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कर्मचारी हित में निर्णय नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन
Updated Tue, 13 Jun 2017 09:32 PM IST
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आउट सोर्सिंग कर्मियों ने किया अर्धनग्न प्रदर्शन
ललितपुर।
नगर पालिका प्रांगण में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने धरने के 5वें दिन अर्द्धनग्न प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि कर्मचारी हित में निर्णय नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान मंजीत करौसिया, दीपक घावरी व कुंज बिहारी बाबरा ने कहा कि जब तक ठेका निरस्त नहीं होता तब तक प्रतिदिन भूखे रहकर धरना-प्रदर्शन में शामिल होंगे। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होती है तो वह उग्र आंदोलन के लिए विवश हो जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। कर्मचारियों की मांग है कि उनको ठेकेदार से मुक्त करा कर नगर पालिका के अधीनस्थ रखा जाए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि कर्मचारियों का शोषण रोकते हुए उन्हें शासनादेश के अनुसार मानदेय दिया जाए। इससे कर्मचारियों के परिवारों का भरण-पोषण आसानी से हो सके। संयुक्त स्वास्थ्य परिषद के जिलाध्यक्ष हरीश कुमार तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों की मांगे जायज हैं। नगर पालिका प्रशासन को कर्मचारियों के हित में जल्द से जल्द कोई निर्णय लेना चाहिए। इस मौके पर महामंत्री सीताराम निरंजन सहित फुटपाथ एसोसियेशन के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश अहिरवार ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया। धरना प्रदर्शन के दौरान मंजीत करौसिया, किरन करौसिया, अमित चौहान, गौहर खान, आदेश कुमार, रूपेश कुमार, सनी कुमार, प्रवीण कुमार, संजय चन्देल, दीपक नामदेव, आंकिल खान, आदिल खां, कपिल राठौर, मजबूत, बृजेंद्र करौसिया, वीरेंद्र महरोलिया, राजीव, जितेंद्र उपस्थित रहे। अध्यक्षता जीवन दाऊ एवं संचालन किरन करौसिया ने किया।
ललितपुर।
नगर पालिका प्रांगण में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने धरने के 5वें दिन अर्द्धनग्न प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि कर्मचारी हित में निर्णय नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान मंजीत करौसिया, दीपक घावरी व कुंज बिहारी बाबरा ने कहा कि जब तक ठेका निरस्त नहीं होता तब तक प्रतिदिन भूखे रहकर धरना-प्रदर्शन में शामिल होंगे। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होती है तो वह उग्र आंदोलन के लिए विवश हो जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। कर्मचारियों की मांग है कि उनको ठेकेदार से मुक्त करा कर नगर पालिका के अधीनस्थ रखा जाए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि कर्मचारियों का शोषण रोकते हुए उन्हें शासनादेश के अनुसार मानदेय दिया जाए। इससे कर्मचारियों के परिवारों का भरण-पोषण आसानी से हो सके। संयुक्त स्वास्थ्य परिषद के जिलाध्यक्ष हरीश कुमार तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों की मांगे जायज हैं। नगर पालिका प्रशासन को कर्मचारियों के हित में जल्द से जल्द कोई निर्णय लेना चाहिए। इस मौके पर महामंत्री सीताराम निरंजन सहित फुटपाथ एसोसियेशन के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश अहिरवार ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया। धरना प्रदर्शन के दौरान मंजीत करौसिया, किरन करौसिया, अमित चौहान, गौहर खान, आदेश कुमार, रूपेश कुमार, सनी कुमार, प्रवीण कुमार, संजय चन्देल, दीपक नामदेव, आंकिल खान, आदिल खां, कपिल राठौर, मजबूत, बृजेंद्र करौसिया, वीरेंद्र महरोलिया, राजीव, जितेंद्र उपस्थित रहे। अध्यक्षता जीवन दाऊ एवं संचालन किरन करौसिया ने किया।
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