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धनाभाव में मूर्त रूप नहीं ले पा रही पेयजल परियोजनाएं

Sun, 20 Jan 2019 03:57 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jan 2019 03:57 AM IST
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धनाभाव में मूर्त रूप नहीं ले पा रही पेयजल परियोजनाएं
धन की कमी से अटकीं पेयजल परियोजनाएं
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नीति आयोग से नहीं मिली राशि, पचास गांवों के लोग हैं परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बुंदेलखंड में पेयजल परियोजनाओं के लिए धन की कमी नहीं होने के दावे भले ही किए जा रहे हो, लेकिन सच्चाई इससे हटकर है। जिले के पचास गांवों की प्यास बुझाने के लिए बनाई गई आधा दर्जन पेयजल परियोजनाओं को अब तक धनराशि आवंटित नहीं हो पाई है।
गर्मी के सीजन में गहराने वाली पेयजल समस्या से निपटने के लिए बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कार्ययोजना बनाई जा रही हैं। बीते दिनों जिले में जलनिगम ने भी विभिन्न कार्य योजनाएं तैयार की हैं। इनमें जामनी नदी पर गौना ग्राम समूह पेयजल योजना, इसी नदी पर बिल्ला ग्राम समूह पेयजल योजना, धौरीसागर तालाब पर धौरीसागर ग्राम समूह पेयजल योजना, बंदरगुणा बेतवा नदी पर नयागांव ग्राम समूह पेयजल योजना, सजनाम नदी में सिंदवाहा ग्राम समूह पेयजल योजना, कल्यानपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना सम्मिलित है। इनमें से सिंदवाहा ग्राम समूह पेयजल अभी प्रस्तावित है, बाकी परियोजनाओं को स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है। जब इन परियोजनाओं के लिए धन आवंटन की बारी आई तो नीति आयोग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे स्वीकृत परियोजनाएं अधर में लटककर रह गई हैं। जानकारों का मानना है कि यदि जनप्रतिनिधियों की ओर से पहल की जाए तो राज्यांश, बुंदेलखंड विकास निधि एवं भागीरथी योजना से धनराशि अवमुक्त हो सकती है। फिलहाल, इस तरह के प्रयास सफल होते दिखाई नहीं दे रहे हैं।
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एनओसी के फेर में फंसी नेहरू नगर परियोजना
नेहरू नगर परियोजना सिंचाई विभाग के अनापत्ति प्रमाण पत्र के फेर में फंसकर रह गई है। इस परियोजना को अब तक एनओसी नहीं मिल सकी है। इससे इसका निर्माण प्रारंभ नहीं हो सका है।
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नीति आयोग से नहीं मिला पैसा
स्वीकृत परियोजनाओं को अब तक पैसा नहीं मिल सका है। नीति आयोग से धनराशि से मांग की गई थी लेकिन अभी तक इसमें पैसा नहीं मिला है। वहीं, पवा परियोजना के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रवीण कुट्टी, परियोजना प्रबंधक, जल निगम, निर्माण इकाई
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