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वर्षो से अटकी गृहकर की वसूली का रास्ता साफ
Updated Thu, 11 Jan 2018 01:45 AM IST
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वर्षों से अटकी गृहकर की वसूली का रास्ता साफ
ललितपुर। नगर पालिका परिषद की गृहकर वसूली का रास्ता साफ हो गया है। पालिका ने स्वकर निर्धारण सूची को नगरवासियों के लिए अवलोकन के लिए रख दिया है। आने वाले दिनों में भू/ मकान स्वामियों को इसके बिल दिए जाने का भी सिलसिला शुरू हो जाएगा।
नगर पालिका परिषद ने अपनी आय बढ़ाने के लिए एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। वर्ष 2014 में गृहकर वसूली की पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर उसे नया अमलीजामा पहनाया गया। जिसे स्वकर का नाम दिया गया। वर्तमान ईओ अवनींद्र कुमार ने ही अपने पूर्व के कार्यकाल में इसका खाका खींचा था। अब जाकर स्वकर निर्धारण की सूची नागरिकों को अवलोकन के लिए रखी गई। इसमें सबसे ज्यादा लेटलतीफी नामित फर्म की ओर से हुई है। इस फर्म ने शहर के मकानों व प्लॉटों के सर्वे व सत्यापन करने में दो वर्ष का समय ले लिया। वहीं, पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने अपने पूरे कार्यकाल में स्वकर प्रणाली को धरातल पर उतारने में तनिक भी रुचि नहीं दिखाई। नतीजा यह हुआ कि उनके कार्यकाल में स्वकर का मामला ठंडे बस्ते में बना रहा। अब नए पालिकाध्यक्ष रजनी साहू के कार्यकाल में इसके बिल निकालने की तैयारी है। हालांकि, शहरवासी स्वकर की अपनाई जा रही प्रक्रिया को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि स्वकर निर्धारण करने से पहले भू/मकान स्वामी से आपत्ति प्राप्त करनी चाहिए थी। उसके पश्चात सूची को अवलोकन के लिए रखना चाहिए था। उधर, विभागीय कर्मियों का कहना है कि जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, उसमें कुछ भी गलत नहीं है।
बोर्ड बैठक की अनदेखी
नगर पालिका की बोर्ड बैठक में सभासद भारत भूषण चौरसिया ने स्वकर की वार्डवार सूची उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया था। उस दौरान सभी सभासदों को उनके वार्ड का ब्योरा सीडी में मुहैया कराने पर सहमति बन गई थी। लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं हो सका। उधर, सभासद भारत भूषण चौरसिया का कहना है कि बोर्ड बैठक में स्वकर की जानकारी सभासदों को दिलाने व जो मकान छूट गए हैं, उन्हें दर्ज कराने की बात रखी थी। इस संबंध में उन्हें अभी तक अवगत नहीं कराया गया है।
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वसूली को लेकर बना भ्रम
नगर पालिका के अफसर अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर सके हैं कि स्वकर गजट जारी की तिथि से लिया जाएगा या भू/मकान स्वामी से मौजूदा वित्तीय वर्ष का ही कर वसूला जाएगा या फिर पुराने वर्षों के गृहकर की वसूली किस्तों में की जाएगी। इसको लेकर ऊहापोह की स्थिति है।
स्वकर के बनवाए जा रहे बिल
स्वकर निर्धारण की सूची पालिका द्वारा तैयार करा दी गई है। जिसे अवलोकन के लिए रखा गया है। इसके अलावा उनके बिल बनवाने की प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है।
अवनींद्र कुमार
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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ललितपुर। नगर पालिका परिषद की गृहकर वसूली का रास्ता साफ हो गया है। पालिका ने स्वकर निर्धारण सूची को नगरवासियों के लिए अवलोकन के लिए रख दिया है। आने वाले दिनों में भू/ मकान स्वामियों को इसके बिल दिए जाने का भी सिलसिला शुरू हो जाएगा।
नगर पालिका परिषद ने अपनी आय बढ़ाने के लिए एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। वर्ष 2014 में गृहकर वसूली की पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर उसे नया अमलीजामा पहनाया गया। जिसे स्वकर का नाम दिया गया। वर्तमान ईओ अवनींद्र कुमार ने ही अपने पूर्व के कार्यकाल में इसका खाका खींचा था। अब जाकर स्वकर निर्धारण की सूची नागरिकों को अवलोकन के लिए रखी गई। इसमें सबसे ज्यादा लेटलतीफी नामित फर्म की ओर से हुई है। इस फर्म ने शहर के मकानों व प्लॉटों के सर्वे व सत्यापन करने में दो वर्ष का समय ले लिया। वहीं, पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने अपने पूरे कार्यकाल में स्वकर प्रणाली को धरातल पर उतारने में तनिक भी रुचि नहीं दिखाई। नतीजा यह हुआ कि उनके कार्यकाल में स्वकर का मामला ठंडे बस्ते में बना रहा। अब नए पालिकाध्यक्ष रजनी साहू के कार्यकाल में इसके बिल निकालने की तैयारी है। हालांकि, शहरवासी स्वकर की अपनाई जा रही प्रक्रिया को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि स्वकर निर्धारण करने से पहले भू/मकान स्वामी से आपत्ति प्राप्त करनी चाहिए थी। उसके पश्चात सूची को अवलोकन के लिए रखना चाहिए था। उधर, विभागीय कर्मियों का कहना है कि जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, उसमें कुछ भी गलत नहीं है।
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बोर्ड बैठक की अनदेखी
नगर पालिका की बोर्ड बैठक में सभासद भारत भूषण चौरसिया ने स्वकर की वार्डवार सूची उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया था। उस दौरान सभी सभासदों को उनके वार्ड का ब्योरा सीडी में मुहैया कराने पर सहमति बन गई थी। लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं हो सका। उधर, सभासद भारत भूषण चौरसिया का कहना है कि बोर्ड बैठक में स्वकर की जानकारी सभासदों को दिलाने व जो मकान छूट गए हैं, उन्हें दर्ज कराने की बात रखी थी। इस संबंध में उन्हें अभी तक अवगत नहीं कराया गया है।
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वसूली को लेकर बना भ्रम
नगर पालिका के अफसर अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर सके हैं कि स्वकर गजट जारी की तिथि से लिया जाएगा या भू/मकान स्वामी से मौजूदा वित्तीय वर्ष का ही कर वसूला जाएगा या फिर पुराने वर्षों के गृहकर की वसूली किस्तों में की जाएगी। इसको लेकर ऊहापोह की स्थिति है।
स्वकर के बनवाए जा रहे बिल
स्वकर निर्धारण की सूची पालिका द्वारा तैयार करा दी गई है। जिसे अवलोकन के लिए रखा गया है। इसके अलावा उनके बिल बनवाने की प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है।
अवनींद्र कुमार
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।