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न्यायालय: गैंगस्टर के दो आरोपियों को सात-सात साल की कैद
Updated Wed, 10 Jan 2018 02:21 AM IST
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गैंगेस्टर के दो आरोपियों को सात-सात साल की कैद
ललितपुर। एडीजे गैंगस्टर मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने दो गैंगेस्टर के आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक-एक साल की अतिरिक्त सजा का एलान किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखन लाल यादव ने बताया कि 16 सितंबर 2000 को शहर कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक आरवी शुक्ला शांति व्यवस्था के लिए गस्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली गैंगेस्टर के आरोपी झांसीपुरा निवासी शंकर उर्फ भैयालाल बाल्मीकि पुत्र चमन लाल बाबरा और मनीष कुमार पुत्र हरगोविंद शर्मा आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने के लिए घूम रहे हैं। इनका लीडर शंकर है जिस पर जानलेवा हमला, अवैध धन वसूलना, चोट पहुंचाने जैसे कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद दोनों आरोपी जमानत पर रिहा हो गए। इसके बाद सीजेएम कोर्ट ने वारंट जारी कर शंकर को तलब किया और उसे गैंगेस्टर के मामले में जेल भेज दिया। गौरतलब हो कि शंकर जिला पंचायत राज विभाग में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत था। न्यायालय ने विभाग को इसका वेतन रोकने के भी आदेश जारी किए थे। बुधवार को जमानत पर चल रहे मनीष और जेल में बंद शंकर को एडीजे गैंगेस्टर मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने सजा का एलान करते हुए दोनों आरोपियों को सात-सात साल की सजा का एलान किया। इसके अलावा दोनों आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने जुर्माना न अदा करने की स्थिति में एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भी सुनाई।
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ललितपुर। एडीजे गैंगस्टर मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने दो गैंगेस्टर के आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक-एक साल की अतिरिक्त सजा का एलान किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखन लाल यादव ने बताया कि 16 सितंबर 2000 को शहर कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक आरवी शुक्ला शांति व्यवस्था के लिए गस्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली गैंगेस्टर के आरोपी झांसीपुरा निवासी शंकर उर्फ भैयालाल बाल्मीकि पुत्र चमन लाल बाबरा और मनीष कुमार पुत्र हरगोविंद शर्मा आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने के लिए घूम रहे हैं। इनका लीडर शंकर है जिस पर जानलेवा हमला, अवैध धन वसूलना, चोट पहुंचाने जैसे कई मामले दर्ज हैं।
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पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद दोनों आरोपी जमानत पर रिहा हो गए। इसके बाद सीजेएम कोर्ट ने वारंट जारी कर शंकर को तलब किया और उसे गैंगेस्टर के मामले में जेल भेज दिया। गौरतलब हो कि शंकर जिला पंचायत राज विभाग में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत था। न्यायालय ने विभाग को इसका वेतन रोकने के भी आदेश जारी किए थे। बुधवार को जमानत पर चल रहे मनीष और जेल में बंद शंकर को एडीजे गैंगेस्टर मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने सजा का एलान करते हुए दोनों आरोपियों को सात-सात साल की सजा का एलान किया। इसके अलावा दोनों आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने जुर्माना न अदा करने की स्थिति में एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भी सुनाई।
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