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कार्यशाला में पेयजल योजनाओं के विस्तार पर हुई चर्चा

Fri, 21 Dec 2018 02:28 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 21 Dec 2018 02:28 AM IST
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कार्यशाला में पेयजल योजनाओं के विस्तार पर हुई चर्चा
कार्यशाला में पेयजल योजनाओं के विस्तार पर हुई चर्चा
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। विकास भवन सभागार में राज्य पेयजल और स्वच्छता मिशन के तहत समुदाय आधारित पाइप पेयजल योजनाओं के संचालन और अनुरक्षण पर आयोजित कार्यशाला में ग्रामीण पेयजल योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

डीएम मानवेंद्र सिंह, सीडीओ शिवनारायण और जिला विकास अधिकारी विद्यानाथ शुक्ल ने किया। इस दौरान बताया गया कि प्रत्येक घर तक पाईप द्वारा शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना ही इन योजनाओं का उद्देश्य है। यह योजना पूरी तरह समुदाय की देखरेख में बनाई जाती है, इसके रखरखाव की जिम्मेदारी समुदाय की ही होती है। योजना के क्रियान्वयन के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा, जो योजना के संबंध में लोगों को जागरूक करेगी। साथ ही ग्राम पंचायत से तालमेल बैठाकर विकास से संबंधित अन्य जानकारी लोगों को उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा समिति को सार्वजनिक स्वच्छता, पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण जैसे विषयों पर जागरूकता पैदा करने का जिम्मा सौंपा गया है। कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से पेयजल संरक्षण एवं पाईप पेयजल योजनाओं पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। इसमें बताया गया कि पाईप पेयजल योजना समुदाय द्वारा संचालित की जाती है। इसके रखरखाव का जिम्मा पेयजल उपयोग करने वाले समुदाय के ही हाथों में होता है। योजना संचालन के लिए एक मोटर ऑपरेटर एवं प्लम्बर को मानदेय पर रखा जाता है, साथ ही रखरखाव के लिए सामान भी खरीदना होता है। उपभोक्ता शुल्क का उपयोग योजना संचालन के लिए मोटर ऑपरेटर का मानदेय और बिजली बिल का भुगतान करने में होता है। रखरखाव के लिए गठित समिति आम सहमति से कुछ न्यूनतम उपभोक्ता शुल्क मासिक तौर पर जमा कराएगी। इस खर्चे का पूरा हिसाब हर माह समूह को दिखाया जाता है। इस योजना के लिए प्रत्येक घर में शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए भूमिगत जल का उपयोग किया जाता है। भूमिगत जल को नलकूप/बोरिंग एवं पंपसेट के द्वारा निकाला जाता है। साथ ही जानकारी दी गई कि धरती पर हमारे इस्तेमाल लायक पानी बहुत कम है और लगातार अधिक मात्रा में बिना जरूरत के पानी बर्बाद करने से आगे चलकर भूमिगत पानी भी उपलब्ध नहीं हो पाएगा। इसलिए इस योजना के तहत पानी की उपलब्धता जितनी जरूरत होगी, उतनी ही करायी जाएगी। डीएम मानवेंद्र सिंह ने कहा कि ललितपुर में ग्रामीण पेयजल की स्थिति अच्छी नहीं है। सरकारी धन को अपना समझ कर खर्च करें। जिन योजनाओं पर काम कर रहें हैं, उनके परिणाम भी अच्छे आयें इसका भी ध्यान रखने की आवश्यकता है। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला विकास अधिकारी विद्यानाथ शुक्ल, जिला परियोजना प्रबंधक, नीर निरमल परियोजना, सोनभद्र विपिन कुमार सिंह, जिला परियोजना प्रबंधक, नीर निरमल परियोजना, प्रयागराज आशुतोष शुक्ला, अधिशासी अभियंता जल निगम सुलेमान खान, परियोजना प्रबंधक जल निगम प्रवीण कुट्टी, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चंद्र राय, ग्राम प्रधान एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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