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ड्रेस वितरण में गड़बड़ी के मामले में बीएसए पर गिरी गाज
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:20 AM IST
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ड्रेस वितरण में गड़बड़ी पर बीएसए निलंबित
ललितपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्राइवेट लोगों के माध्यम से स्कूलों में ड्रेस वितरण कराना महंगा पड़ गया है। शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए बीएसए को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच संयुक्त शिक्षा निदेशक वाराणसी को सौंपी गई है।
आरोप है कि ड्रेस वितरण में भारी अनियमितताएं बरती गईं हैं। कुछ विद्यालयों में प्राइवेट व्यक्तियों ने यूनिफार्म की सीधी आपूर्ति कर दी। इसी तरह जिले में आपूर्ति होने के बाद भी पुस्तकों को विद्यालयों तक नहीं पहुंचाया गया। यह आरोप डीएम मानवेंद्र सिंह के निरीक्षण में पुष्ट हुए हैं। यही नहीं, पुस्तक आपूर्ति का भुगतान प्रकाशकों को नहीं किया गया। पूर्व में परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में अनियमित/नियम विरुद्ध/फर्जी रूप से की गई नियुक्तियों की जांच चल रही है। इसके दस्तावेज अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित समिति को न तो सहयोग किया और न ही पत्रावली उपलब्ध कराई गई। इस पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने बीएसए के खिलाफ शासन को पत्र लिखा। शासन ने प्रथम दृष्टया ये आरोप मानते हुए बीएसए मायाराम को निलंबित कर दिया गया है। इन आरोपों की जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक वाराणसी मंडल वाराणसी को पदेन जांच अधिकारी नामित किया गया है। बीएसए पर कार्रवाई होने से शिक्षा महकमे में खलबली मची हुई है।
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ललितपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्राइवेट लोगों के माध्यम से स्कूलों में ड्रेस वितरण कराना महंगा पड़ गया है। शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए बीएसए को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच संयुक्त शिक्षा निदेशक वाराणसी को सौंपी गई है।
आरोप है कि ड्रेस वितरण में भारी अनियमितताएं बरती गईं हैं। कुछ विद्यालयों में प्राइवेट व्यक्तियों ने यूनिफार्म की सीधी आपूर्ति कर दी। इसी तरह जिले में आपूर्ति होने के बाद भी पुस्तकों को विद्यालयों तक नहीं पहुंचाया गया। यह आरोप डीएम मानवेंद्र सिंह के निरीक्षण में पुष्ट हुए हैं। यही नहीं, पुस्तक आपूर्ति का भुगतान प्रकाशकों को नहीं किया गया। पूर्व में परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में अनियमित/नियम विरुद्ध/फर्जी रूप से की गई नियुक्तियों की जांच चल रही है। इसके दस्तावेज अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित समिति को न तो सहयोग किया और न ही पत्रावली उपलब्ध कराई गई। इस पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने बीएसए के खिलाफ शासन को पत्र लिखा। शासन ने प्रथम दृष्टया ये आरोप मानते हुए बीएसए मायाराम को निलंबित कर दिया गया है। इन आरोपों की जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक वाराणसी मंडल वाराणसी को पदेन जांच अधिकारी नामित किया गया है। बीएसए पर कार्रवाई होने से शिक्षा महकमे में खलबली मची हुई है।
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