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-मौसमी बीमारियों को आमंत्रण दे रहे खाली प्लॉट
Updated Wed, 22 Aug 2018 06:04 AM IST
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मौसमी बीमारियों को आमंत्रण दे रहे खाली प्लॉट
विदुआ कालोनी के प्लॉट गोबर के डंप एवं भैंस के ऐशगाह बने
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में फैले डायरिया के बाद भी शहर में इससे निपटने के अब तक पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाए हैं। खाली प्लॉटों में फैली गंदगी इसका एक उदाहरण है। तालाबपुरा स्थित विदुआ कालोनी में खाली प्लॉट गोबर के डंप बन गए हैं तो वहीं कई खाली प्लॉटों में भरा बारिश का पानी भैंसों के लिए काम आ रहा है।
तहसील तालबेहट अंतर्गत ग्राम कठवर व चुनगी में डायरिया फैला हुआ है। इसमें तीन व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी नगर के स्वास्थ्य अधिकारी वार्डों में कराई जा रही सफाई की हकीकत जानने के लिए फुर्सत नहीं निकाल पा रहे हैं। मुहल्ला तालाबपुरा स्थित विदुआ कालोनी में आलीशान भवन बने हुए हैं। वहीं, समीप में पडे़ खाली प्लॉट गंदगी के पर्याय बन गए हैं। कई प्लॉटों में गोबर के ढेर लगे हैं तो कई प्लॉटों में बारिश व नाली का पानी भरा हुआ है। इसमें भैंसें अपनी गर्मी शांत कर रही हैं। इस तरह की स्थिति अन्य वार्डों में भी देखी जा सकती है। मुहल्ला आजादपुरा में कई खाली प्लॉटों में गंदगी फैली हुई है। न भूस्वामी और न ही नगर पालिका इनकी सफाई करा रही है। इससे वार्डों में मच्छरों की समस्या बनी हुई है। वहीं, डायरिया जैसी बीमारियों के फैलने का अंदेशा स्थानीय लोगों को सता रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में बेपरवाह बने हुए हैं।
शहर से नहीं हटाए जा रहे भैंसों के तबेला
बीते वर्षों में शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए तबेला हटाने के लिए योजना बनाई गई थी। नगर पालिका परिषद ने इसका चिह्नींकरण भी कराया था। लेकिन इसे मूर्त रूप नहीं दिया जा सका। यही वजह है कि शहर के विभिन्न वार्डो में भैसों के तबेला देखे जा सकते हैं। तालाबपुरा बीच के बंध पर भैसें, गाय सडकों में बंधी नजर आती हैं।
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सिंचाई विभाग भी बेपरवाह
सिंचाई विभाग की नहर में पसरी गंदगी पर किसी का ध्यान नहीं है। स्थानीय लोगों ने इसे कूड़ाघर में तब्दील कर रखा है। घरों से जो भी कचरा निकलता है, उसे आसपास मेें रहने वाले लोग कूडाघर समझकर उसमें फेंक देते हैं। इससे शहर में सफाई की समस्या गंभीर बनी हुई है।
चार्जों के बोझ तले दबे स्वास्थ्य अधिकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने डा. हुुसैन को नगर स्वास्थ्य अधिकारी बनाया है। उनके पास पहले से प्रतिरक्षण, जन सूचना सहित कई चार्ज हैं, ऐसे में वह नगर के लिए समय ही नहीं दे पाते हैं। इससे शहर में साफ-सफाई की समस्या अभी भी बनी हुई है जबकि इस समय मौसमी बीमारियों के मद्देनजर विभागों को ज्यादा मुस्तैदी दिखाने की जरूरत है।
कराई जा रही सफाई
शहर के सभी वार्डो में सफाई कार्य पर ध्यान दिया जा रहा है। यदि कहीं सफाई की दिक्कत है तो ऐसी जगहों को चिह्नित करते हुए सफाई कराई जाएगी।
अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद
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विदुआ कालोनी के प्लॉट गोबर के डंप एवं भैंस के ऐशगाह बने
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में फैले डायरिया के बाद भी शहर में इससे निपटने के अब तक पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाए हैं। खाली प्लॉटों में फैली गंदगी इसका एक उदाहरण है। तालाबपुरा स्थित विदुआ कालोनी में खाली प्लॉट गोबर के डंप बन गए हैं तो वहीं कई खाली प्लॉटों में भरा बारिश का पानी भैंसों के लिए काम आ रहा है।
तहसील तालबेहट अंतर्गत ग्राम कठवर व चुनगी में डायरिया फैला हुआ है। इसमें तीन व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी नगर के स्वास्थ्य अधिकारी वार्डों में कराई जा रही सफाई की हकीकत जानने के लिए फुर्सत नहीं निकाल पा रहे हैं। मुहल्ला तालाबपुरा स्थित विदुआ कालोनी में आलीशान भवन बने हुए हैं। वहीं, समीप में पडे़ खाली प्लॉट गंदगी के पर्याय बन गए हैं। कई प्लॉटों में गोबर के ढेर लगे हैं तो कई प्लॉटों में बारिश व नाली का पानी भरा हुआ है। इसमें भैंसें अपनी गर्मी शांत कर रही हैं। इस तरह की स्थिति अन्य वार्डों में भी देखी जा सकती है। मुहल्ला आजादपुरा में कई खाली प्लॉटों में गंदगी फैली हुई है। न भूस्वामी और न ही नगर पालिका इनकी सफाई करा रही है। इससे वार्डों में मच्छरों की समस्या बनी हुई है। वहीं, डायरिया जैसी बीमारियों के फैलने का अंदेशा स्थानीय लोगों को सता रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में बेपरवाह बने हुए हैं।
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शहर से नहीं हटाए जा रहे भैंसों के तबेला
बीते वर्षों में शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए तबेला हटाने के लिए योजना बनाई गई थी। नगर पालिका परिषद ने इसका चिह्नींकरण भी कराया था। लेकिन इसे मूर्त रूप नहीं दिया जा सका। यही वजह है कि शहर के विभिन्न वार्डो में भैसों के तबेला देखे जा सकते हैं। तालाबपुरा बीच के बंध पर भैसें, गाय सडकों में बंधी नजर आती हैं।
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सिंचाई विभाग भी बेपरवाह
सिंचाई विभाग की नहर में पसरी गंदगी पर किसी का ध्यान नहीं है। स्थानीय लोगों ने इसे कूड़ाघर में तब्दील कर रखा है। घरों से जो भी कचरा निकलता है, उसे आसपास मेें रहने वाले लोग कूडाघर समझकर उसमें फेंक देते हैं। इससे शहर में सफाई की समस्या गंभीर बनी हुई है।
चार्जों के बोझ तले दबे स्वास्थ्य अधिकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने डा. हुुसैन को नगर स्वास्थ्य अधिकारी बनाया है। उनके पास पहले से प्रतिरक्षण, जन सूचना सहित कई चार्ज हैं, ऐसे में वह नगर के लिए समय ही नहीं दे पाते हैं। इससे शहर में साफ-सफाई की समस्या अभी भी बनी हुई है जबकि इस समय मौसमी बीमारियों के मद्देनजर विभागों को ज्यादा मुस्तैदी दिखाने की जरूरत है।
कराई जा रही सफाई
शहर के सभी वार्डो में सफाई कार्य पर ध्यान दिया जा रहा है। यदि कहीं सफाई की दिक्कत है तो ऐसी जगहों को चिह्नित करते हुए सफाई कराई जाएगी।
अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद