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करोड़ों खर्च, फिर भी गंभीर रोगों का इलाज जिला में नहीं

Tue, 25 Jul 2017 01:26 AM IST
Updated Tue, 25 Jul 2017 01:26 AM IST
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करोड़ों खर्च, फिर भी गंभीर रोगों का इलाज जिला में नहीं

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करोड़ों खर्च, फिर भी ठीक नहीं होता मर्ज

ललितपुर। जिला अस्पताल समेत पूरे जनपद में गंभीर रोगों के इलाज के लिए गठित एनसीडीसेल में मात्र फिजियोथैरेपी के अलावा अन्य कोई चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है। कैंसर, लकवा और हृदय रोग के मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद अन्य जनपदों में रेफर कर दिया जाता है, जिससे यहां गठित एनसीडी सेल का उद्देश्य अब तक पूरा नहीं हो सका है।
गंभीर रोगों के इलाज के लिए शासन द्वारा जिला अस्पताल में करोड़ों रुपए खर्च कर एनसीडी सेल काफी समय पहले ही खोली जा चुकी हैं। एनसीडी सेल की एक यूनिट में हृदय रोग, लकवा और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज किया जाना था। जबकि, इन्हीं बीमारियों से संबंधित दूसरी एनसीडी सेल में बुजुर्ग वार्ड यानि 60 वर्ष की आयु से अधिक लोगों का इलाज किया जाता है। तीसरी यूनिट तंबाकू प्रोग्राम भी संचालित की गई है। इन एनसीडी सेल की यूनिटों में फिजियोथैरेपी, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, इसीजी व ईको व्यवस्था होना चाहिए। लेकिन, वर्तमान में एनसीडी सेल में मात्र फिजियोथैरेपी, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की ही सुविधा उपलब्ध है। यहां कैंसर, हृदय रोग और लकवा जैसी बीमारियों के इलाज के लिए न तो जरुरी उपकरण ही मौजूद हैं और न ही इन रोगों से संबंधित विशेषज्ञों की अब तक नियुक्ति ही की जा सकी है। जबकि, एनसीडी सेल में विशेष रुप से हार्ट स्पेशलिस्ट, और न्यूरोलॉजिस्ट होना बहुत जरुरी है। लेकिन शासन प्रशासन की लापरवाही और सुस्त रवैये के चलते गंभीर रोगों के इलाज के लिए बनाई गई एनसीडी सेल में गंभीर प्रकृति की बीमारियों कैंसर, हृदय रोग, लकवा के इलाज के लिए अब भी अन्य जनपदों में ही जाना होता है। हां इतना जरुर है कि इन गंभीर बीमारियों के मरीज जो अन्य जनपदों से इलाज कराकर लौटते हैं, उन्हें ड्रिप लगाना, ड्रेसिंग की सुविधा जरुर मिल जाती है। वहीं, करोड़ों रुपये के जांच उपकरण विशेषज्ञों की कमी के कारण जिला अस्पताल में बंद कमरों की शोभा जरुर बढ़ा रहे हैं। यहां तक कि वर्षों पूर्व मंगाई गई अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध होने के बाद भी तकनीकी विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण यह लाखों की मशीन भी शोपीस बनी हुई है। वहीं, कुछ दिन तक एक्सरे की सुविधा भी यहां रही, लेकिन तकनीकी कर्मचारी के अभाव में वर्तमान में यह भी जिला अस्पताल की शोभा बनी हुई है। जिला अस्पताल में हृदय रोग के मरीजों आने पर दो फिजीशियन चिकित्सक ही प्राथमिक उपचार करने के बाद झांसी या ग्वालियर के लिए रेफर कर देते हैं, जिससे कई बार बहुत से मरीजों की इलाज के अभाव में रास्ते में ही मृत्यु तक हो जाती है।
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यह जांच उपकरण भी हैं जरुरी
ललितपुर। कैंसर, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों में जांच के लिए ट्रेडमिल टेस्ट यानि टीएमटी, ईको थैरेपी और लिपिड प्रोफाइल जैसे टेस्ट उपकरण बहुत जरुरी हैं। डायग्रोसिस मशीन भी नहीं है। करोड़ों रुपए से बनाया गया आईसीयू भी मशीनों और विशेषज्ञों की कमी के चलते शोपीस बना हुआ है।
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फोटो-12
कैप्सन-पूर्व मंत्री अरविंद कुमार जैन।

पूर्व मंत्री ने दी थी जिला अस्पताल को सौगात
ललितपुर। पूर्व स्वास्थ्य राज्य मंत्री अरविंद जैन गौना ने बताया कि उन्होंने अपने मंत्री कार्यकाल के दौरान आठ लाख रुपए कीमत के ऑटो एनालाइजर और आईसीयू एवं अन्य रोगों के इलाज संबंधी करीब तीन करोड़ रुपए लागत के चिकित्सीय जांच उपकरण जिला अस्पताल को शासन स्तर से उपलब्ध कराए थे। ऑटो एनालाइजर से कई प्रकार की खून की जांच होती है। लेकिन, अन्य सरकारों के शासनकाल में जिला अस्पताल के लिए खास पहल नहीं किए जाने के कारण जनपद वासियों को गंभीर रोगों के इलाज के लिए आज भी जिला अस्पताल में विशेषज्ञों की कमी के चलते अन्य जनपद जाना होता है। यदि जिला अस्पताल में इलाज संबंधी जांच उपकरणों और विशेषज्ञों की तैनाती कर दी जाती है तो जिला अस्पताल में ही इन बीमारियों का इलाज संभव हो सकेगा।

इनका कहना है-
शीघ्र शुरू होगी कैंसर केयर यूनिट
विशेषज्ञों और स्टाफ की कमी के चलते कई कैंसर और हृदय रोगों जैसी गंभीर बीमारियों की जांच से संबंधित मशीनें संचालित नहीं हो पा रही हैं। डायनोसिस मशीन भी नहीं है। आईसीयू भी विशेषज्ञों की कमी के चलते बंद चल रहा है। हालांकि, शासन स्तर से विशेषज्ञों और स्टाफ की मांग की गई हैं। वहीं, सीसीयू यानि कैंसर केयर यूनिट का निर्माण किया जा रहा है। इसके शीघ्र शुरु होने की संभावना है।

डा.एस के वासवानी, सीएमएस।
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इनका कहना है-
सुपर स्पेशलिस्ट का अभाव
जिला अस्पताल समेत सीएससी और पीएचसी पर सुपरस्पेशलिस्ट नहीं है। हृदय रोग की जांच के लिए ईसीजी तो है, लेकिन ईको जैसी सुविधा नहीं है। रेडियोलॉजिस्ट भी नहीं है। अल्ट्रासाउंटड जांच उपकरण जिला अस्पताल में पैक बंद है। जिला अस्पताल में गंभीर रोगों की जांच के लिए बड़ी मशीनों की मांग का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट मिलने पर ऐसे उपकरण मंगाए जाएंगे।
डा.प्रताप सिंह, सीएमओ।
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