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घास मारने में उपयोगी नहीं निकली कीटनाशक
Updated Tue, 25 Jul 2017 01:26 AM IST
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कीटनाशक से नष्ट नहीं हुआ खरपतवार
ललितपुर। उड़द व मूंग की फसल में खपतवार व घास नष्ट करने के लिए किसानों को किसान सेवा सहकारी समिति द्वारा दी गई कीटनाशक दवा का कोई असर नहीं होने पर बुंदेलखंड किसान यूनियन के तत्वावधान में किसानों ने जिलाधिकारी से कीटनाशक की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया गया कि खेतों में उड़द की फसल के बीच में उग आई घास व खरपतवार मारने के लिए रासायनिक दवाओं का प्रयोग किया जाता है, जिससे उड़द के बीच का खरपतवार व घास मर जाता है, लेकिन इस वर्ष किसानों को नकली दवाइयां देने का आरोप लगाया गया है। उक्त दवाओं के प्रयोग से खरपतवार नष्ट नहीं हुआ है और किसानों का पैसा बर्बाद हो गया है। किसानों का खेतों में दवा डालना जरुरी है, ताकि उड़द की फसल को नुकसान नहीं पहुंचे। बुंदेलखंड किसान यूनियन ने जिलाधिकारी से कीटनाशक विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई और लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कार्रवाई न होने की दशा में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष विश्वनाथ यादव, बाबूलाल, रामप्रकाश, नरेश कुमार पाठक, खुशीलाल कुशवाहा, रामेश्वर, भगवत, ऊदल, दीपक आदि के हस्ताक्षर हैं।
वहीं थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम दावनी निवासी सुख सिंह उर्फ रुप सिंह ने किसान सेवा समिति एवं एग्रोपेक यूनिट पनौली को अधिवक्ता के माध्यम से एक नोटिस भेजा है। इसमें बताया गया है कि उड़द की फसल के दौरान खेतों में उग आई घास को नष्ट करने के लिए किसान सेवा समिति के माध्यम से ली थी। कीटनाशक के डिब्बों में बताई विधि के अनुसार घोल तैयार कर उन्होंने अपने खेत में उड़द की फसल में उगे चारों को समाप्त करने के लिए 10 जुलाई और 12 जुलाई को छिड़काव किया था। लेकिन, घास खत्म होना तो दूर कोई फर्क तक नहीं पड़ा। यह देख गत दिवस 21 जुलाई को जब वह बाकी बची हुई सात लीटर दवा वापस करने आए जो किसान सेवा समिति के अधिकारी द्वारा दवा रख ली, लेकिन दवा की राशि मांगने पर उन्होंने उक्त राशि दवा कंपनी से आने की बात कहकर लौटा दिया है। साथ ही जब वह दोबारा 24 जुलाई को समिति में गया तो दवा की कीमत भी नहीं दी और दवा भी लौटा दी है। पीड़ित ने उक्त दवा के काम नहीं करने के कारण उसे दो लाख रुपए की क्षति होने की बात कही है। नोटिस में बताया गया है कि यदि समिति व दवा कंपनी द्वारा नोटिस प्राप्ति के सात दिन के अंदर उनके पक्षकार को दवा की कीमत 20 हजार 400 रुपए और दवा छिड़काव में हुए व्यय दस हजार रुपए अदा कर दे, अन्यथा की स्थिति में वह पक्षकार की ओर से न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।
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फोटो-
कैप्सन-वीरेंद्र झा।
दवा से घास नष्ट नहीं हुई
15 दिन पहले किसान सेवा समिति से दवा ली थी, जिसका छिड़काव डिब्बे में लिखी विधि के अनुसार किया, लेकिन घास व खरपतवार नहीं मरी, जिससे उसके खेतों में खड़ी उड़द की फसल नष्ट हो रही है। किसान समिति द्वारा अब दवा वापस नहीं ली जा रही है।
-वीरेंद्र झा, ग्राम रौंड़ा।
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फोटो-
कैप्सन-मुन्नालाल लोधी।
24 लीटर कीटनाशक दवा नहीं आई काम
ललितपुर। इसी माह बीस दिन पूर्व किसान सेवा समिति के माध्यम से घास मारने वाली 24 लीटर कीटनाशक दवा ली थी, लेकिन यह दवा नकली निकली और खरपतवार नष्ट नहीं कर सकी। अब समिति द्वारा दवा वापस नहीं ली जा रही है। एक कीटनाशक डिब्बा साढ़े आठ सौ रुपये का आता है। ऐसे में उसे बीस हजार रुपए का नुकसान हुआ है।
मुन्नालाल लोधी, ग्राम बम्हौरीकलां।
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फोटो-
कैप्सन-राजेश कुमार।
शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
ललितपुर। खेतों में कीटनाशक दवा काम नहीं करने की शिकायत किसान सेवा समिति के अधिकारियों से की है, लेकिन दवा वापस नहीं की जा रही है और न ही रुपया वापस किया जा रहा है। कीटनाशक नकली होने की संभावना है। ऐसे में उसे काफी नुकसान हुआ है।
राजेश कुमार, बम्हौरीकलां।
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फोटो
कैप्सन-अरविंद कुमार रैकवार।
जांच कराई जाए
ललितपुर। उड़द और मूंग की फसल की पैदावार अच्छी करने के लिए खेतों में उग आई खरपतवार समाप्त करने के लिए दवा ली थी। लेकिन, इस दवा का घास व खरपतवार पर कोई असर नहीं हो रहा है। इसीलिए वापस करने समिति के अधिकारियों के पास आए हैं और उच्चाधिकारियों से दवा नकली होने की जांच कराई जाए।
