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मौसम में आई आद्रता से पशुओं में बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा
Updated Wed, 25 Jul 2018 01:52 AM IST
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मौसम में आई आर्द्रता से पशुओं में बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा
ललितपुर। मौसम में आई आर्द्रता, जलभराव व कीचड़ की समस्या से पशुओं में बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। यह मौसम हानिकारक बेक्टेरिया, फंगस व विषाणुओं के फैलने के लिए अनुकूल होता है। इस स्थिति में पालतू पशुओं जैसे-गाय, भैस, पड़वा, भेड़ व बकरी आदि जीवाणुओं व फंगस के आक्रमण का शिकार हो जाते हैं। इससे बचाव के लिए पशु चिकित्सकों ने किसानों को सलाह दी है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके शाक्य ने बताया कि किसानों को अपने पालतू पशुओं को साफ चारा और पानी देना अति आवश्यक हो जाता है। इसमें थोड़ी सी असावधानी से हमारे पशु बीमारी का शिकार हो सकते हैं। विभाग द्वारा बीमारियों से रोकथाम के लिए निशुल्क टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। इस समय सबसे घातक बीमारी गलाघोटू होने की संभावना ज्यादा होती है। हमारे पशु चिकित्सक व अन्य स्टाफ घर-घर जाकर टीकाकरण का कार्य कर रहे हैं। सभी पशुपालक अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य करा लें। ऐसे पशु जिनकी उम्र 4 माह से कम हो या ऐसे गर्भित मादा पशु जो आठ माह से अधिक के गर्भित हो, उन्हें टीका नहीं लगाया जाएगा। यदि अभी तक कोई कर्मचारी टीकाकरण करने न पहुंचा हो तो निकटतम पशु चिकित्सालय से संपर्क करके टीकाकरण करवा लें। यदि पशु में बीमारी होने की संभावना लग रही हो तो तुरंत अपने निकटतम पशुचिकित्सालय से अवश्य संपर्क करें।
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ललितपुर। मौसम में आई आर्द्रता, जलभराव व कीचड़ की समस्या से पशुओं में बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। यह मौसम हानिकारक बेक्टेरिया, फंगस व विषाणुओं के फैलने के लिए अनुकूल होता है। इस स्थिति में पालतू पशुओं जैसे-गाय, भैस, पड़वा, भेड़ व बकरी आदि जीवाणुओं व फंगस के आक्रमण का शिकार हो जाते हैं। इससे बचाव के लिए पशु चिकित्सकों ने किसानों को सलाह दी है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके शाक्य ने बताया कि किसानों को अपने पालतू पशुओं को साफ चारा और पानी देना अति आवश्यक हो जाता है। इसमें थोड़ी सी असावधानी से हमारे पशु बीमारी का शिकार हो सकते हैं। विभाग द्वारा बीमारियों से रोकथाम के लिए निशुल्क टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। इस समय सबसे घातक बीमारी गलाघोटू होने की संभावना ज्यादा होती है। हमारे पशु चिकित्सक व अन्य स्टाफ घर-घर जाकर टीकाकरण का कार्य कर रहे हैं। सभी पशुपालक अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य करा लें। ऐसे पशु जिनकी उम्र 4 माह से कम हो या ऐसे गर्भित मादा पशु जो आठ माह से अधिक के गर्भित हो, उन्हें टीका नहीं लगाया जाएगा। यदि अभी तक कोई कर्मचारी टीकाकरण करने न पहुंचा हो तो निकटतम पशु चिकित्सालय से संपर्क करके टीकाकरण करवा लें। यदि पशु में बीमारी होने की संभावना लग रही हो तो तुरंत अपने निकटतम पशुचिकित्सालय से अवश्य संपर्क करें।
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