{"_id":"5c1fe8adbdec2257114a8df9","slug":"141545595053-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान संगठनों ने किया किसान सम्मान समारोह का बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान संगठनों ने किया किसान सम्मान समारोह का बहिष्कार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान सम्मान समारोह का किया बहिष्कार
संगठनों ने विभाग पर लगाए किसानों की उपेक्षा के आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कृषि विभाग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग और पशुपालन विभाग द्वारा रविवार को कंपनी बाग में आयोजित किए जाने वाले किसान सम्मान समारोह में किसानों की उपेक्षा के चलते किसान संगठनों ने सम्मान समारोह कार्यक्रम का बहिष्कार किया। किसान संगठनों ने यह दिवस किसानों की समस्याओं का दिन अन्य कार्यक्रमों को महत्व देने का आरोप लगाया।
पूर्व प्रधानमंत्री और किसान नेता चौधरी चरण सिंह की जयंती पर कंपनी बाग में रविवार को किसान सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें जनपद के किसान संगठन भी पहुंचे थे, लेकिन यहां किसानों को कम महत्व देने का आरोप लगाते हुए संगठनों ने आपत्ति जताई है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष मधुसूदन त्रिपाठी ने बताया कि 23 दिसंबर को चौधरी चरण सिंह की जयंती पर किसान सम्मान समारोह मनाया जाता है। इसका प्रायोजन कृषि विभाग द्वारा कंपनी बाग में रखा गया था। इसकी सूक्ष्म सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित की गई। इसके बावजूद महरौनी, जाखलौन, तालबेहट और अन्य जगहों के किसान सुबह 11 बजे कंपनी बाग पहुंचे। लेकिन कार्यक्रम एक घंटा विलंब से शुरू हुआ और चौधरी चरण सिंह के जन्मदिवस कार्यक्रम के पहले अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनका किसान सम्मान समारोह से कोई संबंध नहीं था। यह देखकर किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया और भारतीय किसान संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष केहर सिंह बुुंदेला, जिलाध्यक्ष मधुुसूदन त्रिपाठी, बाबूलाल दुबे, नवनीत शर्मा और अन्य किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस सम्मान समारोह का बहिष्कार किया। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों व सदस्यों ने किसान सम्मान समारोह में किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए समारोह का बहिष्कार करते हुए डीएम को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि सरकार द्वारा किसान सम्मान दिवस में किसानों के अच्छे उत्पादन के लिए सम्मान दिया जाता है और चौधरी चरण सिंह जयंती का यह दिन किसानों की समस्याओं का दिन माना जाता है। लेकिन आज किसानों के सभी संगठनों के किसान प्रतिनिधि कंपनी बाग पहुंचे, लेकिन यहां पर किसान सम्मान दिवस के अलावा अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में किसान सम्मान समारोह गायब हो गया। यह देखकर किसान नेताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया। जिसमें भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष रंजी सिंह यादव ने अपने संगठन के सभी पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रम का बहिष्कार किया। उनके साथ ही भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी केहर सिंह बुंदेला के नेतृत्व में समारोह का बहिष्कार किया गया, जिसमें किसान यूनियन (टिकैत) के अध्यक्ष राजपाल यादव, पहाड़ सिंह यादव, शब्बीर खां मंसूरी आदि विभिन्न पदाधिकारियों ने चौधरी चरण सिंह को नमन करते हुए सम्मान समारोह का बहिष्कार किया। इनके साथ ही मलखान सिंह यादव और केहर सिंह यादव भी शामिल रहे।
विज्ञापन
संगठनों ने विभाग पर लगाए किसानों की उपेक्षा के आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कृषि विभाग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग और पशुपालन विभाग द्वारा रविवार को कंपनी बाग में आयोजित किए जाने वाले किसान सम्मान समारोह में किसानों की उपेक्षा के चलते किसान संगठनों ने सम्मान समारोह कार्यक्रम का बहिष्कार किया। किसान संगठनों ने यह दिवस किसानों की समस्याओं का दिन अन्य कार्यक्रमों को महत्व देने का आरोप लगाया।
पूर्व प्रधानमंत्री और किसान नेता चौधरी चरण सिंह की जयंती पर कंपनी बाग में रविवार को किसान सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें जनपद के किसान संगठन भी पहुंचे थे, लेकिन यहां किसानों को कम महत्व देने का आरोप लगाते हुए संगठनों ने आपत्ति जताई है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष मधुसूदन त्रिपाठी ने बताया कि 23 दिसंबर को चौधरी चरण सिंह की जयंती पर किसान सम्मान समारोह मनाया जाता है। इसका प्रायोजन कृषि विभाग द्वारा कंपनी बाग में रखा गया था। इसकी सूक्ष्म सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित की गई। इसके बावजूद महरौनी, जाखलौन, तालबेहट और अन्य जगहों के किसान सुबह 11 बजे कंपनी बाग पहुंचे। लेकिन कार्यक्रम एक घंटा विलंब से शुरू हुआ और चौधरी चरण सिंह के जन्मदिवस कार्यक्रम के पहले अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनका किसान सम्मान समारोह से कोई संबंध नहीं था। यह देखकर किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया और भारतीय किसान संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष केहर सिंह बुुंदेला, जिलाध्यक्ष मधुुसूदन त्रिपाठी, बाबूलाल दुबे, नवनीत शर्मा और अन्य किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस सम्मान समारोह का बहिष्कार किया। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों व सदस्यों ने किसान सम्मान समारोह में किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए समारोह का बहिष्कार करते हुए डीएम को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि सरकार द्वारा किसान सम्मान दिवस में किसानों के अच्छे उत्पादन के लिए सम्मान दिया जाता है और चौधरी चरण सिंह जयंती का यह दिन किसानों की समस्याओं का दिन माना जाता है। लेकिन आज किसानों के सभी संगठनों के किसान प्रतिनिधि कंपनी बाग पहुंचे, लेकिन यहां पर किसान सम्मान दिवस के अलावा अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में किसान सम्मान समारोह गायब हो गया। यह देखकर किसान नेताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया। जिसमें भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष रंजी सिंह यादव ने अपने संगठन के सभी पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रम का बहिष्कार किया। उनके साथ ही भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी केहर सिंह बुंदेला के नेतृत्व में समारोह का बहिष्कार किया गया, जिसमें किसान यूनियन (टिकैत) के अध्यक्ष राजपाल यादव, पहाड़ सिंह यादव, शब्बीर खां मंसूरी आदि विभिन्न पदाधिकारियों ने चौधरी चरण सिंह को नमन करते हुए सम्मान समारोह का बहिष्कार किया। इनके साथ ही मलखान सिंह यादव और केहर सिंह यादव भी शामिल रहे।
विज्ञापन