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प्रसव के दौरान कक्ष में रुक सकेंगी महिला रिश्तेदार

Thu, 21 Jun 2018 02:28 AM IST
Updated Thu, 21 Jun 2018 02:28 AM IST
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प्रसव के दौरान कक्ष में रुक सकेंगी महिला रिश्तेदार
प्रसव के दौरान कक्ष में रुक सकेंगी महिला रिश्तेदार
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्णय से गर्भवती महिलाएं नहीं होंगी असहज
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। अब सरकारी अस्पतालों में प्रसव के दौरान महिला रिश्तेदार साथ रुक सकेंगी। अभी तक केवल गर्भवती महिला को ही प्रसव कक्ष में जाने की अनुमति दी जाती थी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के इस निर्णय से गर्भवती महिला खुद को असहज महसूस नहीं करेगी।
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए गर्भवती और प्रसूता महिलाओं को तमाम सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इनमें आने जाने के लिए एंबुलेंस सेवा दी जा रही है। प्रसव होने पर अस्पताल भर्ती के दौरान निशुल्क भोजन की व्यवस्था दी जा रही है। साथ ही दूध भी उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के में अकेलापन व घबराहट महसूस होती है। इससे प्रसूता घर पर ही प्रसव कराना उचित समझती थी। संस्थागत प्रसव कराने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने निर्णय लिया है कि गर्भवती महिला अपने साथ एक महिला रिश्तेदार को प्रसव कक्ष में ले जा सकती है। इसकी जानकारी स्वास्थ्य कर्मियों को पहली जांच के दौरान देनी होगी। जिसका नाम व मोबाइल नंबर एएनएम के पास पहली जांच में दर्ज करना होगा। बर्थ कंपेनियन प्रसव के समय कोई साथी को प्रसव पूर्व की सभी जांचों में उपस्थित होना होगा और प्रसूता को भी प्रसव पूर्व जांच के लिए प्रोत्साहित करना होगा। बर्थ कम्पेनियन की मौजूदगी गर्भवती महिला के प्रसव के समय या पश्चात उनके स्वास्थ्य में सकारात्मक मदद करती हैं। जिससे उनके हार्मोन्स सुचारु रूप से चलते हैं। साथ ही प्रसव का समय कम हो जाता हैं और सामान्य प्रसव की ज्यादा संभावनाएं रहती हैं। प्रसूताओं के साथ उचित व्यवहार किया जाए। इससे कि वह अपना अगला प्रसव संस्थान में ही कराएंगी।
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जिला महिला अस्पताल की प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. सौम्या कस्तवार ने बताया कि गर्भवती महिला को प्रसव कक्ष में दर्द व घबराहट से बेचैन होती है। ऐसी स्थिति में उसके साथ कोई निजी संबंधी उसके लिए तनाव मुक्ति का काम करता हैं, जिसकी वजह प्रसव जल्दी हो जाता हैं। प्रसव के समय महिला तनाव में रहने से प्रसव में देरी होती है या ज्यादा रक्तप्रवाह जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
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कौन हो सकता हैं बर्थ कंपेनियन
बर्थ कंपेनियन एक महिला रिश्तेदार होनी चाहिए।
जिसमें वही महिला उचित रहेगी जिसका प्रसव हो चुका है।
यदि कक्ष की निजता बरकरार रहे तो प्रसूता का पति भी साथ जा सकता हैं।
वह किसी संक्रमित रोग से ग्रसित न हो।
साफ सुथरे कपड़े पहने हो।
वह गर्भवती महिला के प्रसव के समय कक्ष में मौजूद रहे।
मौजूद स्वास्थ्य कर्मी के उपचार में बाधा न बने।
प्रसव कक्ष में कैमरा व मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करना हैं।
डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना होगा।
माँ व शिशु के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं नहीं करनी है। साथ ही बच्चे के लिंग की जानकारी नहीं देनी है।
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