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Lalitpur News: एएनएम की कमी से अटैचमेंट के सहारे चल रहे 41 उपस्वास्थ्य केंद्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में नवजात व गर्भवती महिलाओं की देखभाल कैसे सुगम हो, जब 41 उपस्वास्थ्य केंद्र पर एएनएम की कमी बनी हुई है। ऐसे में विभाग टीकाकरण व अन्य कार्यों को अटैचमेंट के सहारे संचालित किया जा रहा है। इससे लाभार्थी को समय पर टीकाकरण नहीं हो पाता है। साथ ही अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिले में गर्भवती महिलाओं व बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए 198 उपस्वास्थ केंद्र खोले गए हैं। इनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, परिवार नियोजन कार्यक्रम, टीकाकरण, गर्भावस्था में महिलाओं की जांच व देखभाल, प्रसव और नवजात शिशुओं की देखभाल आदि की सुविधा की गई है। इसके लिए एएनएम को जिम्मेदारी दी गई है।
लेकिन, एएनएम की कमी से सभी सेंटर नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। यहां पर 198 एएनएम के सापेक्ष महज 157 ही कार्यरत हैं। इससे 41 उपस्वास्थ्य केंद्र समय पर संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इससे गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन नहीं हो पा रहा है। साथ ही निर्धारित दिनों में टीकाकरण नहीं मिल पा रहा है। साथ ही जांच व अन्य सुविधाएं समय से मुहैया नहीं हो पा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एएनएम की कमी बनी हुई है। इससे सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आस-पास की एएनएम को अटैच किया गया है। लगातार निगरानी कर कार्यक्रम को संचालित कराया जा रहा है।
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जनपद में 198 उपस्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें 157 एएनएम कार्यरत है। 41 उप स्वास्थ्य केंद्र खाली है। ऐसे में अटैच किया गया है। रिक्त पदों को भरने के लिए संबंध में शासन को पत्राचार किया गया है।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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ललितपुर। जनपद में नवजात व गर्भवती महिलाओं की देखभाल कैसे सुगम हो, जब 41 उपस्वास्थ्य केंद्र पर एएनएम की कमी बनी हुई है। ऐसे में विभाग टीकाकरण व अन्य कार्यों को अटैचमेंट के सहारे संचालित किया जा रहा है। इससे लाभार्थी को समय पर टीकाकरण नहीं हो पाता है। साथ ही अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिले में गर्भवती महिलाओं व बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए 198 उपस्वास्थ केंद्र खोले गए हैं। इनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, परिवार नियोजन कार्यक्रम, टीकाकरण, गर्भावस्था में महिलाओं की जांच व देखभाल, प्रसव और नवजात शिशुओं की देखभाल आदि की सुविधा की गई है। इसके लिए एएनएम को जिम्मेदारी दी गई है।
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लेकिन, एएनएम की कमी से सभी सेंटर नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। यहां पर 198 एएनएम के सापेक्ष महज 157 ही कार्यरत हैं। इससे 41 उपस्वास्थ्य केंद्र समय पर संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इससे गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन नहीं हो पा रहा है। साथ ही निर्धारित दिनों में टीकाकरण नहीं मिल पा रहा है। साथ ही जांच व अन्य सुविधाएं समय से मुहैया नहीं हो पा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एएनएम की कमी बनी हुई है। इससे सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आस-पास की एएनएम को अटैच किया गया है। लगातार निगरानी कर कार्यक्रम को संचालित कराया जा रहा है।
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जनपद में 198 उपस्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें 157 एएनएम कार्यरत है। 41 उप स्वास्थ्य केंद्र खाली है। ऐसे में अटैच किया गया है। रिक्त पदों को भरने के लिए संबंध में शासन को पत्राचार किया गया है।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