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हाईटेंशन तार की चिंगारी बाल बाल बचे पान वरेजे
Updated Fri, 08 Jun 2018 02:08 AM IST
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हाईटेंशन तार की चिंगारी बाल बाल बचे पान वरेजे
विद्युत लाइन यहां से हटाए जाने को अड़े पान कृषक
आठ घंटे बाद हो सकी सप्लाई चालू
अमर उजाला ब्यूरो
पाली (ललितपुर)। बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे के करीब पान वरेजों के ऊपर से निकली हाइटेंशन लाइन का तार टूटने से वरेजों के पास आग लग गई। जानकारी लगते ही बदहवास किसानों ने मौके पर जाकर किसी तरह काबू पाकर वरेजों की ओर दौड़ रही आग पर काबू पाया। गुस्साए किसान लाइन जोड़ने के विरोध पर उतर आए। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान माने तब जाकर लगभग आठ घंटे बाद कस्बे में विद्युत सप्लाई शुरू हो सकी।
बिरधा क्षेत्र से पाली 33 केवी को जाने वाली हाइटेंशन विद्युत केबल पान वरेजों के ऊपर से निकली है। इसके चलते यहां कभी भी केबिलों से उठी चिंगारी पान वरेजों को खतरे में डाल देती है। किसानों ने बताया कि केबिल बिछने से पहले भी विभाग को अवगत कराया था। यहां से निकली केबिल पान वरेजों के लिए हमेशा खतरनाक साबित होंगी, लेकिन उनकी एक नहीं मानी गई। इसके परिणाम हमेशा यहां चुनौती होते हैं।
आठ बजे के करीब यहां केबिल टूट गई, जिसकी उठी चिंगारी से पान वरेजों के पास झाड़ियों में आग फैल गई। वरेजों में काम कर रहे किसानों ने इसकी सूचना तत्काल अपने किसान साथियों को दी। मौके पर बदहवास दौड़ते आ रहे लोगों ने मिलकर जद्दोजहद कर आग पर काबू पाकर पान वरेजों को सुरक्षित बचाया। अपने ऊपर मंडराते खतरे को देख किसान हमेशा यहां पर्याप्त पानी के इंतजाम के साथ इंजन भी तैयार रखते हैं। जिससे एक बड़ी मदद मिलती रहती है। जरा सी चूक यहां पान किसानों को बर्बादी का रास्ता दिखा देंगे। इसी क्षुब्ध होकर केबिल जोड़ने आये कर्मचारियों को पान किसानों ने रोक दिया। अपनी मांग पर अड़ गए कि यहां से केबिल हटाई जाए। जिससे स्थानीय कर्मचारी पीछे हट गए, लगभग आठ घंटे बाद किसानों के तेवर देख एसडीएम पाली ने किसानों को समझाया कि आपकी समस्या को विद्युत अधिकारियों तक ले जाया जाएगा, तब जाकर किसान माने। गौरतलब यह है कि पान की खेती को कृषि का दर्जा प्राप्त नही है। इसके चलते आगजनी जैसे तमाम आपदाओं से किसान को खुद निपटना पड़ता है । इनको शासन द्वारा कोई मदद प्राप्त नही होती। वहीं, आठ घंटे विद्युत सप्लाई बाधित रहने से कस्बे के लोग व्याकुल बने रहे ।
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हाईटेंशन केबिलों के नीचे नहीं है सुरक्षा
कहीं न कहीं विभाग अपनी उदासीनता दिखा रहा। विभाग को अच्छी तरह मालूम है कि जान माल क्षेत्र से निकली हाईटेंशन केबिल के नीचे कोई भी सुरक्षा कवच नही है । जिसमें बसस्टैंड ए पीपरी मोहल्ला ए व पान वरेजों के ऊपर से निकली लाइन है । जो टूटने पर कई बार जान माल को भारी क्षति पहुंचा देते हैं। अगर इनके साथ सुरक्षा कवच होगा तो तार टूटने के बाद नीचे आने की वजह सुरक्षा कवच पर रह जाएगा। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष ने एसडीएम को एक ज्ञापन दिया। इसमें पान वरेजों के पास से लाइन हटाकर सड़क के किनारे से होकर डाले जाने की मांग उठाई ।
कस्बे को कब मिलेगी दमकल
जानकारी मुताबिक पाली को दमकल केंद्र की सौगात मिल गई है। निर्माण के लिए जमीन के अभिलेख भी संबंधित विभाग को भेज दी गई है। विभाग ने जमीन को आरक्षित भी कर लिया। एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी इसकी नींव तक नही रखी गई। जल्द दमकल मिल जाने से पान किसानों के अलावा पाली सहित ग्रामीण क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। समय रहते आगजनी पर काबू पाया जा सकता है। अभी तो सब कुछ खाक हो जाने के बाद ही ललितपुर से यहां दमकल आ पाती है ए वो भी अगर उस समय दमकल खाली हो तो।
