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बुवाई से पहले गहरी जुताई करें

Sat, 15 Jun 2019 02:20 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jun 2019 02:20 AM IST
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बुवाई से पहले गहरी जुताई करें
बुवाई से पहले गहरी जुताई करें किसान
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ललितपुर। खरीफ फसलों की बुवाई का समय आने वाला है, इसलिए किसान बुवाई से पहले जून के महीने में खेतों की गहरी जुताई करें। रबी फसलों के अवशेषों को जुताई कर भूमि में मिलाने से वह सड़कर फसल के लिए खाद का काम करेंगे।
ग्रीष्मकालीन जुताई मानसून आने से पूर्व की जानी चाहिए। इससे मिट्टी की संरचना में सुधार होता है, जिससे खेत में पानी सोखने की क्षमता बढ़ जाती है, जो फसलों की बढ़वार के लिए उपयोगी होती है। मिट्टी के अंदर छिपे हानिकारक कीड़े, मकोड़े, उनके अंडे, लार्वा, प्यूपा एवं खर पतवारों के बीज गहरी जुताई तथा सूर्य की तेज किरणों से नष्ट हो जाते हैं तथा जमीन में वायु संचार बढ़ जाता है। इससे लाभकारी सूक्ष्म जीवों का विकास होता है। परंपरागत कृषि विधियां जैसे कतार में फसलों की बुवाई, फसल चक्र, सहफसली खेती, ग्रीष्म कालीन गहरी जुताई आदि कम लागत में गुणवत्तायुक्त उत्पादन प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनको अपनाने से जल, वायु, मृदा व पर्यावरण प्रदूषण कम होता है।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि कीट एवं रोगों के नियंत्रण के लिए किसान बीज शोधन एवं भूमि शोधन अवश्य करें। बीज शोधन के लिए दो ग्राम कार्बेंडाजिम या 2.5 ग्राम थीरम अथवा 4 ग्राम ट्राईकोडर्मा हारजियेनम / किलोग्राम बीज की दर सें प्रयोग करे तथा भूमि शोधन के लिए 2.5 किलोग्राम बवैरिया बैसियाना तथा 2.5 किलोग्राम ट्राईकोडर्मा को 65 किलोग्राम गोबर की खाद में मिलाकर किसी छायादार स्थान के नीचे भीगे हुए टाट के बोरे से ढंककर थोड़ा - थोड़ा पानी नमी बनाने को छिड़कते रहें। 10 दिन बाद बुवाई से पहले मिट्टी में मिलाकर भूमि शोधन करें।
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