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समस्या: महरौनी
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:54 AM IST
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छपरट नदी का पुल डूबने से टापू बना महरौनी
जिला मुख्यालय मार्ग हुआ बंद, राहगीरो लगा रहा मेला
जामनी बांध के सभी गेट खुलने से डूबा पुल दोपहर तक सामान्य हो सका मार्ग
अमर उजाला ब्यूरो
महरौनी। शनिवार की रात क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश के चलते जामनी बांध में जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने सुबह बांध के सभी गेट खोलने का निर्णय लिया और देर रात बांध के सभी गेट खुलने से शनिवार की सुबह महरौनी ललितपुर राजमार्ग पर स्थित छपरट नदी का पुल डूब गया, जिससे यातायात पूरी तरह बंद रहा। लेकिन उक्त मार्ग के अलावा और कोई मार्ग न होने से महरौनी टापू बना रहा और लोग पुल खाली होने का इंतजार करते रहे। दोपहर तक यातायात सामान्य हो सका, जिसको लेकर राहगीर परेशान बने रहे।
महरौनी ललितपुर राजमार्ग पर तहसील से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित जामनी नदी पर बने छपरट पुल पर शुक्रवार को हुई तेज बारिश के चलते नदी पर बने जामनी बांध का जलस्तर ज्यादा बढ़ते देख प्रशासन ने गेट खोल दिए। इससे बमराना का पुल कुजानघाट का पुल छपरट नदी का पुल पुतलीघाट नदी का पुल बाडाघाट आमघाट आदि पुलों पर पानी का स्तर बढ़ गया। इससे सैदपुर से बमराना बारचौन आदि गांवों को जाने का रास्ता महरौनी से नाराहट रोड की ओर जाने वालों को व महरौनी से ललितपुर जिला मुख्यालय जाने और महरौनी से बानपुर रोड साथ ही कैलगुवा से टीकमगढ़ जाने का मार्ग बंद रहा। जिससे राहगीर सुबह से दोपहर तक छपरट के पुल पर फंसे रहे तो वही अन्य पुलो पर अभी भी कई फीट पानी पुल के ऊपर से जा रहा है ।महरौनी तहसील मुख्यालय पूरी तरह टापू बना रहा लेकिन जब ललितपुर रोड के छपरट नदी का पुल खाली हुआ तब यातायात सामान्य हो सका ।
प्रस्तावित होने के बाद भी लगा पुल का निर्माण कार्य
महरौनी। तहसील महरौनी से ललितपुर रोड पर बने छपरट नदी का पुल जो कि ब्रिटिश शासन काल में अंग्रेजों द्वारा चूना व ईंटों से बनाया गया था। जो विगत कई वर्षों से अपनी सेवाएं देने के बाद भी आज भी उसकी सेवाएं बरकरार है। बताया जा रहा है कि उक्त पुल के निर्माण का प्रस्ताव तैयार है। जिसे बनाने की शासन द्वारा स्वीकृति भी मिल चुकी है। लेकिन नदी पर बनाये जा रहे भौरट बांध के कारण अभी जल भराब की सिय्थति स्पष्ट नही हो सकी ।जिस कारण पुल का निर्माण शुरू नही हुआ है ।जिससे हर वर्ष जामनी बांध के गेट खुलने पर यातायात बंद हो जाता है ।
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बरसात मे छपरट का पुल ही है सहारा
महरौनी। महरौनी से बानपुर कैलगुवा नाराहट गौना सागर भोपाल इंदौर आदि रूटो पर जाने बाले राहगीरो को केवल छपरट नदी का पुल ही एक सहारा बना हुआ है। जो गेट न खुले तो बरसात में हर रोड पर जाने के लिये सभी रोड को जोड़ता है। लेकिन जब छपरट नदी का पुल चढ़ता है तब जिला मुख्यालय नौकरी करने बाले सरकारी कर्मचारी स्कूली शिक्षक तहसील कलेक्ट्रेट जाने बाले स्कूली छात्र छात्राये आदि सब परेशान बने रहते है ।