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विद्युत लाइन यहां से हटाए जाने को अड़े पान कृषक
आठ घंटे बाद हो सकी सप्लाई चालू
अमर उजाला ब्यूरो
पाली (ललितपुर)। बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे के करीब पान वरेजों के ऊपर से निकली हाइटेंशन लाइन का तार टूटने से वरेजों के पास आग लग गई। जानकारी लगते ही बदहवास किसानों ने मौके पर जाकर किसी तरह काबू पाकर वरेजों की ओर दौड़ रही आग पर काबू पाया। गुस्साए किसान लाइन जोड़ने के विरोध पर उतर आए। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान माने तब जाकर लगभग आठ घंटे बाद कस्बे में विद्युत सप्लाई शुरू हो सकी।
बिरधा क्षेत्र से पाली 33 केवी को जाने वाली हाइटेंशन विद्युत केबल पान वरेजों के ऊपर से निकली है। इसके चलते यहां कभी भी केबिलों से उठी चिंगारी पान वरेजों को खतरे में डाल देती है। किसानों ने बताया कि केबिल बिछने से पहले भी विभाग को अवगत कराया था। यहां से निकली केबिल पान वरेजों के लिए हमेशा खतरनाक साबित होंगी, लेकिन उनकी एक नहीं मानी गई। इसके परिणाम हमेशा यहां चुनौती होते हैं।
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आठ बजे के करीब यहां केबिल टूट गई, जिसकी उठी चिंगारी से पान वरेजों के पास झाड़ियों में आग फैल गई। वरेजों में काम कर रहे किसानों ने इसकी सूचना तत्काल अपने किसान साथियों को दी। मौके पर बदहवास दौड़ते आ रहे लोगों ने मिलकर जद्दोजहद कर आग पर काबू पाकर पान वरेजों को सुरक्षित बचाया। अपने ऊपर मंडराते खतरे को देख किसान हमेशा यहां पर्याप्त पानी के इंतजाम के साथ इंजन भी तैयार रखते हैं। जिससे एक बड़ी मदद मिलती रहती है। जरा सी चूक यहां पान किसानों को बर्बादी का रास्ता दिखा देंगे। इसी क्षुब्ध होकर केबिल जोड़ने आये कर्मचारियों को पान किसानों ने रोक दिया। अपनी मांग पर अड़ गए कि यहां से केबिल हटाई जाए। जिससे स्थानीय कर्मचारी पीछे हट गए, लगभग आठ घंटे बाद किसानों के तेवर देख एसडीएम पाली ने किसानों को समझाया कि आपकी समस्या को विद्युत अधिकारियों तक ले जाया जाएगा, तब जाकर किसान माने। गौरतलब यह है कि पान की खेती को कृषि का दर्जा प्राप्त नही है। इसके चलते आगजनी जैसे तमाम आपदाओं से किसान को खुद निपटना पड़ता है । इनको शासन द्वारा कोई मदद प्राप्त नही होती। वहीं, आठ घंटे विद्युत सप्लाई बाधित रहने से कस्बे के लोग व्याकुल बने रहे ।
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हाईटेंशन केबिलों के नीचे नहीं है सुरक्षा
कहीं न कहीं विभाग अपनी उदासीनता दिखा रहा। विभाग को अच्छी तरह मालूम है कि जान माल क्षेत्र से निकली हाईटेंशन केबिल के नीचे कोई भी सुरक्षा कवच नही है । जिसमें बसस्टैंड ए पीपरी मोहल्ला ए व पान वरेजों के ऊपर से निकली लाइन है । जो टूटने पर कई बार जान माल को भारी क्षति पहुंचा देते हैं। अगर इनके साथ सुरक्षा कवच होगा तो तार टूटने के बाद नीचे आने की वजह सुरक्षा कवच पर रह जाएगा। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष ने एसडीएम को एक ज्ञापन दिया। इसमें पान वरेजों के पास से लाइन हटाकर सड़क के किनारे से होकर डाले जाने की मांग उठाई ।
कस्बे को कब मिलेगी दमकल
जानकारी मुताबिक पाली को दमकल केंद्र की सौगात मिल गई है। निर्माण के लिए जमीन के अभिलेख भी संबंधित विभाग को भेज दी गई है। विभाग ने जमीन को आरक्षित भी कर लिया। एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी इसकी नींव तक नही रखी गई। जल्द दमकल मिल जाने से पान किसानों के अलावा पाली सहित ग्रामीण क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। समय रहते आगजनी पर काबू पाया जा सकता है। अभी तो सब कुछ खाक हो जाने के बाद ही ललितपुर से यहां दमकल आ पाती है ए वो भी अगर उस समय दमकल खाली हो तो।