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भूमि शोधन को किसान करें हरी खाद, कम्पोस्ट/वर्मी खाद का उपयोग
Updated Thu, 21 Jun 2018 02:28 AM IST
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भूमि शोधन को जैविक खाद के उपयोग की सलाह
किसान दिवस में किसानों की समस्याएं सुनी, खेती के गुर बताए
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों ने कृषकों को भूमि शोधन के लिए जैविक खाद का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। हरी खाद, कंपोस्ट, वर्मी खाद, जिंक सल्फेट एवं ट्राईकोडर्मा का प्रयोग करने की सलाह दी। किसानों की समस्याओं को सुना और उनका समय से निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
बुधवार को विकास भवन के सभागार में परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम वर्मा की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें वन विभाग के अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना, कृषक वृक्ष धन योजना, एक व्यक्ति-एक वृक्ष योजना, मुख्यमंत्री फलोत्पादन योजना के बारे में विस्तृत जानकारी कृषकों को दी गई। उपकृषि निदेशक संतोष कुमार सविता द्वारा विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2018 में फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है, गैर ऋणी कृषक अपना बीमा करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त कृषकों को नई कृषि तकनीकी के बारे में जानकारी दी गयी, जिसमें बताया कि कृषक अपने खेत में हरी खाद, कम्पोस्ट/वर्मी खाद, जिंक सल्फेट एवं ट्राईकोडर्मा का भूमि शोधन हेतु प्रयोग करें, ताकि मिट्टी की शक्ति एवं नमी अधिक समय तक बनी रहे। कृषक अपने खेत में उर्वरक का प्रयोग मिट्टी परीक्षण परिणाम एवं कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी (कृषि तकनीकी सहायक) के सलाह अनुसार करें। जिला कृषि अधिकारी एसएन चौधरी द्वारा फसल ऋण मोचन योजना एवं खाद-बीज व रसायन की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी गयी। किसान दिवस में बीमा कंपनियों के एजेंटों के अनुपस्थित होने पर किसानों द्वारा नाराजगी व्यक्त की गयी। जिस पर कृषि उप निदेशक द्वारा किसानों को यह आश्वासन दिया गया कि अगले किसान दिवस में बीमा एजेंट अनुपस्थित रहते हैं तो उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी एवं 07 जुलाई को दोपहर ग्यारह बजे बीमा एजेंटों के साथ एक बैठक आहूत की जायेगी, जिसमें किसानों की बीमा से संबंधित समस्त समस्याओं पर चर्चा होगी। पिछले माह के किसान दिवस में आने वाली समस्यों के निस्तारण से कृषकों को अवगत कराया गया। इसके पश्चात आयोजन में कृषकों द्वारा अपनी समस्यायें रखी गयीं जिसमें उर्द खरीद का भुगतान शीघ्र कराये जाने, खरीफ 2017 का बीमा क्लेम नियमानुसार वितरण कराये जाने, कचनौंदा बांध में अधिगृहित जमीनों का भुगतान शीघ्र कराये जाने, चना, मटर, मसूर के क्रय के प्रत्येक विकासखण्डों में खोले जाने आदि सम्मलित थीं। आयोजन में परियोजनी निदेशक ने कृषकों द्वारा उठायी गयी समस्याओं का ससमय एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराने के निर्देश दियेे। बुधवार को आयोजित किसान दिवस में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एसके शाक्य, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एसके श्रीवास्तव सहित संबंधित अधिकारी एवं किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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किसान दिवस में किसानों की समस्याएं सुनी, खेती के गुर बताए
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों ने कृषकों को भूमि शोधन के लिए जैविक खाद का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। हरी खाद, कंपोस्ट, वर्मी खाद, जिंक सल्फेट एवं ट्राईकोडर्मा का प्रयोग करने की सलाह दी। किसानों की समस्याओं को सुना और उनका समय से निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
बुधवार को विकास भवन के सभागार में परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम वर्मा की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें वन विभाग के अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री सामुदायिक वानिकी योजना, कृषक वृक्ष धन योजना, एक व्यक्ति-एक वृक्ष योजना, मुख्यमंत्री फलोत्पादन योजना के बारे में विस्तृत जानकारी कृषकों को दी गई। उपकृषि निदेशक संतोष कुमार सविता द्वारा विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2018 में फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है, गैर ऋणी कृषक अपना बीमा करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त कृषकों को नई कृषि तकनीकी के बारे में जानकारी दी गयी, जिसमें बताया कि कृषक अपने खेत में हरी खाद, कम्पोस्ट/वर्मी खाद, जिंक सल्फेट एवं ट्राईकोडर्मा का भूमि शोधन हेतु प्रयोग करें, ताकि मिट्टी की शक्ति एवं नमी अधिक समय तक बनी रहे। कृषक अपने खेत में उर्वरक का प्रयोग मिट्टी परीक्षण परिणाम एवं कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी (कृषि तकनीकी सहायक) के सलाह अनुसार करें। जिला कृषि अधिकारी एसएन चौधरी द्वारा फसल ऋण मोचन योजना एवं खाद-बीज व रसायन की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी गयी। किसान दिवस में बीमा कंपनियों के एजेंटों के अनुपस्थित होने पर किसानों द्वारा नाराजगी व्यक्त की गयी। जिस पर कृषि उप निदेशक द्वारा किसानों को यह आश्वासन दिया गया कि अगले किसान दिवस में बीमा एजेंट अनुपस्थित रहते हैं तो उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी एवं 07 जुलाई को दोपहर ग्यारह बजे बीमा एजेंटों के साथ एक बैठक आहूत की जायेगी, जिसमें किसानों की बीमा से संबंधित समस्त समस्याओं पर चर्चा होगी। पिछले माह के किसान दिवस में आने वाली समस्यों के निस्तारण से कृषकों को अवगत कराया गया। इसके पश्चात आयोजन में कृषकों द्वारा अपनी समस्यायें रखी गयीं जिसमें उर्द खरीद का भुगतान शीघ्र कराये जाने, खरीफ 2017 का बीमा क्लेम नियमानुसार वितरण कराये जाने, कचनौंदा बांध में अधिगृहित जमीनों का भुगतान शीघ्र कराये जाने, चना, मटर, मसूर के क्रय के प्रत्येक विकासखण्डों में खोले जाने आदि सम्मलित थीं। आयोजन में परियोजनी निदेशक ने कृषकों द्वारा उठायी गयी समस्याओं का ससमय एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराने के निर्देश दियेे। बुधवार को आयोजित किसान दिवस में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. एसके शाक्य, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एसके श्रीवास्तव सहित संबंधित अधिकारी एवं किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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