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शहरवासियों को नहीं लुभाता उद्यान पार्क
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:57 AM IST
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देखरेख के अभाव में तहस नहस हो रहा पार्क
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर के बीचोबीच स्थित चंद्रशेखर उद्यान पार्क अब शहरवासियों को लुभाता नहीं है। यहां लाखों रुपये की लागत से निर्मित चाइना हट भी क्षतिग्रस्त होने लगा है। हट की ऊपरी मंजिल पर सीमेंट से बनी टेबल दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है। यही नहीं, पार्क की क्यारियों में अब फूल भी नहीं खिलते हैं। इसको लेकर नगरवासियों में नाराजगी है।
अंग्रेजों के जमाने से शहर के बीचोबीच पार्क बना है। आजादी के बाद इसे नगर पालिका ने अपनी देखरेख में लेते हुए इसका नाम चंद्रशेखर उद्यान पार्क रख दिया। लेकिन, पार्क के रखरखाव का जिम्मा ज्यादा समय तक पालिका के पास नहीं रह सका। वर्तमान में पार्क की देखरेख की जिम्मेदारी उद्यान विभाग उठा रहा है। बीते वर्षों में पार्क में विभिन्न प्रजातियों के मौसमी फूलों की बगिया सजाई जाती थीं। यही नहीं, गमलों में भी आकर्षक फूल लगाए जाते थे। इन्हें देखकर पार्क में आने वाले व्यक्तियों का मन प्रसन्नचित्त हो जाता था। वर्तमान में पार्क विभागीय कर्मियों की उदासीनता का शिकार हो गया है। पूरे पार्क में क्यारियां तो जगह-जगह बनी हैं, लेकिन फूलों के अभाव में सूनी पड़ी हैं। दो वाटर फाउंटेन बने हैं उनका भी बुरा हाल है। महीनों से फाउंटेन चलाए नहीं जा रहे हैं। पार्क की पुताई सालों से नहीं हुई है। दो वर्ष पहले पालिका ने लाखों रुपये की लागत से चाइना हट बनाया था वह अब क्षतिग्रस्त होने लगा है। हट की ऊपरी मंजिल में बैठक बनाई गई है, जिसमें एक सीमेंट की टेबिल बनाई गई है, जिसका ऊपरी हिस्सा हिलने डुलने लगा है। यदि किसी ने बैठने के दौरान थोड़ी सी लापरवाही बरती तो सीधे पैर पर गिर जाएगा। इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पार्क में जो मूत्रालय बनाए गए हैं, उनकी सफाई नहीं कराई जा रही है। इस वजह से टहलने पहुंच रहे महिला-पुरुष इसके इस्तेमाल से कतराने लगे हैं। गत दिवस पालिका के नव गठित बोर्ड के कई सदस्यों ने पार्क का भ्रमण कर कमियों को सूचीबद्ध किया है। जिससे पार्क का सौंदर्यीकरण वापस लौटने की उम्मीद जाग गई है।
पार्क के रखरखाव का कहां जा रहा पैसा?
