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दो घंटे अंधेरे में रहा जिला अस्पताल, जेनरेटर भी नहीं चला
Updated Thu, 14 Sep 2017 01:28 AM IST
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दो घंटे अंधेरे में रहा जिला अस्पताल, जेनरेटर भी नहीं चला
ललितपुर।
दो दिनों से हो रही एक घंटे की तेज बारिश से शहर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। यहां तक कि मंगलवार को जिला अस्पताल में दो घंटे तक अंधेरा पसरा रहा। इमर्जेंसी समेत अन्य वार्डों में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। आधा शहर कई घंटे तक अंधेरे में रहा। देर रात तक पूरे शहर की बिजली सुचारु हो सकी। वहीं, बुधवार को बिजली तड़कने से मुख्य बाजार घंटाघर के पास रखा एक ट्रांसफार्मर भी फुंक गया, जिससे बाजार में रात तक अंधेरा पसरा रहा।
शहर में हो रही बारिश से जहां उमस से लोगों को राहत मिली है, वहीं बारिश होने के चलते जगह-जगह पेड़ गिरने, विद्युत तारों पर पेड़ों की टहनियां गिरने और इंसुलेटर खराब होने आदि के कारण शहर की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। हर आधे घंटे में बिजली का आना जाना लगा रहा। मंगलवार की शाम करीब छह बजे जिला अस्पताल के स्वतंत्र फीडर वाली 33 केवी विद्युत लाइन में फाल्ट आने से एक इंसुलेटर बर्स्ट हो गया। इससे जिला अस्पताल की बिजली ठप हो गई। वहीं, जिला अस्पताल में रखा जेनरेटर भी धोखा दे गया और यहां भर्ती मरीजों को उमस भरी गर्मी एवं अंधेरे में परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी मिलने पर विद्युत कर्मचारियों की टीम ने इंसुलेटर बदलकर दो घंटे बाद मंगलवार की रात करीब आठ बजे जिला अस्पताल की विद्युत आपूर्ति सुचारु कराई। तब तक पूरे जिला अस्पताल में अंधेरा पसरा गया। यहां तक इमर्जेंसी वार्ड और अन्य वार्डों में विद्युत गुल होने से मरीजों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। वहीं, कुछ चिकित्सालय कर्मचारियों मोबाइल टार्च में मरीजों का इलाज किया गया। इससे यहां की अव्यवस्थाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके साथ ही शहर के अन्य फीडर नंबर एक, तीन, चार और पिसनारी की बिजली आपूर्ति भी रात करीब नौ बजे के बाद पूरी तरह से सुचारु की जा सकी। इसके बाद अगले दिन बुधवार को भी दोपहर में बारिश होने के कई फीडर कुछ समय के लिए बंद पड़ गए, जबकि शाम करीब साढ़े तीन बजे घंटाघर स्थित मुख्य बाजार, महावीरपुरा, सुभाष मार्केट, सुभाषपुरा, कटराबाजार, रावरपुरा को बिजली आपूर्ति करने वाला एक चार सौ केवीए का ट्रांसफार्मर आकाशीय बिजली तड़कने के चलते अचानक जोरदार आवाज के साथ फुंक गया। विद्युत अधिकारियों को जानकारी मिलने पर पहले तो ट्रांसफार्मर को सुधारने का प्रयास किया गया, बाद में उक्त ट्रांसफार्मर में सुधार नहीं होने पर बदलने का निर्णय लिया गया और शाम पांच बजे दूसरा नया ट्रांसफार्मर रखकर शाम को बिजली आपूर्ति सुचारु की गई। वहीं नगर के मुहल्ला लक्ष्मीपुरा में भी बारिश के दौरान करीब सवा तीन बजे गुरुद्वारा के पास रखा एक 250 केवीए का ट्रांसफार्मर भी तेज आवाज के साथ फुंक गया, जो रात आठ बजे तक नहीं बदला जा सका। हालांकि बाद में अधिकारियों द्वारा यहां इमर्जेंसी ट्रांसफार्मर ट्रॉली लगाने का निर्णय लिया, जो देर रात तक बदलने की उम्मीद जताई गई थी।