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जिला मुख्यालय मार्ग हुआ बंद, राहगीरो लगा रहा मेला
जामनी बांध के सभी गेट खुलने से डूबा पुल दोपहर तक सामान्य हो सका मार्ग
अमर उजाला ब्यूरो
महरौनी। शनिवार की रात क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश के चलते जामनी बांध में जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने सुबह बांध के सभी गेट खोलने का निर्णय लिया और देर रात बांध के सभी गेट खुलने से शनिवार की सुबह महरौनी ललितपुर राजमार्ग पर स्थित छपरट नदी का पुल डूब गया, जिससे यातायात पूरी तरह बंद रहा। लेकिन उक्त मार्ग के अलावा और कोई मार्ग न होने से महरौनी टापू बना रहा और लोग पुल खाली होने का इंतजार करते रहे। दोपहर तक यातायात सामान्य हो सका, जिसको लेकर राहगीर परेशान बने रहे।
महरौनी ललितपुर राजमार्ग पर तहसील से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित जामनी नदी पर बने छपरट पुल पर शुक्रवार को हुई तेज बारिश के चलते नदी पर बने जामनी बांध का जलस्तर ज्यादा बढ़ते देख प्रशासन ने गेट खोल दिए। इससे बमराना का पुल कुजानघाट का पुल छपरट नदी का पुल पुतलीघाट नदी का पुल बाडाघाट आमघाट आदि पुलों पर पानी का स्तर बढ़ गया। इससे सैदपुर से बमराना बारचौन आदि गांवों को जाने का रास्ता महरौनी से नाराहट रोड की ओर जाने वालों को व महरौनी से ललितपुर जिला मुख्यालय जाने और महरौनी से बानपुर रोड साथ ही कैलगुवा से टीकमगढ़ जाने का मार्ग बंद रहा। जिससे राहगीर सुबह से दोपहर तक छपरट के पुल पर फंसे रहे तो वही अन्य पुलो पर अभी भी कई फीट पानी पुल के ऊपर से जा रहा है ।महरौनी तहसील मुख्यालय पूरी तरह टापू बना रहा लेकिन जब ललितपुर रोड के छपरट नदी का पुल खाली हुआ तब यातायात सामान्य हो सका ।
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प्रस्तावित होने के बाद भी लगा पुल का निर्माण कार्य
महरौनी। तहसील महरौनी से ललितपुर रोड पर बने छपरट नदी का पुल जो कि ब्रिटिश शासन काल में अंग्रेजों द्वारा चूना व ईंटों से बनाया गया था। जो विगत कई वर्षों से अपनी सेवाएं देने के बाद भी आज भी उसकी सेवाएं बरकरार है। बताया जा रहा है कि उक्त पुल के निर्माण का प्रस्ताव तैयार है। जिसे बनाने की शासन द्वारा स्वीकृति भी मिल चुकी है। लेकिन नदी पर बनाये जा रहे भौरट बांध के कारण अभी जल भराब की सिय्थति स्पष्ट नही हो सकी ।जिस कारण पुल का निर्माण शुरू नही हुआ है ।जिससे हर वर्ष जामनी बांध के गेट खुलने पर यातायात बंद हो जाता है ।
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बरसात मे छपरट का पुल ही है सहारा
महरौनी। महरौनी से बानपुर कैलगुवा नाराहट गौना सागर भोपाल इंदौर आदि रूटो पर जाने बाले राहगीरो को केवल छपरट नदी का पुल ही एक सहारा बना हुआ है। जो गेट न खुले तो बरसात में हर रोड पर जाने के लिये सभी रोड को जोड़ता है। लेकिन जब छपरट नदी का पुल चढ़ता है तब जिला मुख्यालय नौकरी करने बाले सरकारी कर्मचारी स्कूली शिक्षक तहसील कलेक्ट्रेट जाने बाले स्कूली छात्र छात्राये आदि सब परेशान बने रहते है ।