पार्क के रखरखाव के लिए पैसा कहां लगाया जा रहा है, यह समझ के परे है। पार्क में न तो लोन (घास) की कटाई की जा रही है और न ही मौसमी फूल नजर आ रहे हैं। आवारा जानवर भी यहां-वहां घूमते देखे जा सकते हैं।
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रामदास श्रोतिय
गायब हो गई पार्क की सुंदरता
नगर पालिका परिषद ने पार्क की सुंदरता बढ़ाने के लिए कई निर्माण कराए हैं, लेकिन उनका रखरखाव नहीं किया जा रहा है। पार्क में जो मूत्रालय प्रसाधन के लिए बनाए गए थे, उसकी जगह लोगों को दुर्गंध मिल रही है।
अरविंद सोनी
नागरिकों को जागरूक होने की जरूरत
पार्क के मुख्य गेट को यूं ही खोले रखा जाता है। यही नहीं, कई लोग दिन भर पार्क में लेटे रहते हैं और गंदगी फैलाते रहते हैं। क्यारियों में पानी दे दिया गया है जल्द ही फूलों के पौधे रोपित कर दिए जाएंगे।
सुघर सिंह
जिला उद्यान अधिकारी ललितपुर।
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर के बीचोबीच स्थित चंद्रशेखर उद्यान पार्क अब शहरवासियों को लुभाता नहीं है। यहां लाखों रुपये की लागत से निर्मित चाइना हट भी क्षतिग्रस्त होने लगा है। हट की ऊपरी मंजिल पर सीमेंट से बनी टेबल दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है। यही नहीं, पार्क की क्यारियों में अब फूल भी नहीं खिलते हैं। इसको लेकर नगरवासियों में नाराजगी है।
अंग्रेजों के जमाने से शहर के बीचोबीच पार्क बना है। आजादी के बाद इसे नगर पालिका ने अपनी देखरेख में लेते हुए इसका नाम चंद्रशेखर उद्यान पार्क रख दिया। लेकिन, पार्क के रखरखाव का जिम्मा ज्यादा समय तक पालिका के पास नहीं रह सका। वर्तमान में पार्क की देखरेख की जिम्मेदारी उद्यान विभाग उठा रहा है। बीते वर्षों में पार्क में विभिन्न प्रजातियों के मौसमी फूलों की बगिया सजाई जाती थीं। यही नहीं, गमलों में भी आकर्षक फूल लगाए जाते थे। इन्हें देखकर पार्क में आने वाले व्यक्तियों का मन प्रसन्नचित्त हो जाता था। वर्तमान में पार्क विभागीय कर्मियों की उदासीनता का शिकार हो गया है। पूरे पार्क में क्यारियां तो जगह-जगह बनी हैं, लेकिन फूलों के अभाव में सूनी पड़ी हैं। दो वाटर फाउंटेन बने हैं उनका भी बुरा हाल है। महीनों से फाउंटेन चलाए नहीं जा रहे हैं। पार्क की पुताई सालों से नहीं हुई है। दो वर्ष पहले पालिका ने लाखों रुपये की लागत से चाइना हट बनाया था वह अब क्षतिग्रस्त होने लगा है। हट की ऊपरी मंजिल में बैठक बनाई गई है, जिसमें एक सीमेंट की टेबिल बनाई गई है, जिसका ऊपरी हिस्सा हिलने डुलने लगा है। यदि किसी ने बैठने के दौरान थोड़ी सी लापरवाही बरती तो सीधे पैर पर गिर जाएगा। इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पार्क में जो मूत्रालय बनाए गए हैं, उनकी सफाई नहीं कराई जा रही है। इस वजह से टहलने पहुंच रहे महिला-पुरुष इसके इस्तेमाल से कतराने लगे हैं। गत दिवस पालिका के नव गठित बोर्ड के कई सदस्यों ने पार्क का भ्रमण कर कमियों को सूचीबद्ध किया है। जिससे पार्क का सौंदर्यीकरण वापस लौटने की उम्मीद जाग गई है।
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पार्क के रखरखाव का कहां जा रहा पैसा?
पार्क के रखरखाव के लिए पैसा कहां लगाया जा रहा है, यह समझ के परे है। पार्क में न तो लोन (घास) की कटाई की जा रही है और न ही मौसमी फूल नजर आ रहे हैं। आवारा जानवर भी यहां-वहां घूमते देखे जा सकते हैं।
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रामदास श्रोतिय
गायब हो गई पार्क की सुंदरता
नगर पालिका परिषद ने पार्क की सुंदरता बढ़ाने के लिए कई निर्माण कराए हैं, लेकिन उनका रखरखाव नहीं किया जा रहा है। पार्क में जो मूत्रालय प्रसाधन के लिए बनाए गए थे, उसकी जगह लोगों को दुर्गंध मिल रही है।
अरविंद सोनी
नागरिकों को जागरूक होने की जरूरत
पार्क के मुख्य गेट को यूं ही खोले रखा जाता है। यही नहीं, कई लोग दिन भर पार्क में लेटे रहते हैं और गंदगी फैलाते रहते हैं। क्यारियों में पानी दे दिया गया है जल्द ही फूलों के पौधे रोपित कर दिए जाएंगे।
सुघर सिंह
जिला उद्यान अधिकारी ललितपुर।