प्रदर्शन के लिये चयनित स्मृति सिंह ठाकुर, प्रियंका जैन, नीतू गौतम, कप्तान सिंह, सपना श्रीवास को स्मृति चिन्ह प्रदान किये। विजया जैन ने कला सेवा के लिये बिरथरे को अपनी कहानी संग्रह की संकल्प पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में शांति मालवीय, आनंद कुमार त्रिपाठी, एनएल शर्मा, इशहाक अहमद, गोविंद व्यास, डा जीत गुप्ता, जयंत चौबे, प्रीति चौबे, शिवशंकर पाठक, दीपक नामदेव, कैलाश नारायण द्विवेदी उपस्थित रहे। संचालन सत्यनारायण तिवारी आचार्य ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed