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पर्यावरण के प्रति सबको जागरूक होना
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पर्यावरण के प्रति सबको जागरूक होना जरूरी
ललितपुर। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर हुई परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में पर्यावरण बड़ा मुद्दा है, जिसके बारे में सभी को जागरूक होना अनिवार्य है। अहिंसा, करुणा, पर्यावरण संरक्षण, जीव दया को समर्पित संस्था करुणा इंटरनेशनल की परिचर्चा केंद्र के वरिष्ठ पदाधिकारी अक्षय अलया के संयोजन में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और जीवन का अटूट संबंध है। पर्यावरण बड़ा मुद्दा है, जिसके बारे में सभी को जागरूक होना अनिवार्य है। शिक्षाविद केपी पांडेय ने कहा कि हमें पर्यावरण को शुद्ध रखना है। हम अपने आसपास पेड़- पौधों को लगाकर उनकी देखभाल करें। शीलचंद्र शास्त्री ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के अंधाधुंध अनुकरण और मानव की स्वार्थ लिप्सा प्रवृत्ति ने प्रकृति के टुकड़े-टुकड़े कर डाले हैं, जिससे चारों ओर का पर्यावरण कराह रहा है। शिक्षक हरिशंकर सोनी ने कहा कि हम पेड़-पौधों को बचाएं, पशु पक्षियों और पृथ्वी का ख्याल रखें, क्योंकि हमारे जीवन और पर्यावरण के बीच गहरा संबंध है।
पुष्पेंद्र जैन ने कहा कि प्रकृति को सहेजने का संदेश देने वाला पर्यावरण दिवस हमें अपनी जड़ों से जुड़ने का भी संदेश देता है। हम छोटी से छोटी कोशिशों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का हिस्सा बन सकते हैं। शिक्षक विशाल जैन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से ही प्रकृति संतुलित रहती है।
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ललितपुर। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर हुई परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में पर्यावरण बड़ा मुद्दा है, जिसके बारे में सभी को जागरूक होना अनिवार्य है। अहिंसा, करुणा, पर्यावरण संरक्षण, जीव दया को समर्पित संस्था करुणा इंटरनेशनल की परिचर्चा केंद्र के वरिष्ठ पदाधिकारी अक्षय अलया के संयोजन में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और जीवन का अटूट संबंध है। पर्यावरण बड़ा मुद्दा है, जिसके बारे में सभी को जागरूक होना अनिवार्य है। शिक्षाविद केपी पांडेय ने कहा कि हमें पर्यावरण को शुद्ध रखना है। हम अपने आसपास पेड़- पौधों को लगाकर उनकी देखभाल करें। शीलचंद्र शास्त्री ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के अंधाधुंध अनुकरण और मानव की स्वार्थ लिप्सा प्रवृत्ति ने प्रकृति के टुकड़े-टुकड़े कर डाले हैं, जिससे चारों ओर का पर्यावरण कराह रहा है। शिक्षक हरिशंकर सोनी ने कहा कि हम पेड़-पौधों को बचाएं, पशु पक्षियों और पृथ्वी का ख्याल रखें, क्योंकि हमारे जीवन और पर्यावरण के बीच गहरा संबंध है।
पुष्पेंद्र जैन ने कहा कि प्रकृति को सहेजने का संदेश देने वाला पर्यावरण दिवस हमें अपनी जड़ों से जुड़ने का भी संदेश देता है। हम छोटी से छोटी कोशिशों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का हिस्सा बन सकते हैं। शिक्षक विशाल जैन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से ही प्रकृति संतुलित रहती है।
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