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सौंरई में कच्चे सम्पर्क मार्ग की टूटी पड़ी पुलिया
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सौंरई में कच्चे संपर्क मार्ग की टूटी पड़ी पुलिया
सौंरई (ललितपुर)। विकासखंड मड़ावरा अंतर्गत ग्राम सौंरई, जलंधर व आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रदेश के राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ को ज्ञापन भेजकर सौंरई मेन रोड तालाब से गांव में होता हुआ जलंधर तक करीब तीन किलोमीटर संपर्क मार्ग की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि आसपास के क्षेत्र के गांवों के लिये सौंरई गॉव केंद्र बिंदू है। यहां बैंक, सोसायटी, हाट बाजार, पोस्ट ऑफिस और इंटर कॉलेज सहित विभिन्न सुविधाओं के लिए आए दिन इसी कच्चे दुर्घटनाग्रस्त रास्ते से क्षेत्र के दर्जनों गांवों, जिनमें जलंधर, खैरपुरा, पहाड़ीकला, परसाटा, नीमखेड़ा, गोराखुर्द, दिदौनिया, अमौदा, विरौंदा, भौंती, हॅसेरा, दारूतला समेत दर्जनों गांवों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा समस्या किसानों को सोसायटी पर से अपने गांव तक वाहन से खाद्य ले जाने में होती है और प्रतिदिन स्कूल आने वाले छात्रों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि रास्ते की ज्यादातर पुलियां टूटी पड़ी हैं, जिससे वाहन नहीं निकल पाते साथ ही रास्ता कच्चा होने से बरसात के मौसम में इस रास्ते से आवागमन पूर्णत: ठप हो जाता है। इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक और राज्यमंत्री से इस रास्ते का उद्धार करवाने के लिए ज्ञापन भेजकर तीन किलोमीटर तक की सड़क की मांग की। ज्ञापन पर सौंरई ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह, जुगल किशोर तिवारी, दुर्गाप्रसाद, हरिशरण तिवारी, पुरुषोत्तम कुशवाहा, जितेंद्र जोशी, छंदीलाल अहिरवार, कूरेलाल, उमराव, हरचरन, राजू, बालचंद्र साहू, रामेश्वर, सुखनंदन, हल्काई, नत्थू सहरिया एवं जलंधर से ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह, प्यारेलाल पाल, अमित कुमार, सत्येंद्र सिंह, मलखान इत्यादि के हस्ताक्षर अंकित बताए गए हैं।
आज भी कई गांवों को संपर्क मार्ग का इंतजार
प्रदेश सरकार गांवों व मजरों को मुख्य सड़कों से जोड़ने केे लिए प्रयासरत है, जिससे कि उनमें निवासरत ग्रामीण मुख्य विकास की धारा में सम्मिलित हो सके। लेकिन अभी भी बहुत से गाँव व मजरा ऐसे छूटे हुए हैं। ऐसे गांव के लोगों को संपर्क मार्ग नहीं होने की वजह से आवागमन की समस्या से जूझना पड़ना है।
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सौंरई (ललितपुर)। विकासखंड मड़ावरा अंतर्गत ग्राम सौंरई, जलंधर व आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रदेश के राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ को ज्ञापन भेजकर सौंरई मेन रोड तालाब से गांव में होता हुआ जलंधर तक करीब तीन किलोमीटर संपर्क मार्ग की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि आसपास के क्षेत्र के गांवों के लिये सौंरई गॉव केंद्र बिंदू है। यहां बैंक, सोसायटी, हाट बाजार, पोस्ट ऑफिस और इंटर कॉलेज सहित विभिन्न सुविधाओं के लिए आए दिन इसी कच्चे दुर्घटनाग्रस्त रास्ते से क्षेत्र के दर्जनों गांवों, जिनमें जलंधर, खैरपुरा, पहाड़ीकला, परसाटा, नीमखेड़ा, गोराखुर्द, दिदौनिया, अमौदा, विरौंदा, भौंती, हॅसेरा, दारूतला समेत दर्जनों गांवों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा समस्या किसानों को सोसायटी पर से अपने गांव तक वाहन से खाद्य ले जाने में होती है और प्रतिदिन स्कूल आने वाले छात्रों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि रास्ते की ज्यादातर पुलियां टूटी पड़ी हैं, जिससे वाहन नहीं निकल पाते साथ ही रास्ता कच्चा होने से बरसात के मौसम में इस रास्ते से आवागमन पूर्णत: ठप हो जाता है। इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक और राज्यमंत्री से इस रास्ते का उद्धार करवाने के लिए ज्ञापन भेजकर तीन किलोमीटर तक की सड़क की मांग की। ज्ञापन पर सौंरई ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह, जुगल किशोर तिवारी, दुर्गाप्रसाद, हरिशरण तिवारी, पुरुषोत्तम कुशवाहा, जितेंद्र जोशी, छंदीलाल अहिरवार, कूरेलाल, उमराव, हरचरन, राजू, बालचंद्र साहू, रामेश्वर, सुखनंदन, हल्काई, नत्थू सहरिया एवं जलंधर से ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह, प्यारेलाल पाल, अमित कुमार, सत्येंद्र सिंह, मलखान इत्यादि के हस्ताक्षर अंकित बताए गए हैं।
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आज भी कई गांवों को संपर्क मार्ग का इंतजार
प्रदेश सरकार गांवों व मजरों को मुख्य सड़कों से जोड़ने केे लिए प्रयासरत है, जिससे कि उनमें निवासरत ग्रामीण मुख्य विकास की धारा में सम्मिलित हो सके। लेकिन अभी भी बहुत से गाँव व मजरा ऐसे छूटे हुए हैं। ऐसे गांव के लोगों को संपर्क मार्ग नहीं होने की वजह से आवागमन की समस्या से जूझना पड़ना है।
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