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तीन बाबुओं के भरोसे परिवहन विभाग

Jhansi Bureau Updated Fri, 08 Dec 2017 02:09 AM IST
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तीन बाबुओं के भरोसे परिवहन विभाग
ललितपुर।
जनपद का परिवहन विभाग में विगत कई महीने से कर्मियों की कमी बनी हुई है। कार्यालय में मात्र तीन बाबू कार्यरत है और कार्यालय व प्रवर्तन की जिम्मेदारी केवल एक ही एआरटीओ के ऊपर है। कर्मचारियों के अभाव में दफ्तर का काम बाहरी लोगों व दलालों के भरोसे चल रहा है।
जनपद के परिवहन विभाग में कई महीने से सहायक अधिकारियों, कर्मियों और बाबुओं की कमी चल रही है। जनपद में सहायक लिपिक के एक दर्जन पद स्वीकृत हैं। इनमें से सात सहायक लिपिकों की तैनाती है, इसमें से भी दो सहायक लिपिक अन्य जनपदों में अटैच हैं, एक झांसी व एक उरई में अटैच है। इसके अलावा दो लिपिक पिछले कुछ महीने से चिकित्सीय अवकाश पर बने हुए है। वर्तमान में मात्र तीन ही लिपिक कार्यालय में अपनी सेवा दे रहे हैं। कार्यालय में होने वाले विभागीय कार्यों जैसे वाहन चालकों के लाइसेंस बनाने, परीक्षा आयोजित कराना, टेस्ट के लिए लेटर भेजना, चालकों का ट्रायल कराना, चालन व टैक्स जमा कराना, वाहनों के नवीन रजिस्ट्रेशन करना, टैक्सी परमिट जारी करना आदि कार्यों के लिए सहायक लिपिकों व कर्मियों की कमी बनी हुई है। इसके अलावा वाहनों की फिटनेस जांचने और पास करने में भी काफी समय बीत जाता है। वहीं, कार्यालय में बाबुओं की इस कमी का फायदा दलालों खूब उठा रहे है। बाबुओं की कमी से विभाग का आधे से अधिक काम दलालों व बाहरी लोगों के भरोसे में चल रहा है।
केवल परिवहन विभाग के कार्यालय में ही बाबुओं व कर्मियों की कमी नहीं है, बल्कि पूरे जनपद की जिम्मेदारी भी मात्र एक ही अधिकारी के भरोसे है। परिवहन विभाग में जनपद स्तर पर दो एआरटीओ की तैनाती होती है, प्रवर्तन व प्रशासनिक एआरटीओ। इनमें से जनपद में मात्र प्रशासन एआरटीओ ही तैनात है, जिसके ऊपर पूरे कार्यालय के साथ-साथ पूरे जनपद की जिम्मेदारी भी है। लगभग छह माह पूर्व शासन ने परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया था। इसमें तत्कालीन प्रवर्तन अधिकारी का स्थानांतरण कर दिया गया था, लेकिन इनके बदले में जिस प्रर्वतन एआरटीओ का स्थानांतरण किया था, उन्होंने अपना स्थानांतरण रुकवा लिया था। तभी से यह पद रिक्त चल रहा है, बीच में दो माह के लिए झांसी आरटीओ कार्यालय के पीटीओ को प्रभारी बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद से प्रशासनिक एआरटीओ पर ही प्रवर्तन की भी जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि प्रवर्तन एआरटीओ की जिम्मेदारी ओवरलोड, बिना परमिट व अन्य वाहनों की चेकिंग करने की होती है। प्रशासनिक व प्रवर्तन दोनों की ही जिम्मेदारी एक ही अधिकारी के ऊपर संभव नहीं है। वहीं प्रवर्तन एआरटीओ के सहायक स्पेंक्टर पीटीओ भी पिछले माह रिटायर्ड हो चुके है।

परेशानी तो होती ही है
कार्यालय में सहायक अधिकारी और बाबुओं की कमी के कारण दैनिक कार्यों में काफी समस्या होती है। स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए आला अधिकारियों व शासन को पत्र भेजा गया है, लेकिन बिना नियुक्ति के यह संभव नहीं है।
- सतेंद्र कुमार, एआरटीओ ललितपुर।

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