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एक हैंडपंप पर निर्भर होकर रह गए 150 परिवार

Sun, 18 Feb 2018 01:57 AM IST
Updated Sun, 18 Feb 2018 01:57 AM IST
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एक हैंडपंप पर निर्भर होकर रह गए 150 परिवार
एक हैंडपंप पर निर्भर होकर रह गए 150 परिवार
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ललितपुर। वार्ड नंबर तेइस रावतयाना प्रथम में मसौरा बैरियर स्थित बस्ती मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रही है। सबसे बड़ी समस्या पेयजल बनकर उभरी है। यहां भूगर्भ जलस्तर नीचे खिसक जाने से समूची बस्ती एक हैंडपंप के सहारे हो गई है।
शहर के अंतिम छोर में बसे रावतयाना वार्ड नंबर तेइस में ग्राम मसौरा का कुछ हिस्सा जुड़ गया है। इस बस्ती में अभी तक विकास की किरण नहीं पहुंची है। यहां एक दो पक्की नाली व सड़क को छोड़कर लगभग समूची बस्ती में सड़क व नाली कच्चे हैं। यहां तक कि बच्चों को भी कच्चे मार्ग से ही स्कूल जाना पड़ता है। बारिश के दिनों में जल भराव की स्थिति बन जाती है। इस दौरान कई परिवारों को इससे निपटना मुश्किल हो जाता है। इन दिनों बस्ती में पेयजल की समस्या गहरा रही है। बस्ती में लगे हैंडपंप व घरों के अधिकांश निजी बोर भूगर्भ जलस्तर नीचे खिसक जाने से खराब हो गए हैं। ऐसे में चक्की के पास लगे हैंडपंप पर ही समूची बस्ती निर्भर होकर रह गई है। वाणिज्य कर आफिस परिसर में लगे एक हैंडपंप पर बकायादा जंजीर से ताला लगा हुआ है। वहीं, गोविंद सागर बांध पौधशाला के पास बनी टंकी का चैंबर लीक हो रहा है। इससे कीमती पानी बरबाद हो रहा है। इस पर जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं।
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वाणिज्य कर आफिस के पीछे रास्ता खराब
वाणिज्य कर आफिस के पीछे रास्ता व नाली कच्ची है। यहां मार्ग प्रकाश व्यवस्था का अभाव है। इस बस्ती में दो हैंडपंप लगे हैं, जिनसे पानी निकलना बंद हो गया है। बारिश के मौसम में ढलान होने से पानी घरों में घुस जाता है।
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अशोक

गर्मियों में बिगड़ जाएंगे हालात
गर्मियों की अभी शुरूआत नहीं हुई है और हैंडपंपों से पानी निकलना बंद हो रहा है। जो लोग सार्वजनिक हैंडपंपों से प्यास बुझा रहे थे वह चक्की के पास लगे हैंडपंप से प्यास बुझा लेते हैं लेकिन निजी बोर फेल हो गए हैं, उनके लिए पानी विकट समस्या हो गई है। उन्हें भी हैंडपंप पर पानी के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।

खुले आसमान में कर रहे जीवनयापन
बीस साल से बेघर हैं। आज तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं पा सके हैं। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालन की भी जानकारी नहीं है। मसौरा बेरियर में किसी तरह रात गुजारते हैं। वहीं, दिन में वाहनों में ग्रीस भरकर कुछ कमा लेते हैं, जिससे गुजर बसर कर रहे हैं।
रम्मू

स्कूली बच्चों के लिए बने मार्ग
यूपी सरकार ने मेधावी बच्चों के घर तक पक्की सड़क बनाने की योजना शुरू की है। यदि प्राथमिक स्कूल के बच्चों को सड़क की सुविधा मिल जाए तो उनका भी भविष्य सुधर जाएगा। बारिश के दिनों में बच्चों को कच्चे मार्ग पर निकलना मुश्किल हो जाता है। उस दौरान किसी तरह बच्चे स्कूल पहुंच पाते हैं।

रूपलाल कुशवाहा, शिक्षक

कई बार रख चुके मांग
बस्ती में पेयजल की समस्या बनी हुई है। इसे ध्यान में रखकर चार हैंडपंपों की मांग पहले ही कर चुके हैं। लेकिन, अभी तक मांग पूरी नहीं हो पाई है। वहीं, कर्माबाई नगर में पाइप लाइन बिछाने के लिए पत्र भी जल संस्थान को दिया है।
जहीर अली रानू सभासद
वार्ड नं.23 रावतयाना प्रथम
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