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42 रक्तदान कर बने महादानी
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42 महादानियों ने किया रक्तदान
ललितपुर। शुक्रवार को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ ने विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया। इसमें 42 लोगों ने एक-एक यूनिट रक्तदान किया। शिविर में सभी को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का शुभारंभ सुबह 11 बजे जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने फीता काटकर किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने अतिथियों को पुष्प देकर सम्मानित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यालय, तहसील व ब्लाक स्तर पर भी रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाए। रक्तदान के महत्व व लाभ, रक्तदान करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जिले में 30 से 40 प्रतिशत दो पहिया वाहन चालक तीन व चार सवारियों को बैठाकर चला रहे हैं। कुछ वाहन बिना नंबरों के दौड़ रहे हैं। बिना हेलमेट के अधिकतर वाहन चल रहे हैं। जागरूकता के अभाव में अधिक दुर्घटनाएं हो रहीं हैं, जिससे ब्लड बैंक में भी रक्तदान की कमी पड़ जाती है। उन्होंने रक्तदान को महान कार्य बताया।
उपजिलाधिकरी सदर गजल भारद्वाज ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को ब्लड की आवश्यकता अधिक होती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई अन्य दान नहीं होता है। रक्तदान से अधिक फायदे होते हैं। संचालन कर रहे डॉ. अमित चतुर्वेदी ने कहा कि रक्तदान में वह शक्ति है, जो जीवन बचा सकती है। जिससे रक्तदान को महादान माना जाता है। रक्त को कृत्रिम रुप से नहीं बनाया जा सकता है।
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भीषण गर्मी होने के बाद भी शिविर के शुभारंभ होते ही रक्तदाता रक्तदान के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे। रक्तदान करने आए लोगों से पहले फार्म भरवाया गया। इसके बाद ब्लड सैंपल लेकर अस्पताल की टीम ने उनका चिकित्सीय परीक्षण किया, जांच में सही पाए जाने पर उन्हें रक्तदान करने की स्वीकृति दी गई। इस दौरान कुछ लोगों का स्वास्थ्य कारणों के चलते रक्त नहीं लिया गया।
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संगठनों ने किया सहयोग
अमर उजाला और जिला अस्पताल द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में विभिन्न संगठनों ने हिस्सा लिया और शिविर को सफल बनाने में भागीदारी निभाई। शिविर में ललितपुर सेवा ग्रुप, बुंदेलखंड विकास सेना, अंबे रक्तदान समिति व अन्नपूर्णा सेवा संघ के सदस्यों ने रक्तदान किया।
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यह बने महादानी
रक्तदान शिविर में दीपिका वैश्नव, अंकित सोनी, सुरेश चंद्र, राजेंद्र कुमार दुबे, संजीव खरे, ध्रुव कुमार साहू, पंकज साहू, दीपक कुमार साहू, इंद्रेश कुमार तिवारी, सौरभ पाठक, सत्यनारायण त्यागी, मनीष पटवारी, जितेंद्र सिंह, निर्मल रजक, नंदराम, अनिल सूरी, अंकित जैन, अक्षय गौतम, अंकुर जैन सानू बाबा, नरेंद्र सिंह, अभिषेक नामदेव, विपिन सोनी, इमरान पठान, प्रज्जवल, जीवांश, कोहिनूर, आशिफ, अमन जैन, वीरेंद्र, उमेश सोनी, वासुदेव पटवा, आशीष रिछारिया, सुरेंद्र सिंह, सतीश विश्वकर्मा आदि ने रक्तदान किया।
50 वीं बार किया महादान
संजीव खरे ने अमर उजाला के फाउंडेेशन में शुक्रवार को 50 वीं बार रक्तदान किया है। उनका कहना है कि समाजसेवा से बढ़कर कोई दौलत नहीं होती है। स्वेच्छा से लोगों की सेवा के लिए रक्तदान करता हूं।
47 वीं बार किया महादान
रक्तदान करने से लोगों बीमारियां नहीं होती है। एक यूनिट रक्त से चार लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। इससे बढ़ा कोई अन्य कार्य या पुण्य नहीं हो सकता है। लोगों को रक्तदान देकर जीवनदान दिया जा सकता है। इसलिए मैं रक्तदान करता हूं।
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फोटो- 15
45 वीं बार किया महादान
रक्त को कभी भी कृत्रिम नहीं बनाया जा सकता है। इसे एक दूसरे की सहायता करने से मिलता है। समाज सेवा करने से बढ़कर कोई और धर्म नहीं है। हमेशा निर्धनों व असहायों को रक्दान कर समाज सेवा करता हूूं।
- सत्यनारायण तिवारी
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फोटो- 36 अंतिम बार किया रक्तदान
शुरुआत से अब तक निर्धनों व असहायों के लिए रक्त देने उद्देश्य से रक्त देना शुरू किया था। तब से अब तक 35 बार रक्तदान कर चुका हूं। आज अंतिम बार ही रक्तदान किया है।