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ललितपुर।
दो दिनों से हो रही एक घंटे की तेज बारिश से शहर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। यहां तक कि मंगलवार को जिला अस्पताल में दो घंटे तक अंधेरा पसरा रहा। इमर्जेंसी समेत अन्य वार्डों में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। आधा शहर कई घंटे तक अंधेरे में रहा। देर रात तक पूरे शहर की बिजली सुचारु हो सकी। वहीं, बुधवार को बिजली तड़कने से मुख्य बाजार घंटाघर के पास रखा एक ट्रांसफार्मर भी फुंक गया, जिससे बाजार में रात तक अंधेरा पसरा रहा।
शहर में हो रही बारिश से जहां उमस से लोगों को राहत मिली है, वहीं बारिश होने के चलते जगह-जगह पेड़ गिरने, विद्युत तारों पर पेड़ों की टहनियां गिरने और इंसुलेटर खराब होने आदि के कारण शहर की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। हर आधे घंटे में बिजली का आना जाना लगा रहा। मंगलवार की शाम करीब छह बजे जिला अस्पताल के स्वतंत्र फीडर वाली 33 केवी विद्युत लाइन में फाल्ट आने से एक इंसुलेटर बर्स्ट हो गया। इससे जिला अस्पताल की बिजली ठप हो गई। वहीं, जिला अस्पताल में रखा जेनरेटर भी धोखा दे गया और यहां भर्ती मरीजों को उमस भरी गर्मी एवं अंधेरे में परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी मिलने पर विद्युत कर्मचारियों की टीम ने इंसुलेटर बदलकर दो घंटे बाद मंगलवार की रात करीब आठ बजे जिला अस्पताल की विद्युत आपूर्ति सुचारु कराई। तब तक पूरे जिला अस्पताल में अंधेरा पसरा गया। यहां तक इमर्जेंसी वार्ड और अन्य वार्डों में विद्युत गुल होने से मरीजों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। वहीं, कुछ चिकित्सालय कर्मचारियों मोबाइल टार्च में मरीजों का इलाज किया गया। इससे यहां की अव्यवस्थाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके साथ ही शहर के अन्य फीडर नंबर एक, तीन, चार और पिसनारी की बिजली आपूर्ति भी रात करीब नौ बजे के बाद पूरी तरह से सुचारु की जा सकी। इसके बाद अगले दिन बुधवार को भी दोपहर में बारिश होने के कई फीडर कुछ समय के लिए बंद पड़ गए, जबकि शाम करीब साढ़े तीन बजे घंटाघर स्थित मुख्य बाजार, महावीरपुरा, सुभाष मार्केट, सुभाषपुरा, कटराबाजार, रावरपुरा को बिजली आपूर्ति करने वाला एक चार सौ केवीए का ट्रांसफार्मर आकाशीय बिजली तड़कने के चलते अचानक जोरदार आवाज के साथ फुंक गया। विद्युत अधिकारियों को जानकारी मिलने पर पहले तो ट्रांसफार्मर को सुधारने का प्रयास किया गया, बाद में उक्त ट्रांसफार्मर में सुधार नहीं होने पर बदलने का निर्णय लिया गया और शाम पांच बजे दूसरा नया ट्रांसफार्मर रखकर शाम को बिजली आपूर्ति सुचारु की गई। वहीं नगर के मुहल्ला लक्ष्मीपुरा में भी बारिश के दौरान करीब सवा तीन बजे गुरुद्वारा के पास रखा एक 250 केवीए का ट्रांसफार्मर भी तेज आवाज के साथ फुंक गया, जो रात आठ बजे तक नहीं बदला जा सका। हालांकि बाद में अधिकारियों द्वारा यहां इमर्जेंसी ट्रांसफार्मर ट्रॉली लगाने का निर्णय लिया, जो देर रात तक बदलने की उम्मीद जताई गई थी।
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