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ठंड की परवाह किए बगैर प्रवासियों का दीदार करने पहुंचे बांध

Mon, 24 Dec 2018 01:43 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Dec 2018 01:43 AM IST
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ठंड की परवाह किए बगैर प्रवासियों का दीदार करने पहुंचे बांध
ठंड की परवाह किए बगैर प्रवासियों का दीदार करने पहुंचे बांध
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ललितपुर। सुबह कड़ाके की ठंड की परवाह किए बगैर पक्षी प्रेमी बड़ी संख्या में गोविंद सागर बांध पर एकत्रित हुए। यहां पक्षी प्रेमियों ने विशेषज्ञों की मदद से प्रवासियों का दीदार किया। आज विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बर्ड वाचिंग डे को ‘बर्ड फेस्टिवल’ के रूप मनाया है।

मानव आर्गनाइजेशन की पर्यावरण संरक्षण विंग ललितपुर नेचर क्लब की अगुवाई में भारत स्काउट एवं गाइड, इंडिया बायोडायवर्सिटी कंजरवेशन सोसाइटी, मुक्ति, शैडो ग्रुप, मिशन बेटियां, ललितपुर जागरूकता अभियान गऊपुत्र सेना, विंध्य सृजन सेवा समिति, करुणा इंटरनेशनल ललितपुर केंद्र, बुंदेलखंड मिरर सहित विभिन्न संगठनों सामाजिक संगठनों के संयुक्त सहयोग से स्थानीय गोविंद सागर बांध पर ‘बर्ड वाचिंग डे’ मनाया गया। सुबह की समय गोविंद सागर बांध में विभिन्न प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों की अठखेलियां और कलरव समूचे वातावरण को गुंजायमान कर रहा था। इस नयनाभिराम दृश्य को देखने के लिए विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, विद्यालय के छात्र-छात्राओं, प्रकृति प्रेमियों, गणमान्य नागरिकों का हुजूम उमड़ा। इस दौरान सभी इस अभूतपूर्व दृश्य को अपने कैमरों, मोबाइलों में कैद करने के लिए उन्मुक्त पक्षियों के भांति आकुल-व्याकुल थे। इस ठिठुरन भरी सर्दी में नन्हे-मुन्ने बच्चों का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। बता दें कि जिले के 75000 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र में फैले विभिन्न प्रकार की पक्षी जैव विविधता पाई जाती है। अधिकांश पक्षियों का समूह जनपद स्थित गोविन्द सागर बांध, माताटीला बांध, शहजाद बांध, राजघाट बांध एवं अन्य बांधों की तलहटी व तालाबों को अपना रैनबसेरा बनाते हैं। वहीं, शरद ऋतु आते ही प्रवासी पक्षियों का आना प्रारंभ हो जाता है। इनमें रेडनेप्डआईबीज, सिलेण्डरबिल्डगुल, यूरेशियनकूट, ट्यूफिटडटक, ब्लैकविण्डस्टिल्ड आदि मुख्य रूप प्रवासी पक्षी आते हैं। पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन में इनकी अहम भूमिका होती है। हम स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों को अपने यहां बेधड़क आने के लिए आकर्षित कर सके, इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर बर्ड वाचिंग डे को ‘बर्ड फेस्टिवल’ का रूप देकर इसे भव्य तरीके से आयोजित किया जाता है। मानव आर्गनाईजेशन के अध्यक्ष पर्यावरणविद पुष्पेन्द्र सिंह चौहान एड का कहना है कि जिस तरह से पृथ्वी पर जीव-जन्तुओं की प्रजातियां विलुप्त होती जा रही हैं। उन्होंने आगाह किया कि मनुष्य पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ एवं बेरहमी करना बंद कर दे, अन्यथा इसका बहुत भयंकर खामियाजा भुगतना पड़ेगा। भारत स्काउट एवं गाइड उत्तर प्रदेश के जिला संगठन कमिश्नर डा राजीव निरंजन ने कहा कि वर्तमान परिवेश में मानव समाज भ्रम में जीवन-यापन कर रहा है। यदि हम पर्यावरण के नन्हें मित्र पक्षियों को नही बचा पाये तो मनुष्य को बचाने में कैसे समर्थ हो सकते हैं? करुणा इंटरनेशनल ललितपुर केन्द्र के अध्यक्ष सुधाकर तिवारी का कहना है कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रवासी पक्षियों का संरक्षण एवं सुरक्षा है और जन जन को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना है। कार्यक्रम में नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पहलवान गुरूदीन कन्या महाविद्यालय, श्री वर्णी जैन इण्टर कालेज, राजकीय इण्टर कालेज, सिद्धि सागर एकेडमी, अग्रसेन पब्लिक स्कूल, सेंट डॉमनिक सावियो स्कूल के बच्चों ने प्रतिभाग किया। आयोजन को सफल बनाने में एड रमेश कुमार सिंह, बृजेन्द्र सिंह चौहान, राजेश पाठक, अंकित जैन, स्वतंत्र व्यास, मानवेन्द्र सिंह, शिक्षाविद सुनील चतुर्वेदी, करूणाकर शर्मा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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