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Lalitpur News: दो साल पहले बनीं 22 सड़कें हो गईं खस्ताहाल
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ललितपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत करीब दो साल पहले बनीं दर्जनों सड़कें खस्ताहाल हो गई हैं। जबकि, ये सभी सड़कें गारंटी में हैं। लेकिन, ठेकेदार इन सड़कों की मरम्मत नहीं करा रहे हैं। बारिश में ये सड़कें और खराब हो गई हैं।
सड़कों का निर्माण तो कई विभाग करा रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता परक व उनका सही ढंग ने अनुरक्षण न होने के कारण ये क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से निर्मित 22 सड़कें अभी गारंटी पीरियड में चल रही हैं। इन सड़कों में कई मार्ग ऐसे हैं, जिनकी हालत खराब है। सड़कों के अनुरक्षण के लिए 13 करोड़ रुपये रखा गया है, फिर भी समय से मरम्मत नहीं हो रही है। इन प्रमुख सड़कों में कुजानघाट से बुदनी नाराहट मार्ग का हाल में निर्माण कराया गया है। लेकिन, इस सड़क में दरारें आ गई हैं। सौजना से कारीटोरन मार्ग का भी यही हाल है।
ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़कों का निर्माण होता है। साथ ही पांच साल तक ठेकेदार से मरम्मत का अनुबंध रखा जाता है। इसके लिए अनुरक्षण धनराशि एस्टीमेट में ही शामिल कर दी जाती है, जिसमें विभाग मरम्मत के साथ ठेकेदार को भुगतान करता है। अगर मरम्मत में अधिक धनराशि खर्च होती है तो उसका वहन पांच साल के अंदर ठेकेदार को करना होता है।
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सड़कों का निर्माण तो कई विभाग करा रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता परक व उनका सही ढंग ने अनुरक्षण न होने के कारण ये क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से निर्मित 22 सड़कें अभी गारंटी पीरियड में चल रही हैं। इन सड़कों में कई मार्ग ऐसे हैं, जिनकी हालत खराब है। सड़कों के अनुरक्षण के लिए 13 करोड़ रुपये रखा गया है, फिर भी समय से मरम्मत नहीं हो रही है। इन प्रमुख सड़कों में कुजानघाट से बुदनी नाराहट मार्ग का हाल में निर्माण कराया गया है। लेकिन, इस सड़क में दरारें आ गई हैं। सौजना से कारीटोरन मार्ग का भी यही हाल है।
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ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़कों का निर्माण होता है। साथ ही पांच साल तक ठेकेदार से मरम्मत का अनुबंध रखा जाता है। इसके लिए अनुरक्षण धनराशि एस्टीमेट में ही शामिल कर दी जाती है, जिसमें विभाग मरम्मत के साथ ठेकेदार को भुगतान करता है। अगर मरम्मत में अधिक धनराशि खर्च होती है तो उसका वहन पांच साल के अंदर ठेकेदार को करना होता है।
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