- वासुदेव पटवा
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ललितपुर। शुक्रवार को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ ने विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया। इसमें 42 लोगों ने एक-एक यूनिट रक्तदान किया। शिविर में सभी को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का शुभारंभ सुबह 11 बजे जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने फीता काटकर किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने अतिथियों को पुष्प देकर सम्मानित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यालय, तहसील व ब्लाक स्तर पर भी रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाए। रक्तदान के महत्व व लाभ, रक्तदान करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जिले में 30 से 40 प्रतिशत दो पहिया वाहन चालक तीन व चार सवारियों को बैठाकर चला रहे हैं। कुछ वाहन बिना नंबरों के दौड़ रहे हैं। बिना हेलमेट के अधिकतर वाहन चल रहे हैं। जागरूकता के अभाव में अधिक दुर्घटनाएं हो रहीं हैं, जिससे ब्लड बैंक में भी रक्तदान की कमी पड़ जाती है। उन्होंने रक्तदान को महान कार्य बताया।
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उपजिलाधिकरी सदर गजल भारद्वाज ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को ब्लड की आवश्यकता अधिक होती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई अन्य दान नहीं होता है। रक्तदान से अधिक फायदे होते हैं। संचालन कर रहे डॉ. अमित चतुर्वेदी ने कहा कि रक्तदान में वह शक्ति है, जो जीवन बचा सकती है। जिससे रक्तदान को महादान माना जाता है। रक्त को कृत्रिम रुप से नहीं बनाया जा सकता है।
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भीषण गर्मी होने के बाद भी शिविर के शुभारंभ होते ही रक्तदाता रक्तदान के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे। रक्तदान करने आए लोगों से पहले फार्म भरवाया गया। इसके बाद ब्लड सैंपल लेकर अस्पताल की टीम ने उनका चिकित्सीय परीक्षण किया, जांच में सही पाए जाने पर उन्हें रक्तदान करने की स्वीकृति दी गई। इस दौरान कुछ लोगों का स्वास्थ्य कारणों के चलते रक्त नहीं लिया गया।
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संगठनों ने किया सहयोग
अमर उजाला और जिला अस्पताल द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में विभिन्न संगठनों ने हिस्सा लिया और शिविर को सफल बनाने में भागीदारी निभाई। शिविर में ललितपुर सेवा ग्रुप, बुंदेलखंड विकास सेना, अंबे रक्तदान समिति व अन्नपूर्णा सेवा संघ के सदस्यों ने रक्तदान किया।
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यह बने महादानी
रक्तदान शिविर में दीपिका वैश्नव, अंकित सोनी, सुरेश चंद्र, राजेंद्र कुमार दुबे, संजीव खरे, ध्रुव कुमार साहू, पंकज साहू, दीपक कुमार साहू, इंद्रेश कुमार तिवारी, सौरभ पाठक, सत्यनारायण त्यागी, मनीष पटवारी, जितेंद्र सिंह, निर्मल रजक, नंदराम, अनिल सूरी, अंकित जैन, अक्षय गौतम, अंकुर जैन सानू बाबा, नरेंद्र सिंह, अभिषेक नामदेव, विपिन सोनी, इमरान पठान, प्रज्जवल, जीवांश, कोहिनूर, आशिफ, अमन जैन, वीरेंद्र, उमेश सोनी, वासुदेव पटवा, आशीष रिछारिया, सुरेंद्र सिंह, सतीश विश्वकर्मा आदि ने रक्तदान किया।
50 वीं बार किया महादान
संजीव खरे ने अमर उजाला के फाउंडेेशन में शुक्रवार को 50 वीं बार रक्तदान किया है। उनका कहना है कि समाजसेवा से बढ़कर कोई दौलत नहीं होती है। स्वेच्छा से लोगों की सेवा के लिए रक्तदान करता हूं।
47 वीं बार किया महादान
रक्तदान करने से लोगों बीमारियां नहीं होती है। एक यूनिट रक्त से चार लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। इससे बढ़ा कोई अन्य कार्य या पुण्य नहीं हो सकता है। लोगों को रक्तदान देकर जीवनदान दिया जा सकता है। इसलिए मैं रक्तदान करता हूं।
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फोटो- 15
45 वीं बार किया महादान
रक्त को कभी भी कृत्रिम नहीं बनाया जा सकता है। इसे एक दूसरे की सहायता करने से मिलता है। समाज सेवा करने से बढ़कर कोई और धर्म नहीं है। हमेशा निर्धनों व असहायों को रक्दान कर समाज सेवा करता हूूं।
- सत्यनारायण तिवारी
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फोटो- 36 अंतिम बार किया रक्तदान
शुरुआत से अब तक निर्धनों व असहायों के लिए रक्त देने उद्देश्य से रक्त देना शुरू किया था। तब से अब तक 35 बार रक्तदान कर चुका हूं। आज अंतिम बार ही रक्तदान किया है।
- वासुदेव पटवा