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स्वास्थ्य:महिला अस्पताल में विभिन्न पदों की भर्ती चर्चा में
Updated Wed, 30 May 2018 03:59 AM IST
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आउटसोर्सिंग में नौ वार्डब्वाय एवं छह नर्सों की हुई तैनाती
ललितपुर। पिछले दिनों जिला महिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग के लिए जरिए भरे गए कई पदों की भर्ती सवालों के घेरे में है। जिस एजेंसी ने इन पदों को भरा है, उसकी विज्ञप्ति की किसी को खबर नहीं हुई और प्रक्रिया पूरी कर ली गई। दिलचस्प बात यह रही कि इस भर्ती में एक ही परिवार और जाति विशेष को तरजीह दी गई।
जिला महिला अस्पताल में तमाम पद रिक्त चल रहे हैं। जिनकी कमी से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हो पा रही है। शासन ने व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आउट सोर्सिंग के जरिए कर्मचारियों को भरने की हरी झंडी दे दी है। बीते माह प्रभारी सीएमएस डॉ. हरेंद्र चौहान ने विभिन्न पदों को भरने के लिए दो एजेंसियों से संपर्क किया। इनमें से एक अवनी परिधि लखनऊ ने विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थी देने के लिए तैयार हो गई। जिस पर सीएमएस ने करीब पंद्रह पदों की रिक्तियों को भरने की सहमति दे दी। संबंधित एजेंसी ने आनन फानन कार्रवाई करते हुए रिक्त पदों के लिए कर्मचारी उपलब्ध करा दिए। इस दौरान एजेंसी द्वारा अभ्यर्थियों से कब आवेदन मांगे, इसकी किसी को सूचना तक नहीं लगी। केवल यह सूचना उन तक ही पहुंची, जिनकी इसमें भर्ती की जानी थी। जिसका परिणाम यह हुआ कि एक परिवार के कई सदस्य एवं जाति विशेष का इसमें बोलबाला हो गया जो चर्चा का विषय बन गया है।
......
भर्ती प्रक्रिया नहीं बता सके सीएमएस
जिस एजेंसी से महिला जिला अस्पताल को नए कर्मचारी मिले हैं, उसने भर्ती की कैसे प्रक्रिया अपनाई? इसे सीएमएस स्पष्ट नहीं कर सके। उनका कहना है कि एजेंसी ने साक्षात्कार की प्रक्रिया अपनाई होगी, इससे विभाग को कोई लेना देना नहीं है। हमें जो कर्मचारी मिले हैं, उनसे काम लेना है। स्टाफ नर्स में अनुभव मांगा जाता है, लेकिन यदि अनुभव नहीं है तो भी उसे तैनाती मिल जाती है। यह तब तक के लिए व्यवस्था है जब तक कि शासन की ओर से भर्ती नहीं हो रही हैं।
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......
नियमानुसार हो रही भर्ती
आउटसोर्सिंग के तहत की जा रही भर्ती नियमानुसार है। इसमें सभी कुछ एजेंसी को ही करना होता है। वे ही अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच करते हैं।
डा. हरेंद्र चौहान
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला महिला चिकित्सालय
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ललितपुर। पिछले दिनों जिला महिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग के लिए जरिए भरे गए कई पदों की भर्ती सवालों के घेरे में है। जिस एजेंसी ने इन पदों को भरा है, उसकी विज्ञप्ति की किसी को खबर नहीं हुई और प्रक्रिया पूरी कर ली गई। दिलचस्प बात यह रही कि इस भर्ती में एक ही परिवार और जाति विशेष को तरजीह दी गई।
जिला महिला अस्पताल में तमाम पद रिक्त चल रहे हैं। जिनकी कमी से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हो पा रही है। शासन ने व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आउट सोर्सिंग के जरिए कर्मचारियों को भरने की हरी झंडी दे दी है। बीते माह प्रभारी सीएमएस डॉ. हरेंद्र चौहान ने विभिन्न पदों को भरने के लिए दो एजेंसियों से संपर्क किया। इनमें से एक अवनी परिधि लखनऊ ने विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थी देने के लिए तैयार हो गई। जिस पर सीएमएस ने करीब पंद्रह पदों की रिक्तियों को भरने की सहमति दे दी। संबंधित एजेंसी ने आनन फानन कार्रवाई करते हुए रिक्त पदों के लिए कर्मचारी उपलब्ध करा दिए। इस दौरान एजेंसी द्वारा अभ्यर्थियों से कब आवेदन मांगे, इसकी किसी को सूचना तक नहीं लगी। केवल यह सूचना उन तक ही पहुंची, जिनकी इसमें भर्ती की जानी थी। जिसका परिणाम यह हुआ कि एक परिवार के कई सदस्य एवं जाति विशेष का इसमें बोलबाला हो गया जो चर्चा का विषय बन गया है।
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भर्ती प्रक्रिया नहीं बता सके सीएमएस
जिस एजेंसी से महिला जिला अस्पताल को नए कर्मचारी मिले हैं, उसने भर्ती की कैसे प्रक्रिया अपनाई? इसे सीएमएस स्पष्ट नहीं कर सके। उनका कहना है कि एजेंसी ने साक्षात्कार की प्रक्रिया अपनाई होगी, इससे विभाग को कोई लेना देना नहीं है। हमें जो कर्मचारी मिले हैं, उनसे काम लेना है। स्टाफ नर्स में अनुभव मांगा जाता है, लेकिन यदि अनुभव नहीं है तो भी उसे तैनाती मिल जाती है। यह तब तक के लिए व्यवस्था है जब तक कि शासन की ओर से भर्ती नहीं हो रही हैं।
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नियमानुसार हो रही भर्ती
आउटसोर्सिंग के तहत की जा रही भर्ती नियमानुसार है। इसमें सभी कुछ एजेंसी को ही करना होता है। वे ही अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच करते हैं।
डा. हरेंद्र चौहान
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला महिला चिकित्सालय