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उर्स कमेटी के मामले में सियासत शुरू, राजनैतिक दल सेंक रहे रोटियां
Updated Sat, 20 Jan 2018 01:53 AM IST
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उर्स कमेटी के मामले में सियासत शुरू
ललितपुर। उर्स कमेटी के पदाधिकारियों पर एंटी भूमाफिया की कार्रवाई और दुकानों को राजसात किए जाने पर सियासत शुरू हो गई है। सबसे पहले समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने डीएम को ज्ञापन दिया है। इसके बाद तो ज्ञापन बाजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी मामले में अब बहुजन समाज पार्टी ने भी डीएम को ज्ञापन दिया है।
बता दें कि बीते दिनों जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने भूखंड संख्या 518 के मामले में कार्रवाई करते हुए उर्स कमेटी के पदाधिकारियों पर एंटी भूमाफिया की कार्रवाई करते हुए दुकानों व मदरसा को राजसात किया है। इस मामले में पहले समाजवादी पार्टी संग विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन दिया। इसके पश्चात पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य की अगुवाई में ज्ञापन डीएम को दिया गया। अब बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष कैलाश नारायण कुशवाहा के नेतृत्व में डीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया कि मजार की चारदीवारी का निर्माण बुंदेलखंड विकास निधि से कराया गया है। दुकानों का निर्माण व मदरसा का निर्माण चारदीवारी के अंदर किया गया है। इसके बाद भी एंटी भूमाफिया की कार्रवाई उर्स पदाधिकारियों पर की गई। ज्ञापन पर संतोष कुमार कुशवाहा, राहुल, मोहनलाल रायकरवार, मास्टर मलखान सिंह, धर्मेंद्र कुमार, मोहित सोनी आदि के हस्ताक्षर हैं। उधर, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी कानून में विश्वास करती है, इसलिए प्रशासन के कार्य में दखल नहीं देगी।
उर्स कमेटी मामले में नागरिक चुप
उर्स कमेटी के मामले में जहां पार्टियों ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना शुरू कर दी है। वहीं, शहरवासी इस पूरे मामले में चुप हैं। इसके कारण उर्स कमेटी के साथ खड़े हो रहे नेताओं में बैचेनी देखी जा रही है।
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ललितपुर। उर्स कमेटी के पदाधिकारियों पर एंटी भूमाफिया की कार्रवाई और दुकानों को राजसात किए जाने पर सियासत शुरू हो गई है। सबसे पहले समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने डीएम को ज्ञापन दिया है। इसके बाद तो ज्ञापन बाजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी मामले में अब बहुजन समाज पार्टी ने भी डीएम को ज्ञापन दिया है।
बता दें कि बीते दिनों जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने भूखंड संख्या 518 के मामले में कार्रवाई करते हुए उर्स कमेटी के पदाधिकारियों पर एंटी भूमाफिया की कार्रवाई करते हुए दुकानों व मदरसा को राजसात किया है। इस मामले में पहले समाजवादी पार्टी संग विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन दिया। इसके पश्चात पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य की अगुवाई में ज्ञापन डीएम को दिया गया। अब बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष कैलाश नारायण कुशवाहा के नेतृत्व में डीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया कि मजार की चारदीवारी का निर्माण बुंदेलखंड विकास निधि से कराया गया है। दुकानों का निर्माण व मदरसा का निर्माण चारदीवारी के अंदर किया गया है। इसके बाद भी एंटी भूमाफिया की कार्रवाई उर्स पदाधिकारियों पर की गई। ज्ञापन पर संतोष कुमार कुशवाहा, राहुल, मोहनलाल रायकरवार, मास्टर मलखान सिंह, धर्मेंद्र कुमार, मोहित सोनी आदि के हस्ताक्षर हैं। उधर, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी कानून में विश्वास करती है, इसलिए प्रशासन के कार्य में दखल नहीं देगी।
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उर्स कमेटी मामले में नागरिक चुप
उर्स कमेटी के मामले में जहां पार्टियों ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना शुरू कर दी है। वहीं, शहरवासी इस पूरे मामले में चुप हैं। इसके कारण उर्स कमेटी के साथ खड़े हो रहे नेताओं में बैचेनी देखी जा रही है।
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