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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पढ़ी गई मस्जिदों में जुमे की नमाज
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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पढ़ी गई मस्जिदों में जुमे की नमाज
ललितपुर। चार दिन पहले पेश इमाम द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के बाद परिजनों द्वारा समाज के ही तीन लोगों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे, इसके बाद शहर में तनाव की स्थिति बन गई थी। इसके मद्देनजर अब रमजान के महीने में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दिन एहतियातन पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई और जुमे की नमाज पढ़ने के दौरान मस्जिदों व चौराहों के आसपास सीआरपीएफ और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी प्रकार के तनाव से बचा जा सका।
चार दिन पूर्व शहर में अजीतापुरा मुहल्ला में मस्जिद में शहर के पेशइमाम द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद उनके परिजन द्वारा इस मामले में स्वजातीय तीन लोगों पर पेशइमाम को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे, जिस पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया था। लेकिन उसी दिन रात्रि में समाज के हजारों लोगों द्वारा उक्त मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर घंटाघर के प्रांगण में सड़क पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया था और आरोपियों के घर पर तोड़फोड़ की गई थी, जिससे शहर में तनाव की स्थिति बन गई थी। इसके बाद पुलिस प्रशासन को भीड़ को शांत कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसके बाद पुलिस द्वारा प्रदर्शन करने के मामले में चार नामजद समेत दो हजार अज्ञात लोगों पर मुकदमा लिखाया गया था। आरोपियों के घरों पर पथराव के मामले में भी पुलिस ने अठारह नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस घटना के तीन दिन बाद ही जुमे की नमाज पड़ने के चलते पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से शहर में उरई जालौन से भारी पुलिस बल मंगाया गया और सीआरपीएफ के जवानों को भी शुक्रवार को मस्जिदों में पढ़ी जाने वाली जुमे की नमाज केे समय तैनात किया गया। यही नहीं सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा संवेदनशील चौराहा व तिराहों पर भी भारी पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि फिर से शहर का माहौल खराब न हो और अमन चैन के साथ शांतिपूर्वक नमाज अदा की जा सके।
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ललितपुर। चार दिन पहले पेश इमाम द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के बाद परिजनों द्वारा समाज के ही तीन लोगों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे, इसके बाद शहर में तनाव की स्थिति बन गई थी। इसके मद्देनजर अब रमजान के महीने में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दिन एहतियातन पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई और जुमे की नमाज पढ़ने के दौरान मस्जिदों व चौराहों के आसपास सीआरपीएफ और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी प्रकार के तनाव से बचा जा सका।
चार दिन पूर्व शहर में अजीतापुरा मुहल्ला में मस्जिद में शहर के पेशइमाम द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद उनके परिजन द्वारा इस मामले में स्वजातीय तीन लोगों पर पेशइमाम को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे, जिस पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया था। लेकिन उसी दिन रात्रि में समाज के हजारों लोगों द्वारा उक्त मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर घंटाघर के प्रांगण में सड़क पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया था और आरोपियों के घर पर तोड़फोड़ की गई थी, जिससे शहर में तनाव की स्थिति बन गई थी। इसके बाद पुलिस प्रशासन को भीड़ को शांत कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसके बाद पुलिस द्वारा प्रदर्शन करने के मामले में चार नामजद समेत दो हजार अज्ञात लोगों पर मुकदमा लिखाया गया था। आरोपियों के घरों पर पथराव के मामले में भी पुलिस ने अठारह नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस घटना के तीन दिन बाद ही जुमे की नमाज पड़ने के चलते पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से शहर में उरई जालौन से भारी पुलिस बल मंगाया गया और सीआरपीएफ के जवानों को भी शुक्रवार को मस्जिदों में पढ़ी जाने वाली जुमे की नमाज केे समय तैनात किया गया। यही नहीं सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा संवेदनशील चौराहा व तिराहों पर भी भारी पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि फिर से शहर का माहौल खराब न हो और अमन चैन के साथ शांतिपूर्वक नमाज अदा की जा सके।
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