अरविंद कुमार रैकवार, बम्हौरीकलां।
ललितपुर। उड़द व मूंग की फसल में खपतवार व घास नष्ट करने के लिए किसानों को किसान सेवा सहकारी समिति द्वारा दी गई कीटनाशक दवा का कोई असर नहीं होने पर बुंदेलखंड किसान यूनियन के तत्वावधान में किसानों ने जिलाधिकारी से कीटनाशक की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया गया कि खेतों में उड़द की फसल के बीच में उग आई घास व खरपतवार मारने के लिए रासायनिक दवाओं का प्रयोग किया जाता है, जिससे उड़द के बीच का खरपतवार व घास मर जाता है, लेकिन इस वर्ष किसानों को नकली दवाइयां देने का आरोप लगाया गया है। उक्त दवाओं के प्रयोग से खरपतवार नष्ट नहीं हुआ है और किसानों का पैसा बर्बाद हो गया है। किसानों का खेतों में दवा डालना जरुरी है, ताकि उड़द की फसल को नुकसान नहीं पहुंचे। बुंदेलखंड किसान यूनियन ने जिलाधिकारी से कीटनाशक विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई और लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कार्रवाई न होने की दशा में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष विश्वनाथ यादव, बाबूलाल, रामप्रकाश, नरेश कुमार पाठक, खुशीलाल कुशवाहा, रामेश्वर, भगवत, ऊदल, दीपक आदि के हस्ताक्षर हैं।
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वहीं थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम दावनी निवासी सुख सिंह उर्फ रुप सिंह ने किसान सेवा समिति एवं एग्रोपेक यूनिट पनौली को अधिवक्ता के माध्यम से एक नोटिस भेजा है। इसमें बताया गया है कि उड़द की फसल के दौरान खेतों में उग आई घास को नष्ट करने के लिए किसान सेवा समिति के माध्यम से ली थी। कीटनाशक के डिब्बों में बताई विधि के अनुसार घोल तैयार कर उन्होंने अपने खेत में उड़द की फसल में उगे चारों को समाप्त करने के लिए 10 जुलाई और 12 जुलाई को छिड़काव किया था। लेकिन, घास खत्म होना तो दूर कोई फर्क तक नहीं पड़ा। यह देख गत दिवस 21 जुलाई को जब वह बाकी बची हुई सात लीटर दवा वापस करने आए जो किसान सेवा समिति के अधिकारी द्वारा दवा रख ली, लेकिन दवा की राशि मांगने पर उन्होंने उक्त राशि दवा कंपनी से आने की बात कहकर लौटा दिया है। साथ ही जब वह दोबारा 24 जुलाई को समिति में गया तो दवा की कीमत भी नहीं दी और दवा भी लौटा दी है। पीड़ित ने उक्त दवा के काम नहीं करने के कारण उसे दो लाख रुपए की क्षति होने की बात कही है। नोटिस में बताया गया है कि यदि समिति व दवा कंपनी द्वारा नोटिस प्राप्ति के सात दिन के अंदर उनके पक्षकार को दवा की कीमत 20 हजार 400 रुपए और दवा छिड़काव में हुए व्यय दस हजार रुपए अदा कर दे, अन्यथा की स्थिति में वह पक्षकार की ओर से न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।
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कैप्सन-वीरेंद्र झा।
दवा से घास नष्ट नहीं हुई
15 दिन पहले किसान सेवा समिति से दवा ली थी, जिसका छिड़काव डिब्बे में लिखी विधि के अनुसार किया, लेकिन घास व खरपतवार नहीं मरी, जिससे उसके खेतों में खड़ी उड़द की फसल नष्ट हो रही है। किसान समिति द्वारा अब दवा वापस नहीं ली जा रही है।
-वीरेंद्र झा, ग्राम रौंड़ा।
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कैप्सन-मुन्नालाल लोधी।
24 लीटर कीटनाशक दवा नहीं आई काम
ललितपुर। इसी माह बीस दिन पूर्व किसान सेवा समिति के माध्यम से घास मारने वाली 24 लीटर कीटनाशक दवा ली थी, लेकिन यह दवा नकली निकली और खरपतवार नष्ट नहीं कर सकी। अब समिति द्वारा दवा वापस नहीं ली जा रही है। एक कीटनाशक डिब्बा साढ़े आठ सौ रुपये का आता है। ऐसे में उसे बीस हजार रुपए का नुकसान हुआ है।
मुन्नालाल लोधी, ग्राम बम्हौरीकलां।
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कैप्सन-राजेश कुमार।
शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
ललितपुर। खेतों में कीटनाशक दवा काम नहीं करने की शिकायत किसान सेवा समिति के अधिकारियों से की है, लेकिन दवा वापस नहीं की जा रही है और न ही रुपया वापस किया जा रहा है। कीटनाशक नकली होने की संभावना है। ऐसे में उसे काफी नुकसान हुआ है।
राजेश कुमार, बम्हौरीकलां।
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कैप्सन-अरविंद कुमार रैकवार।
जांच कराई जाए
ललितपुर। उड़द और मूंग की फसल की पैदावार अच्छी करने के लिए खेतों में उग आई खरपतवार समाप्त करने के लिए दवा ली थी। लेकिन, इस दवा का घास व खरपतवार पर कोई असर नहीं हो रहा है। इसीलिए वापस करने समिति के अधिकारियों के पास आए हैं और उच्चाधिकारियों से दवा नकली होने की जांच कराई जाए।
अरविंद कुमार रैकवार, बम्हौरीकलां।