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ललितपुर से गोरखपुर के लिए चलाई अब तक 14 ट्रेनें
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रेलवे स्टेशन पर खड़े एडीएम अनिल कुमार मिश्र व अन्य अधिकारीगण
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। लॉकडाउन में फंसे विभिन्न राज्यों से जनपद की सीमा में प्रवेश करने वाले प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह जनपद पहुंचाने के लिए जिलाधिकारी की मांग पर ललितपुर से गोरखपुर के लिए अब तक 14 स्पेशल श्रमिक ट्रेनों का संचालन किया गया। इनके माध्यम से अब तक 20,142 प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह जनपद पहुंचाया गया है।
कोरोना महामारी से बचने के लिए शासन द्वारा जारी किए गए लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र, गुकजरात, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल आदि विभिन्न राज्यों से लगातार प्रवासी श्रमिकों को जनपद की सीमा में आना जारी बना हुआ है। इसी दौरान कई श्रमिकों को रास्तों में मिलने वाले ट्रकों या अन्य वाहनों में सवार होकर आगे तक पहुंचने का प्रयास किया और इसी बीच कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त भी होने लगे, जिसके चलते प्रदेश शासन द्वारा पैदल या अन्य अवैध साधनों से जनपद की सीमा में आने जाने वाले ऐसे श्रमिकों पर प्रतिबंध लगा दिया।
जनपद की सीमा में अमझरा घाटी या अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से प्रवेश करने वाले मजदूरों को अमरपुर मंडी में ठहराव दिया गया और यहां आने वाले प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह जनपद पहुंचाने के लिए जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने रेलवे से ललितपुर से गोरखपुर के लिए ट्रेनों के संचालन की मांग की, जिस पर रेलवे ने 19 मई को पहली ट्रेन का संचालन शुरु किया, जो ललितपुर से गोरखपुर के लिए चलाई गई। इसके बाद 20 मई को ललितपुर से गोरखपुर के लिए दो विशेष श्रमिक ट्रेनें चलाकर 2920 प्रवासी श्रमिकों को गोरखपुर रवाना किया गया। 21 मई को एक ट्रेन से 1520 श्रमिक गोरखपुर भेजे गए। 22 मई को एक ट्रेन से 1200 व दूसरी विशेष श्रमिक ट्रेन से 1520 श्रमिक गोरखपुर को रवाना किए गए। फिर 23 मई को दो विशेष श्रमिक ट्रेनों से 2600 श्रमिक और 24 मई को भी दो विशेष श्रमिक ट्रेनों से 3070 श्रमिक गोरखपुर पहुंचाए गए। इसके बाद 25 मई को एक ट्रेन से 1500 श्रमिक और 26 मई को भी दो विशेष श्रमिक ट्रेनों से 2800 श्रमिकों को गोरखपुर पहुंचाया गया। 27 मई को एक श्रमिक ट्रेन से 1500 श्रमिक यात्री गोरखपुर के लिए रवाना किए गए।
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इस प्रकार 19 से 27 मई तक ललितपुर से गोरखपुर के लिए अब तक 14 विशेष श्रमिक ट्रेनों का संचालन किया गया, जिनके माध्यम से अभी तक कुल 20,142 श्रमिकों को उनके गृह जनपद के लिए पहुंचाया गया। हालांकि, अब मजदूरों का जनपद में आना पहले की अपेक्षा काफी कम हो गया है तो ऐसे में मजदूरों की संख्या के आधार पर ही आगे ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। अन्यथा संख्या कम होने पर उन्हें बसों के माध्यम से उनके गृह जनपद भेजा जा सकेगा। ट्रेन संचालन होने पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं रेलवे प्रशासन द्वारा श्रमिकों को निर्धारित मानकों के तहत ट्रेन तक ले जाना एक चुनौती से कम नहीं था। 14 ट्रेनों का सफल संचालन रहा और श्रमिकों ने भी जिला प्रशासन के अधिकारियों को तालियां बजाकर आभार जताया।
