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सैकड़ों गांव को रात-रात भर नहीं मिल रही बिजली
Updated Sun, 19 Nov 2017 01:30 AM IST
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सैकड़ों गांव को रात-रात भर नहीं मिल रही बिजली
ललितपुर।
रबी फसल की बुवाई के लिए सिंचाई के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था काफी दयनीय चल रही है। सभी ग्रामीण क्षेत्रों के फीडरों को सेक्शन में बांटकर 10-10 घंटे का रोस्टर तैयार कर दिन व रात में बिजली सप्लाई की जा रही है। रोस्टर, फाल्ट और ओवरलोड आदि के चलते सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रों को दिन या रात किसी एक पहर में ही छह से आठ घंटे बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। इससे जहां किसानों की सिंचाई बाधित हो रही है, वहीं अधिकांश गांव में रात में अंधेरा ही पसरा रहता है।
शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रबी की फसल के दौरान किसानों को खेतों की सिंचाई के दौरान 20 घंटे बिजली आपूर्ति देने के आदेश जारी किए गए हैं। लेकिन जनपद में चरमराई विद्युत व्यवस्था का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। वर्तमान रबी की फसल की बुवाई के दौरान किसानों द्वारा नहरों, तालाब, खेत, विद्युत नलकूप संयोजनों आदि के माध्यम से खेतों की सिंचाई का कार्य किया जा रहा है। लेकिन वर्तमान विद्युत नलकूप संयोजनों की मोटरें चलने की वजह से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोड की स्थिति बनी हुई है। विद्युत सब स्टेशनों पर स्थापित विभिन्न विद्युत फीडरों पर जहां सौ, 150 या दो सौ एंपियर तक का लोड चल रहा था, उन फीडरों की मशीनों पर यह लोड बढ़कर दो गुना से अधिक तक हो गया है, जबकि उन मशीनों की क्षमता 240 एंपियर से अधिक लोड लेने की नहीं है। ऐसे में विद्युत अधिकारियों द्वारा बाईपास, बिरधा, महरौनी, पाली, मड़ावरा के विद्युत सब स्टेशनों से निकले फीडरों की लाइनों को दो-दो सैक्शनों में बांटकर दस-दस घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर बनाया गया है, जिसमें उक्त फीडर के एक सैक्शन से जुड़ गांवों को यदि रात में बिजली दी जाती है उस फीडर के दूसरे सैक्शन से जुड़े गांव को दिन में बिजली दी जाती है। ऐसे में जनपद के सैकड़ों गांव को या तो दिन या फिर रात में ही बिजली मिल पाती है और इस दौरान भी लाइन में फाल्ट आ जाता है तो बिजली आपूर्ति का स्तर और भी कई घंटे कम हो जाता है। जिसके चलते सैकड़ों गांव में मात्र पांच से सात घंटे या फिर और भी कम बिजली आपूर्ति हो पा रही है। गत दिवस शुक्रवार को रोड़ा 132 केवी सब स्टेशन से निकलकर बाईपास विद्युत सब स्टेशन को जाने वाली एक 33 केवी लाइन का केबल बक्सा टीकमगढ़ रेल लाइन के पास बृहस्पतिवार की देर रात 1.40 बजे फट गया, जिसके चलते पूरे सब स्टेशन की बिजली रात भर गुल रही। जानकारी मिलने पर विद्युत अधिकारियों द्वारा शुक्रवार की सुबह होने पर केबल बक्सा जोड़ने का कार्य किया गया। जिसके बाद 13 घंटे बाद शुक्रवार को दोपहर 2.40 बजे सब स्टेशन की बिजली आपूर्ति सुचारु की जा सकी। इसके चलते करीब 105 ग्रामीण क्षेत्रों में गत दिवस अंधेरे में रहने के साथ ही खेतों की सिंचाई का कार्य भी बाधित रहा।
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ललितपुर।
रबी फसल की बुवाई के लिए सिंचाई के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था काफी दयनीय चल रही है। सभी ग्रामीण क्षेत्रों के फीडरों को सेक्शन में बांटकर 10-10 घंटे का रोस्टर तैयार कर दिन व रात में बिजली सप्लाई की जा रही है। रोस्टर, फाल्ट और ओवरलोड आदि के चलते सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रों को दिन या रात किसी एक पहर में ही छह से आठ घंटे बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। इससे जहां किसानों की सिंचाई बाधित हो रही है, वहीं अधिकांश गांव में रात में अंधेरा ही पसरा रहता है।
शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रबी की फसल के दौरान किसानों को खेतों की सिंचाई के दौरान 20 घंटे बिजली आपूर्ति देने के आदेश जारी किए गए हैं। लेकिन जनपद में चरमराई विद्युत व्यवस्था का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। वर्तमान रबी की फसल की बुवाई के दौरान किसानों द्वारा नहरों, तालाब, खेत, विद्युत नलकूप संयोजनों आदि के माध्यम से खेतों की सिंचाई का कार्य किया जा रहा है। लेकिन वर्तमान विद्युत नलकूप संयोजनों की मोटरें चलने की वजह से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोड की स्थिति बनी हुई है। विद्युत सब स्टेशनों पर स्थापित विभिन्न विद्युत फीडरों पर जहां सौ, 150 या दो सौ एंपियर तक का लोड चल रहा था, उन फीडरों की मशीनों पर यह लोड बढ़कर दो गुना से अधिक तक हो गया है, जबकि उन मशीनों की क्षमता 240 एंपियर से अधिक लोड लेने की नहीं है। ऐसे में विद्युत अधिकारियों द्वारा बाईपास, बिरधा, महरौनी, पाली, मड़ावरा के विद्युत सब स्टेशनों से निकले फीडरों की लाइनों को दो-दो सैक्शनों में बांटकर दस-दस घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर बनाया गया है, जिसमें उक्त फीडर के एक सैक्शन से जुड़ गांवों को यदि रात में बिजली दी जाती है उस फीडर के दूसरे सैक्शन से जुड़े गांव को दिन में बिजली दी जाती है। ऐसे में जनपद के सैकड़ों गांव को या तो दिन या फिर रात में ही बिजली मिल पाती है और इस दौरान भी लाइन में फाल्ट आ जाता है तो बिजली आपूर्ति का स्तर और भी कई घंटे कम हो जाता है। जिसके चलते सैकड़ों गांव में मात्र पांच से सात घंटे या फिर और भी कम बिजली आपूर्ति हो पा रही है। गत दिवस शुक्रवार को रोड़ा 132 केवी सब स्टेशन से निकलकर बाईपास विद्युत सब स्टेशन को जाने वाली एक 33 केवी लाइन का केबल बक्सा टीकमगढ़ रेल लाइन के पास बृहस्पतिवार की देर रात 1.40 बजे फट गया, जिसके चलते पूरे सब स्टेशन की बिजली रात भर गुल रही। जानकारी मिलने पर विद्युत अधिकारियों द्वारा शुक्रवार की सुबह होने पर केबल बक्सा जोड़ने का कार्य किया गया। जिसके बाद 13 घंटे बाद शुक्रवार को दोपहर 2.40 बजे सब स्टेशन की बिजली आपूर्ति सुचारु की जा सकी। इसके चलते करीब 105 ग्रामीण क्षेत्रों में गत दिवस अंधेरे में रहने के साथ ही खेतों की सिंचाई का कार्य भी बाधित रहा।
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