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मौत की वजह बन रहा शटडाउन का खेल

Mon, 12 Jun 2017 07:55 PM IST
Updated Mon, 12 Jun 2017 07:55 PM IST
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मौत की वजह बन रहा शटडाउन का खेल

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कॉल डिटेल से लाइनमैनों की मौत का खुलेगा राज

अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। लाइनमैनों की एक के बाद मौत से बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। मृतकों के परिजन जहां संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, विभाग शटडाउन लिए बिना ही काम करने का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में यदि जांच कर रहे अधिकारी लाइनमैन और संबंधित स्टेशन के अधिकारी के मोबाइल की कॉल डिटेल और रिकॉर्डिंग निकाल लें तो लगातार हो रही मौतों का राज खुल जाएगा।
जनपद में चार उपखंड के अंतर्गत चौदह विद्युत सब स्टेशनों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत करीब 125 लाइनमैन कार्यरत हैं। पिछले महीनों में लगातार काम करते समय लाइनमैनों की करंट से मौतें हो रही हैं। पिछले दिनों महरौनी में एक लाइनमैन की करंट से मौत हो गई है। जबकि स्थानीय लोगों और लाइनमैन के साथी सहकर्मियों द्वारा सब स्टेशन से शटडाउन लेने की बात कही गई। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मृतक लाइनमैन पर ही आरोप लगाया कि उसने शटडाउन लिया नहीं और लाइन सुधारने लगा। ऐसे में यदि लाइनमैन और सबस्टेशन ऑपरेटर के मोबाइल की कॉल डिटेल और रिकॉर्डिंग जांच ली जाए तो सच्चाई से पर्दा उठ सकता है।
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विद्युत विभाग के जानकारों के मुताबिक सब स्टेशनों पर तैनात ऑपरेटरों द्वारा सादे कागज पर ही शटडाउन लेने का ब्योरा लिखा जाता है। इसके बाद यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो वह शटडाउान वापस होने के बाद उक्त ब्योरा लॉग सीट में दर्ज किया जाता है। दूरी अधिक होने पर लाइनमैन मोबाइल पर ऑपरेटर को फाल्ट आदि सुधारने की सूचना देकर शटडाउन लेते हैं। कई बार एक ही फीडर पर कई लाइनमैन अलग-अलग शटडाउन मांगते हैं, जिसमें ऑपरेटर गलती से भी एक शटडाउन भूल जाता है और फीडर का शटडाउन वापस कर देता हैं, तो ऐसे में लाइनमैन की मौत होना तय है। यदि विद्युत सब स्टेशन ऑपरेटरों द्वारा शटडाउन लेने के तत्काल ब्योरा लॉग शीट में भर दिया जाए, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है और लापरवाही भी पकड़ी जा सकती है। लेकिन, विद्युत अधिकारी काम की व्यस्तता मानते हुए ऑपरेटरों व खुद की गलती पर पर्दा डाल लेते हैं।
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हादसों से भी नहीं लिया सबक
जनपद में लो व हाइटेंशन लाइनों में करंट की चपेट में आने से आए दिन लाइनमैनों मौतें हो रही हैं। इसके बाद भी सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए जा रहे हैं। जबकि, हाइटेंशन लाइनों पर काम करने के लिए सुरक्षा के लिए दस्ताने, सुरक्षा किट, सेफ्टी बेल्ट, जूता विभाग द्वारा दिए जाते हैं। यदि कोई कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरण के काम करने से मना भी करता है, तो उसे नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है ऐसे में वह मजबूरन काम करने को विवश होता है।


जरूरत पर जांच कराएंगे
विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम द्वारा घटना की जांच की जाती है। यदि जरूरत पड़ी तो महरौनी में हुए हादसे में लाइनमैन व सब स्टेशन ऑपरेटर की कॉल डिटेल और रिकॉर्डिंग निकलवाकर जांच कराई जाएगी।
- एसके गुप्ता, अधिशासी अभियंता विद्युत
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