स्टेशन प्रबंधक जीडी वर्मा ने बताया कि 19 मई से अभी तक 14 विशेष श्रमिक ट्रेनें चलाई गई, जिनमें 20,142 यात्रियों को गोरखपुर व आसपास के उनके गृह जनपद रवाना किया गया।
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कोरोना महामारी से बचने के लिए शासन द्वारा जारी किए गए लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र, गुकजरात, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल आदि विभिन्न राज्यों से लगातार प्रवासी श्रमिकों को जनपद की सीमा में आना जारी बना हुआ है। इसी दौरान कई श्रमिकों को रास्तों में मिलने वाले ट्रकों या अन्य वाहनों में सवार होकर आगे तक पहुंचने का प्रयास किया और इसी बीच कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त भी होने लगे, जिसके चलते प्रदेश शासन द्वारा पैदल या अन्य अवैध साधनों से जनपद की सीमा में आने जाने वाले ऐसे श्रमिकों पर प्रतिबंध लगा दिया।
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जनपद की सीमा में अमझरा घाटी या अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से प्रवेश करने वाले मजदूरों को अमरपुर मंडी में ठहराव दिया गया और यहां आने वाले प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह जनपद पहुंचाने के लिए जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने रेलवे से ललितपुर से गोरखपुर के लिए ट्रेनों के संचालन की मांग की, जिस पर रेलवे ने 19 मई को पहली ट्रेन का संचालन शुरु किया, जो ललितपुर से गोरखपुर के लिए चलाई गई। इसके बाद 20 मई को ललितपुर से गोरखपुर के लिए दो विशेष श्रमिक ट्रेनें चलाकर 2920 प्रवासी श्रमिकों को गोरखपुर रवाना किया गया। 21 मई को एक ट्रेन से 1520 श्रमिक गोरखपुर भेजे गए। 22 मई को एक ट्रेन से 1200 व दूसरी विशेष श्रमिक ट्रेन से 1520 श्रमिक गोरखपुर को रवाना किए गए। फिर 23 मई को दो विशेष श्रमिक ट्रेनों से 2600 श्रमिक और 24 मई को भी दो विशेष श्रमिक ट्रेनों से 3070 श्रमिक गोरखपुर पहुंचाए गए। इसके बाद 25 मई को एक ट्रेन से 1500 श्रमिक और 26 मई को भी दो विशेष श्रमिक ट्रेनों से 2800 श्रमिकों को गोरखपुर पहुंचाया गया। 27 मई को एक श्रमिक ट्रेन से 1500 श्रमिक यात्री गोरखपुर के लिए रवाना किए गए।
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इस प्रकार 19 से 27 मई तक ललितपुर से गोरखपुर के लिए अब तक 14 विशेष श्रमिक ट्रेनों का संचालन किया गया, जिनके माध्यम से अभी तक कुल 20,142 श्रमिकों को उनके गृह जनपद के लिए पहुंचाया गया। हालांकि, अब मजदूरों का जनपद में आना पहले की अपेक्षा काफी कम हो गया है तो ऐसे में मजदूरों की संख्या के आधार पर ही आगे ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। अन्यथा संख्या कम होने पर उन्हें बसों के माध्यम से उनके गृह जनपद भेजा जा सकेगा। ट्रेन संचालन होने पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं रेलवे प्रशासन द्वारा श्रमिकों को निर्धारित मानकों के तहत ट्रेन तक ले जाना एक चुनौती से कम नहीं था। 14 ट्रेनों का सफल संचालन रहा और श्रमिकों ने भी जिला प्रशासन के अधिकारियों को तालियां बजाकर आभार जताया।
स्टेशन प्रबंधक जीडी वर्मा ने बताया कि 19 मई से अभी तक 14 विशेष श्रमिक ट्रेनें चलाई गई, जिनमें 20,142 यात्रियों को गोरखपुर व आसपास के उनके गृह जनपद रवाना किया गया।