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स्वच्छ भारत मिशन को धता बता रहे शादीघर
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स्वच्छ भारत मिशन को धता बता रहे विवाहघर
ललितपुर। एक ओर जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को साफ सुथरा बनाने की कोशिश हो रही है, वहीं कुछ शादीघर पालिका की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। ऐसा ही कुछ नजारा सिविल लाइन के पास देखने को मिल रहा है। इसके बाद भी विवाहघर संचालक व प्रशासन बेपरवाह बना हुआ हैं।
आधुनिकता के दौर में शादीघरों में शादी का आयोजन कराने का क्रेज तेजी से बढ़ा है। जिसे ध्यान में रखकर लोगों ने गली मुहल्लों में शादीघर खोल लिए हैं। कई शादीघर तो विभागीय मानक भी पूरे नहीं करते हैं। न तो उनके पास वाहन पार्किंग की सुविधा है और न ही कचरा निस्तारण की व्यवस्था। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी शादीघर संचालकों पर नकेल कसने में नाकाम हो रहे हैं। इसका अनुचित फायदा उठाकर कई संचालक मनमानी पर उतर आए हैं। कइयों ने तो शादी समारोह के बचे जूठन को यहां-वहां फेंककर शादीघर को साफ-सुथरा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे शादीघरों के आसपास ही गंदगी नजर आ रही है। सोमवार को सिविल लाइन स्थित एक शादीघर के पास ऐसा ही नजारा रहा। शादीघर से चंदकदम दूरी पर खुले में जूठन पड़ा था, जिसे गोवंश खा रहे थेे। यही नहीं, प्लास्टिक कचरा यहां-वहां फैला था। जिससे दुर्गंध भी उठ रही थी। यह हाल एक शादीघर का नहीं है। अन्य शादीघरों के आसपास प्लास्टिक कचरा व जूठन फैला देखा जा सकता है। इससे नगर पालिका के स्वच्छता मिशन का पलीता लग रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी शहर के मुख्य रोड के आसपास की दुकानों के गंदगी पर चालान कर रहे हैं लेकिन शादीघर संचालकों के खिलाफ अब तक ऐसी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जिससे शहर के छोटे दुकानदार खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि नगर पालिका को बिना किसी भेदभाव के चालान काटने की कार्रवाई करना चाहिए, जिससे कि शहर को स्वच्छ बनाया जा सके।
एक सौ एक जोड़ों का होगा विवाह
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनांतर्गत नगर पालिका परिषद एक सौ एक जोड़ों की शादी कराएगी। इस संबंध में आज अधिशासी अधिकारी मधुसूदन जायसवाल ने स्वास्थ्य नायक एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि नौ फरवरी को शादी का कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने सभी से इसमें सहयोग करने का आह्वान किया।
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लाइसेंस होगा निरस्त
नगर पालिका परिषद शहर को स्वच्छ बनाने की भरसक कोशिश कर रही है। यदि शादीघर कचरा फैलाने का काम कर रहे हैं तो ऐसे शादीघरों को चिह्नित करते हुए संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उनका लाइसेंस निरस्त करने व पच्चीस हजार रुपये जुर्माना वसूलने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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ललितपुर। एक ओर जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को साफ सुथरा बनाने की कोशिश हो रही है, वहीं कुछ शादीघर पालिका की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। ऐसा ही कुछ नजारा सिविल लाइन के पास देखने को मिल रहा है। इसके बाद भी विवाहघर संचालक व प्रशासन बेपरवाह बना हुआ हैं।
आधुनिकता के दौर में शादीघरों में शादी का आयोजन कराने का क्रेज तेजी से बढ़ा है। जिसे ध्यान में रखकर लोगों ने गली मुहल्लों में शादीघर खोल लिए हैं। कई शादीघर तो विभागीय मानक भी पूरे नहीं करते हैं। न तो उनके पास वाहन पार्किंग की सुविधा है और न ही कचरा निस्तारण की व्यवस्था। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी शादीघर संचालकों पर नकेल कसने में नाकाम हो रहे हैं। इसका अनुचित फायदा उठाकर कई संचालक मनमानी पर उतर आए हैं। कइयों ने तो शादी समारोह के बचे जूठन को यहां-वहां फेंककर शादीघर को साफ-सुथरा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे शादीघरों के आसपास ही गंदगी नजर आ रही है। सोमवार को सिविल लाइन स्थित एक शादीघर के पास ऐसा ही नजारा रहा। शादीघर से चंदकदम दूरी पर खुले में जूठन पड़ा था, जिसे गोवंश खा रहे थेे। यही नहीं, प्लास्टिक कचरा यहां-वहां फैला था। जिससे दुर्गंध भी उठ रही थी। यह हाल एक शादीघर का नहीं है। अन्य शादीघरों के आसपास प्लास्टिक कचरा व जूठन फैला देखा जा सकता है। इससे नगर पालिका के स्वच्छता मिशन का पलीता लग रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी शहर के मुख्य रोड के आसपास की दुकानों के गंदगी पर चालान कर रहे हैं लेकिन शादीघर संचालकों के खिलाफ अब तक ऐसी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जिससे शहर के छोटे दुकानदार खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि नगर पालिका को बिना किसी भेदभाव के चालान काटने की कार्रवाई करना चाहिए, जिससे कि शहर को स्वच्छ बनाया जा सके।
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एक सौ एक जोड़ों का होगा विवाह
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनांतर्गत नगर पालिका परिषद एक सौ एक जोड़ों की शादी कराएगी। इस संबंध में आज अधिशासी अधिकारी मधुसूदन जायसवाल ने स्वास्थ्य नायक एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि नौ फरवरी को शादी का कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने सभी से इसमें सहयोग करने का आह्वान किया।
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लाइसेंस होगा निरस्त
नगर पालिका परिषद शहर को स्वच्छ बनाने की भरसक कोशिश कर रही है। यदि शादीघर कचरा फैलाने का काम कर रहे हैं तो ऐसे शादीघरों को चिह्नित करते हुए संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उनका लाइसेंस निरस्त करने व पच्चीस हजार रुपये जुर्माना वसूलने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद