फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   सालाना उर्स के आयोजन पर गहराया विवाद

सालाना उर्स के आयोजन पर गहराया विवाद

Wed, 14 Mar 2018 01:52 AM IST
Updated Wed, 14 Mar 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
सालाना उर्स के आयोजन पर गहराया विवाद
सालाना उर्स के आयोजन पर गहराया विवाद
विज्ञापन

ललितपुर।
बाबा सदनशाह के सालाना उर्स के आयोजन पर विवाद गहराता जा रहा है। जहां पूर्व से काम कर रही कमेटी उर्स के आयोजन की तैयारियों में जुटी है। वहीं, दूसरा पक्ष नवीन कमेटी से आयोजन कराने पर जोर दे रही है। इसी संबंध में मंगलवार को प्रबुद्घजनों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा है।
प्रतिनिधि मंडल के सदस्य जाकिर खां ने डीएम को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि प्रत्येक वर्ष 31 मार्च से चार अप्रैल तक बाबा सदनशाह की दरगाह पर उर्स का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी उर्स संपन्न किया जाना है। लेकिन जो कमेटी उर्स का आयोजन कराने पर अड़ी है, उस पर प्रबंधन, आय का गलत ब्योरा देने, हेराफेरी करने जैसी जांचे विचाराधीन है। यही नहीं, उर्स कमेटी के सदर एवं मंत्री को भूमाफिया घोषित करते हुए उनके खिलाफ एंटी भूमाफिया एक्ट के तहत कार्रवाई का आदेश दिया गया है। कमेटी को निरस्तीकरण के नोटिस भी दिए जा चुके हैं। यदि इसके बाद भी विवादित कमेटी के तत्वावधान में उर्स होता है तो इसमें प्रशासनिक एवं न्यायालय के आदेश का खुला उल्लंघन होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ से नामित कमेटी के माध्यम से उर्स का आयोजन कराने की मांग की है। ज्ञापन पर मुहम्मद जलील, अब्दुल नासिर मंसूरी, अनीस बेग, नदीम खां, हाजी अब्दुल मजीद मंसूरी, मुहम्मद गामा, हाजी इकबाल बेग, अरशद खां, इदरीश राईन, अबू हसन आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
विज्ञापन


ज्ञापनबाजी से शहरवासियों की बढ़ी चिंता
बाबा सदनशाह की दरगाह पर लगने वाले सालाना उर्स में सभी समाज हिस्सेदारी करते हैं। इस दौरान लोग श्रद्धा के साथ दरगाह पर चादर चढ़ाते हैं। वहीं, बच्चों से लेकर बूढ़े भी उर्स को लेकर उत्सुक हैं। लेकिन जिस तरह ज्ञापनबाजी का दौर चल रहा है, उससे शहरवासियों में चिंता का भाव देखा जा रहा है। कुछ लोगों के मन में तो उर्स नहीं होने जैसे सवाल भी कौंधने लगे हैं। इसका कारण, इस आयोजन के लिए लगभग एक पखवाड़ा का ही समय रह गया है लेकिन ज्ञापन बाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। वहीं, प्रशासन अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed